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Noida News: पटाखों से घायल 20 से ज्यादा लोग जिला अस्पताल में भर्ती
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आंखों, हाथों और चेहरे पर आईं हल्की चोटें
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दिवाली के त्योहार पर खुशियों के साथ-साथ कई हादसे भी हुए। पटाखों की चपेट में आकर 20 से अधिक लोग घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से कई को आंखों, हाथों और चेहरे पर हल्की चोटें आईं। इसके अलावा, निजी अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या अलग है।
दिवाली की रात तेज रफ्तार और लापरवाही के चलते कई दुर्घटनाएं हुईं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में 176 मरीज पहुंचे, इसमें से 5 सड़क हादसे के मामले थे। इन सभी चीजों को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से पहले से अतिरिक्त स्टाफ की ड्यूटी लगाई थी। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी की जिम्मेदारी तीन नोडल डॉक्टर व हर शिफ्ट में दो डॉक्टर को दी गई थी। डॉक्टरों और स्टाफ ने पूरी रात सतर्क रहकर घायलों का इलाज किया।
अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर पर भी कॉल आईं। लोगों ने सांस लेने में तकलीफ, जली हुई स्किन और आंखों में जलन जैसी समस्याओं को लेकर मदद मांगी। सीएमएस डॉक्टर अजय राणा ने बताया कि अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दिवाली के त्योहार पर खुशियों के साथ-साथ कई हादसे भी हुए। पटाखों की चपेट में आकर 20 से अधिक लोग घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से कई को आंखों, हाथों और चेहरे पर हल्की चोटें आईं। इसके अलावा, निजी अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या अलग है।
दिवाली की रात तेज रफ्तार और लापरवाही के चलते कई दुर्घटनाएं हुईं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में 176 मरीज पहुंचे, इसमें से 5 सड़क हादसे के मामले थे। इन सभी चीजों को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से पहले से अतिरिक्त स्टाफ की ड्यूटी लगाई थी। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी की जिम्मेदारी तीन नोडल डॉक्टर व हर शिफ्ट में दो डॉक्टर को दी गई थी। डॉक्टरों और स्टाफ ने पूरी रात सतर्क रहकर घायलों का इलाज किया।
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अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर पर भी कॉल आईं। लोगों ने सांस लेने में तकलीफ, जली हुई स्किन और आंखों में जलन जैसी समस्याओं को लेकर मदद मांगी। सीएमएस डॉक्टर अजय राणा ने बताया कि अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा।
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