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एमएलसी चुनाव : बुलंदशहर-गौतमबुद्ध नगर सीट पर भाजपा के प्रत्याशी नरेंद्र भाटी
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ग्रेटर नोएडा। भाजपा ने नरेंद्र भाटी को यूपी विधान परिषद की बुलंदशहर-गौतमबुद्ध नगर सीट का प्रत्याशी घोषित किया है। पूर्व मंत्री नरेंद्र भाटी मौजूदा विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) हैं। वे सपा सरकार में एमएलसी बने थे। विधानसभा चुनाव से पहले वे सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। मतदान 9 अप्रैल और मतगणना 12 अप्रैल को होगी।
15 मार्च से बुलंदशहर में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। नामांकन की अंतिम तिथि 19 मार्च थी, लेकिन इसे बढ़ाकर 21 मार्च कर दिया गया है। ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी निवासी नरेंद्र भाटी ने वर्ष 1975 में 18 वर्ष की उम्र में राजनीति में कदम रखा था। युवा कांग्रेस ने उन्हें दादरी ब्लॉक का अध्यक्ष बनाया था। वे वर्ष 1980 में दादरी के ब्लॉक प्रमुख बने थे। नरेंद्र सिकंदराबाद विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। नरेंद्र भाटी पूर्व मुख्यमंत्री व सपा नेता मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी रहे हैं। सपा से ही एमएलसी बने थे, लेकिन विधानसभा चुनाव-2022 में उन्होंने सपा का दामन छोड़ दिया और भाजपा में शामिल हो गए।
बड़े-बड़े दिग्गजों के सपनों पर फिरा पानी
भाजपा में लंबे समय से सक्रिय नेता भी होड़ में थे। इनमें काफी ऐसे नेता हैं, जो बड़े पदों पर हैं या रह चुके हैं। सभी ने नामांकन की तैयारी भी कर ली थी, लेकिन शनिवार को सभी के सपने चूर हो गए। वहीं, नरेंद्र को टिकट मिलने के बाद से भाजपा नेताओं में काफी रोष है। कई ने हाईकमान के समक्ष नाराजगी भी जाहिर की है।
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15 मार्च से बुलंदशहर में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। नामांकन की अंतिम तिथि 19 मार्च थी, लेकिन इसे बढ़ाकर 21 मार्च कर दिया गया है। ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी निवासी नरेंद्र भाटी ने वर्ष 1975 में 18 वर्ष की उम्र में राजनीति में कदम रखा था। युवा कांग्रेस ने उन्हें दादरी ब्लॉक का अध्यक्ष बनाया था। वे वर्ष 1980 में दादरी के ब्लॉक प्रमुख बने थे। नरेंद्र सिकंदराबाद विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। नरेंद्र भाटी पूर्व मुख्यमंत्री व सपा नेता मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी रहे हैं। सपा से ही एमएलसी बने थे, लेकिन विधानसभा चुनाव-2022 में उन्होंने सपा का दामन छोड़ दिया और भाजपा में शामिल हो गए।
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भाजपा में लंबे समय से सक्रिय नेता भी होड़ में थे। इनमें काफी ऐसे नेता हैं, जो बड़े पदों पर हैं या रह चुके हैं। सभी ने नामांकन की तैयारी भी कर ली थी, लेकिन शनिवार को सभी के सपने चूर हो गए। वहीं, नरेंद्र को टिकट मिलने के बाद से भाजपा नेताओं में काफी रोष है। कई ने हाईकमान के समक्ष नाराजगी भी जाहिर की है।
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