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Noida News: जिम्मेदारियों की वजह से छूटी पढ़ाई बुढ़ापे में कर रहे पूरा

Fri, 23 Jun 2023 01:01 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jun 2023 01:01 AM IST
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Missed studies due to responsibilities, completing in old age
जिम्मेदारियों की वजह से छूटी पढ़ाई बुढ़ापे में कर रहे पूरा
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या
जिम्मेदारियों ने छुड़ाई पढ़ाई, बुढ़ापे में कर रहे पूरा
- 95 साल की उम्र में जर्मन लैंग्वेज तो किसी ने 85 की उम्र में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की शुरू की पढ़ाई
- छोड़ऩे के बाद फिर से पढ़ने वालों का बढ़ा आंकड़ा, 30 साल से अधिक उम्र के 21,985 लोग शामिल
नेहा शर्मा
नोएडा। 55 वर्षीय कृष्णपाल नौकरी और बच्चों की जिम्मेदारियों की वजह से पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए थे। जब भी वह बच्चों को पढ़ते देखते हैं तो उनकी पढ़ने की इच्छा फिर से जागने लगती। उनका बेटा इंजीनियरिंग करने के बाद नौकरी कर रहा है। अब उन्होंने दोबारा से इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) से पढ़ाई शुरू की है। इस उम्र में पढ़ाई शुरू करने वाले कृष्णपाल अकेले नहीं हैं। 95 वर्ष के एक बुजुर्ग ने भी जर्मन लैंग्वेज में दाखिला लिया है। इससे पहले भी वह 92 साल की उम्र में एक डिग्री ले चुके हैं।
इग्नू के नोएडा क्षेत्रीय कार्यालय में पिछले छह सालों में 93,309 लोगों ने अलग-अलग पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया है। इसमें 30 साल से अधिक उम्र के 21,985 लोग शामिल हैं। सिर्फ जनवरी सेशन की बात करें तो 1423 लोगों ने लंबे अंतराल के बाद दोबारा से दाखिला लिया है। इसमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल हैं, जिन्होंने जिम्मेदारियों की वजह से पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। नोएडा क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले बागपत, बिजनौर, बुलंदशहर, पूर्वी दिल्ली, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हापुड़, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, रामपुर, संभल, सहारनपुर और शामली केंद्र आते हैं।
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सात हजार महिलाओं ने की पढ़ाई

पिछले सात सालों में 7,397 महिलाओं ने फिर से पढ़ाई शुरू की है। जनवरी सत्र में कुल 2530 महिलाओं ने दाखिले के लिए आवेदन किया है, जिसमें से 505 महिलाएं 30 वर्ष से अधिक उम्र की हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) में भी 40 साल की उम्र की महिलाएं 10वींं और 12वीं की पढ़ाई कर रही हैं।
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बच्चे और पिता एक साथ कर रहे पढ़ाई

दादरी में रहने वाले नरेश यादव ने ग्रेजुएशन के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। इसका खामियाजा उनको प्रमोशन के दौरान उठाना पड़ा। वह बताते हैं कि उनके एक साथी को इस आधार पर प्रमोशन में तवज्जो दी गई कि उनके पास पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री है। इसलिए मैंने भी पोस्ट ग्रेजुएशन करने की सोची। उनका बेटा ग्रेजुएशन कर रहा है। बेटे ने उनका दाखिला भी एमए में करा दिया।

ग्लूकोमा की वजह से आ रही दिक्क्त
76 वर्षीय जय शिव कुमार अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने इग्नू से एमबीए में दाखिला लिया था। लेकिन उन्हें ग्लूकोमा (काला मोतिया) हो गया है। इस वजह से उनको पढ़ाई में दिक्कत आ रही है। शायद अब उनके लिए पढ़ाई जारी रखना संभव नहीं है। लेकिन वह उन लोग के लिए मिसाल हैं, जो उम्र को आधार मानकर पढ़ना छोड़ देते हैं।



95 साल के एक व्यक्ति ने भी जर्मन कोर्स के लिए आवेदन किया है। यह अच्छा है कि जिन लोगों की किसी कारण से पढ़ाई छूट गई थी वह अब पूरा कर रहे हैं। इसके अलावा 80 और 76 वर्षीय की महिलाओं और पुरुषों ने भी दाखिला लिया। 30 साल की उम्र में जनवरी 2023 सत्र में 1423 अभ्यर्थियों ने दाखिला लिया है।

डॉ अमित चतुर्वेदी, वरिष्ठ क्षेत्रीय अधिकारी, इग्नू



30 साल से अधिक उम्र में पढ़ाई करने वालों का आंकड़ा
जनवरी 22 969

जुलाई 22 2042

जनवरी 23 1423
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