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निजी कंपनी में 32 करोड़ की हेराफेरी, जीएसटी विभाग ने मारा छापा
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नोएडा। सेक्टर-63 की एक कंपनी में 32 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने कंपनी से 5.50 करोड़ रुपये जमा करवाए हैं। साथ ही, बाकी की धनराशि की जांच की जा रही है। कंपनी में शुक्रवार को छापा मारा गया था, लेकिन इसकी रिपोर्ट अब पूरी हुई है।
सेंट्रल जीएसटी नोएडा के ज्वाइंट कमिश्नर दर्पण अमरावंशी के अनुसार, कंपनी की ओर से 15 करोड़ के फर्जी बिल दिखाकर पैसे वसूलने (आईटीसी) व 17 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने की सूचना मिली थी। कस्टम एवं सेंट्रल जीएसटी जोन मेरठ के अधिकारियों ने शुक्रवार को कंपनी में छापा मारा तो गड़बड़ी सामने आई।
वहीं, सीजीएसटी नोएडा की प्रधान आयुक्त रेनू के. जगदेव ने बताया कि कंपनी अन्य कंपनियों को कर्मचारियों की आपूर्ति करती है। कंपनी का करोड़ों रुपये का टर्न ओवर है। यहां टैक्स चोरी और फर्जी बिल बनाकर कमाई करने की खुफिया जानकारी मिली थी जो जांच में सही पाई गई। कंपनी के निदेशक ने गलती मानते हुए 5.50 करोड़ रुपये जमा किए हैं। कंपनी से ब्याज और जुर्माना भी वसूला जाएगा।
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सेंट्रल जीएसटी नोएडा के ज्वाइंट कमिश्नर दर्पण अमरावंशी के अनुसार, कंपनी की ओर से 15 करोड़ के फर्जी बिल दिखाकर पैसे वसूलने (आईटीसी) व 17 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने की सूचना मिली थी। कस्टम एवं सेंट्रल जीएसटी जोन मेरठ के अधिकारियों ने शुक्रवार को कंपनी में छापा मारा तो गड़बड़ी सामने आई।
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वहीं, सीजीएसटी नोएडा की प्रधान आयुक्त रेनू के. जगदेव ने बताया कि कंपनी अन्य कंपनियों को कर्मचारियों की आपूर्ति करती है। कंपनी का करोड़ों रुपये का टर्न ओवर है। यहां टैक्स चोरी और फर्जी बिल बनाकर कमाई करने की खुफिया जानकारी मिली थी जो जांच में सही पाई गई। कंपनी के निदेशक ने गलती मानते हुए 5.50 करोड़ रुपये जमा किए हैं। कंपनी से ब्याज और जुर्माना भी वसूला जाएगा।
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