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ट्रेड शो में बोले सुरेश खन्ना: ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे बीमा की जानकारी, वित्तीय समावेशन के लिए बीमा जरूरी
Mon, 28 Sep 2026 12:44 PM IST
Vijay Singh Pundir
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Mon, 28 Sep 2026 12:44 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि वर्तमान समय में बीमा की आवश्यकता, पहुंच और उपयोगिता को समझना जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों को बीमा योजनाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं है। ऐसे में बीमा एजेंटों की जिम्मेदारी है कि वे सामान्य जनता को बीमा के फायदे और इसकी प्रक्रिया के बारे में सरल भाषा में जानकारी दें।
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यूपी ट्रेड शो में बोले मंत्री सुरेश खन्ना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीमा को आम लोगों तक पहुंचाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसकी जानकारी और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। वित्तीय समावेशन के लिए बीमा बेहद जरूरी है। बीमा एजेंटों को प्रयास करना चाहिए कि इसकी जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। यह बात उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को यूपी ट्रेड शो में आयोजित 'वित्तीय समावेशन- बीमा जरूरी है' कार्यशाला में कही।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बीमा की आवश्यकता, पहुंच और उपयोगिता को समझना जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों को बीमा योजनाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं है। ऐसे में बीमा एजेंटों की जिम्मेदारी है कि वे सामान्य जनता को बीमा के फायदे और इसकी प्रक्रिया के बारे में सरल भाषा में जानकारी दें। वित्त मंत्री ने थर्ड पार्टी बीमा की आवश्यकता पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलने वाले वाहनों के लिए थर्ड पार्टी बीमा महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही लोगों को स्वास्थ्य बीमा के प्रति भी जागरूक किए जाने की जरूरत है, ताकि बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में परिवार पर अचानक आर्थिक बोझ न पड़े।
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उन्होंने कहा कि बीमा लेते समय लोगों को केवल योजना के लाभ पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि उसके नियम और शर्तों को भी अच्छी तरह समझना चाहिए। पॉलिसी की शर्तों, कवरेज, प्रीमियम, दावे की प्रक्रिया और उसमें शामिल अपवादों की जानकारी लेना जरूरी है। वहीं बीमा एजेंटों को भी ग्राहकों को योजना की पूरी और सही जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए। कार्यशाला में बीमा की आवश्यकता, उसकी पहुंच और उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि बीमा को केवल निवेश के रूप में देखने के बजाय जोखिम से सुरक्षा के माध्यम के तौर पर भी समझना चाहिए। कार्यशाला में लोगों को बीमा के दायरे में लाने पर जोर दिया गया।
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