{"_id":"647b92715ef38b19c203a796","slug":"list-of-admissions-in-rte-not-found-even-in-six-days-grnoida-news-c-23-1-gnd1003-9908-2023-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: छह दिन में भी नहीं मिली आरटीई में हुए दाखिलों की सूची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: छह दिन में भी नहीं मिली आरटीई में हुए दाखिलों की सूची
विज्ञापन
छह दिन में भी नहीं मिली आरटीई में हुए दाखिलों की सूची
-कमेटी समीक्षा के बाद दाखिला न लेने वाले स्कूलों को जारी करेगी नोटिस
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। आरटीई में दाखिला न लेने वाले स्कूलों पर कार्रवाई का मामला अटका पड़ा है। इसके लिए बनाई गई कमेटी को छह दिन बीतने के बाद भी कुल दाखिलों की सूची नहीं मिल पाई है। अब ऐसे में कमेटी किस आधार पर जांच करेगी और कैसे कार्रवाई करेगी, यह बड़ा सवाल उठा रहा है।
शासन की योजना निशुल्क बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) में दाखिले के लिए शुरू से ही निजी स्कूल आनाकानी करने में लगे हुए हैं। इसमें से कुछ स्कूलों ने तो जिलाधिकारी की बुलाई बैठक में न आकर हठधर्मिता भी दिखाई थी। इस पर स्कूलों की मनमानी को लेकर जिलाधिकारी ने कार्रवाई के लिए एसडीएम कोमल पंवार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। इस समिति में जिला विकलांग सहायता अधिकारी आशीष सिंह और डायट शिक्षिका बरखा भी थीं।
समिति ने 22 मई 27 मई को बैठक कर छह स्कूलों से जवाब मांगा था। इस दौरान इन स्कूलों की शिकायत थी कि केवल उन्हीं स्कूलों को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। इस पर 27 मई को कमेटी ने जिला बेसिक शिक्षा विभाग से आरटीई में चयनित सीटों के सापेक्ष जिले के सभी स्कूलों में दाखिले की जल्द से जल्द सूची मांगी थी। आलम यह है कि बड़ी संख्या में स्कूलों में दाखिले का दावा करने वाले शिक्षा विभाग के लिए स्वयं इसका आंकड़ा जुटाना मुश्किल हो है।
विज्ञापन
-- -
आरटीई में चयनित सीटों के सापेक्ष कितने स्कूलों ने दाखिले लिए हैं, इसकी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा विभाग से मांगी गई थी। रिपोर्ट आने के बाद दाखिला न लेने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
काेमल पंवार, एसडीएम और आरटीई जांच कमेटी की अध्यक्ष
विज्ञापन
-कमेटी समीक्षा के बाद दाखिला न लेने वाले स्कूलों को जारी करेगी नोटिस
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। आरटीई में दाखिला न लेने वाले स्कूलों पर कार्रवाई का मामला अटका पड़ा है। इसके लिए बनाई गई कमेटी को छह दिन बीतने के बाद भी कुल दाखिलों की सूची नहीं मिल पाई है। अब ऐसे में कमेटी किस आधार पर जांच करेगी और कैसे कार्रवाई करेगी, यह बड़ा सवाल उठा रहा है।
शासन की योजना निशुल्क बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) में दाखिले के लिए शुरू से ही निजी स्कूल आनाकानी करने में लगे हुए हैं। इसमें से कुछ स्कूलों ने तो जिलाधिकारी की बुलाई बैठक में न आकर हठधर्मिता भी दिखाई थी। इस पर स्कूलों की मनमानी को लेकर जिलाधिकारी ने कार्रवाई के लिए एसडीएम कोमल पंवार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। इस समिति में जिला विकलांग सहायता अधिकारी आशीष सिंह और डायट शिक्षिका बरखा भी थीं।
विज्ञापन
समिति ने 22 मई 27 मई को बैठक कर छह स्कूलों से जवाब मांगा था। इस दौरान इन स्कूलों की शिकायत थी कि केवल उन्हीं स्कूलों को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। इस पर 27 मई को कमेटी ने जिला बेसिक शिक्षा विभाग से आरटीई में चयनित सीटों के सापेक्ष जिले के सभी स्कूलों में दाखिले की जल्द से जल्द सूची मांगी थी। आलम यह है कि बड़ी संख्या में स्कूलों में दाखिले का दावा करने वाले शिक्षा विभाग के लिए स्वयं इसका आंकड़ा जुटाना मुश्किल हो है।
विज्ञापन
आरटीई में चयनित सीटों के सापेक्ष कितने स्कूलों ने दाखिले लिए हैं, इसकी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा विभाग से मांगी गई थी। रिपोर्ट आने के बाद दाखिला न लेने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
काेमल पंवार, एसडीएम और आरटीई जांच कमेटी की अध्यक्ष