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शराब तस्करों को बेची जाती हैं किराये का झांसा देकर हड़पी कारें
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी और बरामद कार।
- फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा। एक साल का फर्जी अनुबंध कर किराये पर चलवाने का झांसा देकर कई लोगों से कारें हड़पने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने एक आरोपी बुलंदशहर के इनायतपुर निवासी आसिफ को गिरफ्तार कर 12 वाहन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी पीड़ितों से कारें हड़पने के बाद उन्हें हरियाणा में शराब तस्करों को बेच देते थे। ‘अमर उजाला’ ने शुक्रवार को ही आरोपियों की लोकेशन हरियाणा में मिलने का समाचार प्रकाशित कर दिया था। मुख्य आरोपी पीजी संचालक पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी निवासी कोमिल कुमार और बहादुरगढ़ हरियाणा के लोहबा निवासी कुलदीप कुमार की तलाश अभी जारी है।
एडिशनल डीसीपी विशाल पांडे ने बताया कि दादरी के मायचा गांव निवासी मनोज शर्मा, रबूपुरा मुरादगढ़ी के गौरव शर्मा, म्याना के कृष्ण कुमार, नोएडा सेक्टर-63 के मैसर्स पल्लवी गारमेंट्स, दिल्ली के विनोद नगर निवासी सुमित गुप्ता ने बीटा-2 थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ितों ने बताया था कि वे अल्फा-2 में पीजी चलाने वाले कोमिल कुमार के संपर्क में आए थे। आरोपी ने पीड़ितों के वाहन 20 हजार से 30 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर चलवाने का झांसा दिया था। इसके लिए एक साल का अनुबंध भी किया था। ऐसे में कई लोग आरोपी के झांसे में आ गए। आरोपी ने शुरू में तय किराये का भुगतान किया। लेकिन कुछ माह बाद किराया देना बंद कर दिया। रुपये मांगने पर टरकाता रहा और फिर फरार हो गया। गिरोह ने एनसीआर के कई लोगों से तरह वाहन हड़पे हैं। कई पीड़ित अभी सामने नहीं आए हैं। बीटा-2 थाना प्रभारी संतोष त्रिपाठी की टीम ने इस मामले में आसिफ को गिरफ्तार किया है। आसिफ फिलहाल हरियाणा के बहादुरगढ़ के लोहबा गांव में रह रहा था।
कुलदीप और आसिफ बेचते हैं कारें
एडीसीपी के मुताबिक कोमिल कुमार लोगों से हड़पी हुई कारों को कुलदीप और आसिफ को बेचता था। इसके बाद कुलदीप और आसिफ हरियाणा के शराब तस्करों आदि से इन कारों का सौदा करते थे। आरोपी कई कारों को इसी तरह से बेच चुके हैं। कोमिल की गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
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एडिशनल डीसीपी विशाल पांडे ने बताया कि दादरी के मायचा गांव निवासी मनोज शर्मा, रबूपुरा मुरादगढ़ी के गौरव शर्मा, म्याना के कृष्ण कुमार, नोएडा सेक्टर-63 के मैसर्स पल्लवी गारमेंट्स, दिल्ली के विनोद नगर निवासी सुमित गुप्ता ने बीटा-2 थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ितों ने बताया था कि वे अल्फा-2 में पीजी चलाने वाले कोमिल कुमार के संपर्क में आए थे। आरोपी ने पीड़ितों के वाहन 20 हजार से 30 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर चलवाने का झांसा दिया था। इसके लिए एक साल का अनुबंध भी किया था। ऐसे में कई लोग आरोपी के झांसे में आ गए। आरोपी ने शुरू में तय किराये का भुगतान किया। लेकिन कुछ माह बाद किराया देना बंद कर दिया। रुपये मांगने पर टरकाता रहा और फिर फरार हो गया। गिरोह ने एनसीआर के कई लोगों से तरह वाहन हड़पे हैं। कई पीड़ित अभी सामने नहीं आए हैं। बीटा-2 थाना प्रभारी संतोष त्रिपाठी की टीम ने इस मामले में आसिफ को गिरफ्तार किया है। आसिफ फिलहाल हरियाणा के बहादुरगढ़ के लोहबा गांव में रह रहा था।
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कुलदीप और आसिफ बेचते हैं कारें
एडीसीपी के मुताबिक कोमिल कुमार लोगों से हड़पी हुई कारों को कुलदीप और आसिफ को बेचता था। इसके बाद कुलदीप और आसिफ हरियाणा के शराब तस्करों आदि से इन कारों का सौदा करते थे। आरोपी कई कारों को इसी तरह से बेच चुके हैं। कोमिल की गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
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