फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Like Shaheen, seven doctors had gone missing, investigation has now begun.

Noida News: शाहीन की तरह सात डाॅक्टर हुए थे लापता, अब शुरू हुई जांच

Sun, 16 Nov 2025 01:40 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 16 Nov 2025 01:40 AM IST
विज्ञापन
Like Shaheen, seven doctors had gone missing, investigation has now begun.
कानपुर। डॉ. शाहीन की तरह ही सात डॉक्टर मेडिकल कॉलेज से लापता हो गए थे। बाद में इन्हें बर्खास्त किया गया था। अब सुरक्षा एजेंसियों ने इनकी जांच भी तेज कर दी है। इनमें सर्जरी विभाग के तीन डाॅक्टर शामिल हैं। हालांकि इनमें से कई आसपास के जिलों में काम भी कर रहे हैं।
विज्ञापन

फार्माकोलाॅजी विभाग की एचओडी डाॅ. शाहीन 2013 में लापता हो गई थी। नोटिस देने के बाद भी पता न चलने पर बर्खास्त कर दिया गया था। इसी के बाद फिजियोलाॅजी, एनाटामी, मेडिसिन और सर्जरी विभाग से एक के बाद एक सात डाॅक्टर लापता हो गए थे। नोटिस जारी करने के बाद इन्हें बर्खास्त किया गया था। अब इनकी वर्तमान लोकेशन से लेकर मेडिकल काॅलेज में व्यवहार, बर्खास्तगी से पहले दिए गए नोटिस व जवाब नहीं देने से लेकर की गई कार्रवाई तक के बिंदुओं पर पड़ताल हो रही है। जांच एजेंसियां इनसे जुड़े रिकार्ड खंगाल रही हैं। इनसे संबंध रखने वालों के बारे में पता किया जा रहा है।
विज्ञापन


यह है बर्खास्त डाॅक्टरों की सूची
डाॅ. हिफजुल रहमान (फिजियोलाॅजी)
डाॅ. हामिद अंसारी (एनाटामी)
डाॅ. विभुद प्रताप सिंह (मेडिसिन)
डाॅ. समता गुप्ता (एनाटमी)
डाॅ. निसार अहमद अंसारी (सर्जरी)
डाॅ. परवेज अहमद (सर्जरी)
डाॅ. श्रवण प्रताप सिंह यादव (सर्जरी)

शाहीन के सात बैंक खातों का चला पता
सुरक्षा एजेंसियां डॉ. शाहीन के सात बैंक खातों के बारे में पता चला है। इनमें कानपुर के तीन, लखनऊ के दो और दिल्ली के दो बैंक खाते हैं। इन खातों के लेनदेन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। खातों में लेनदेन करने वालों का पता चलने पर बड़ी सफलता हासिल हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके साथ ही शाहीन जनवरी से लेकर अक्तूबर 2025 तक कितनी बार जीएसवीएम मेडिकल काॅलेज आईं और किससे-किससे मिलीं। कहां रुकीं आदि की भी जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, जांच एजेंसियों ने संगठन से जुड़े लोगों को आर्थिक मदद करने वालों की तलाश भी शुरू कर दी है। जांच एजेंसी का मानना है कि डॉ. शाहीन लंबे समय तक कानपुर और आसपास रही है। उसके बाद वह आतंकी संगठन से जुड़ गई है, लिहाजा उसके संपर्क में वह लोग भी हो सकते हैं जो संगठन के लिए आर्थिक मदद करते रहे हों। वहीं, कानपुर से पहले डॉ. शाहीन प्रयागराज से मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी। ऐसे में प्रयागराज से डॉ. शाहीन के सहपाठियों का ब्योरा भी एकत्र किया जा रहा है।




------

स्वास्थ्य शिविर लगवाने वाले एनजीओ का भी सत्यापन शुरू
डॉ. शाहीन के नेटवर्क का पता लगाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने वाले एनजीओ का भी सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही इन एनजीओ को हो रही फंडिंग पर भी नजर रखी जा रही है। एजेंसियां इन एनजीओ के खातों में आए पैसे के लेनदेन पर नजर गड़ाए हैं। साथ ही गर्म कपड़े और मेवा बेचने के लिए शहर आने वाले कश्मीरियों का भी सत्यापन किया जा रहा है। इनमें से 31 लोग ऐसे हैं जो संवेदनशील इलाकों में ही कमरा किराये पर लेकर रहते हैं। इन लोगों की गतिविधियों पर भी नजर है।


जगह के अनुसार, सब छपा हुआ है........


नेटवर्क बढ़ाने की जुगाड़ में था डॉ. परवेज
डॉ. शाहीन का शहर में सिर्फ मेडिकल कॉलेज तक ही कनेक्शन नहीं है। उसके भाई डॉ. परवेज की कानपुर में ससुराल भी है। उसके साले चमनगंज और बेकनगंज इलाके में व्यापार करते हैं। इन संवेदनशील इलाकों में कुछ बड़े आयोजनों में डॉ.परवेज के शामिल होने की बात सामने आने के बाद एजेंसियां सतर्क हैं। माना जा रहा है कि वह यहां नेटवर्क बढ़ाने की फिराक में था। इसके पहले ही वह जांच एजेंसियों के हत्थे चढ़ गया। ऐसे में अब जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुट गईं हैं, कि डॉ. परवेज कब-कब शहर आया और किन-किन लोगों के संपर्क में रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed