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Noida News: कंगारू केयर थैरेपी बनी संजीवनी, कम वजन के नवजात हो रहे स्वस्थ
Mon, 10 Nov 2025 12:44 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Mon, 10 Nov 2025 12:44 AM IST
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सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल का मदर एंड नियोनेटल केयर यूनिट (एमएनसीयू) नवजात शिशुओं के लिए संजीवनी बना है। इसमें कम वजन वाले नवजात शिशु स्वस्थ हो रहे हैं। यह वार्ड कम वजन वाले नवजात शिशुओं और उनकी मां के लिए बना है। इसमें कंगारू केयर थैरेपी दी जाती है।
महिला अस्पताल में एमएनसीयू चार फरवरी 2025 को शुरू हुआ था। इसमें अलग से स्टाफ की तैनाती है। यह वार्ड 12 बेड का है। सभी वार्ड फुल रहते हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनदीप सिंह ने बताया कि 2.5 किलोग्राम से कम वजन वाले नवजात शिशु को यह थैरेपी दी जाती है।
उन बच्चों की मां को एमएनसीयू में ही बुलाकर कंगारू मदर केयर दिलाया जाता है। महिला अस्पताल में रोजाना 20 से 25 डिलीवरी होती हैं। हर दिन औसतन सात से आठ बच्चे कम वजन वाले पैदा हो रहे हैं। इन सभी बच्चों को वजन बढ़ाने और बीमारियों से बचाने के लिए यह खास थैरेपी दी जाती है।
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उन्होंने बताया कि जैसे कंगारू के पेट में थैली होती है और बच्चा उसमें सुरक्षित रहता है। गाउन में मां के शरीर से बच्चे के शरीर का सीधा संपर्क होता है। नवजात शिशुओं का वजन बढ़ाने में 15 से 20 दिन लगते हैं। प्रतिदिन पांच से छह डिस्चार्ज होते हैं।
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महिला अस्पताल में एमएनसीयू चार फरवरी 2025 को शुरू हुआ था। इसमें अलग से स्टाफ की तैनाती है। यह वार्ड 12 बेड का है। सभी वार्ड फुल रहते हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनदीप सिंह ने बताया कि 2.5 किलोग्राम से कम वजन वाले नवजात शिशु को यह थैरेपी दी जाती है।
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उन बच्चों की मां को एमएनसीयू में ही बुलाकर कंगारू मदर केयर दिलाया जाता है। महिला अस्पताल में रोजाना 20 से 25 डिलीवरी होती हैं। हर दिन औसतन सात से आठ बच्चे कम वजन वाले पैदा हो रहे हैं। इन सभी बच्चों को वजन बढ़ाने और बीमारियों से बचाने के लिए यह खास थैरेपी दी जाती है।
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उन्होंने बताया कि जैसे कंगारू के पेट में थैली होती है और बच्चा उसमें सुरक्षित रहता है। गाउन में मां के शरीर से बच्चे के शरीर का सीधा संपर्क होता है। नवजात शिशुओं का वजन बढ़ाने में 15 से 20 दिन लगते हैं। प्रतिदिन पांच से छह डिस्चार्ज होते हैं।