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पुलिस वालों पर धोखाधड़ी की एफआईआर करने का आयुक्त को निर्देश

Fri, 12 Nov 2021 12:39 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 12:39 AM IST
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Instructions to the commissioner to file an FIR of fraud against the policemen
नई दिल्ली। अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में कथित रूप से दो आरोपपत्र दाखिल करने के मामले में जिम्मेदार पुलिस वालों पर कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने का निर्देश पुलिस आयुक्त को दिया है। अदालत ने इस मामले को पुलिस द्वारा अपने अधिकारों के दुरुपयोग का क्लासिक उदाहरण बताया। मामला जामिया नगर थाने से जुड़ा है।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौरव राव ने इस तथ्य पर पुलिस के प्रति कड़ी नाराजगी जाहिर की कि जो आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल हुआ और आरोपियों को दिया गया, वह उससे बिल्कुल अलग है जो सरकारी वकील और पीड़िता के वकील को दिया गया।
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उन्होंने इस बात पर भी गौर किया कि दोनों ही आरोपपत्रों पर जांच अधिकारी, एसएचओ और एसीपी के एक जून 2021 को दस्तखत किए दिखाए गए हैं। जो आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया गया और आरोपी को दिया गया उसमें तथ्य कुछ और हैं जबकि जो आरोपपत्र सरकारी वकील और पीड़िता के वकील के पास हैं उनमें तथ्यों कुछ और हैं।
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अदालत ने कहा कि आरोपपत्र के दो अलग सेट दाखिल करने पर झूठे तथ्य पेश करने, धोखाधड़ी और न्यायिक प्रक्रिया में दखल देने का मामला बनता है। यह गंभीर श्रेणी का विश्वासघात है। जांच अधिकारी, एसएचओ और एसीपी का आचरण द्रोही और निंदनीय है। कोर्ट के साथ धोखाधड़ी की गई है। यह पुलिस द्वारा अधिकारों के दुरुपयोग का क्लासिक उदाहरण है। इसके अलावा पुलिस वालों ने आरोपी के निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार को भी प्रभावित किया है।
अदालत ने आठ नवंबर के अपने आदेश में कहा कि कोर्ट के साथ इससे बड़ा धोखा और आरोपी के साथ इससे बड़ा पक्षपात नहीं हो सकता। इस आदेश की कॉपी पुलिस आयुक्त को भेजी जाए। आयुक्त को जांच अधिकारी, एसएचओ और एसीपी के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई करने और उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया जाता है।

अदालत ने ये भी कहा कि इसके अलावा इस मामले में और भी कई बड़ी और गंभीर खामियां हैं जो जानबूझकर की गई लगती हैं। अदालत ने अगली सुनवाई पर डीसीपी, एसीपी, जामिया नगर के एसएचओ और जांच अधिकारी को पेश होने के लिए समन जारी किया है। पेश मामला 14 साल की लड़की को छह दिन तक बंधक बनाकर कई दुष्कर्म करने से जुड़ा है।
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