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इंडिया एक्सपो मार्ट: 75 जिलों का हुनर और स्वाद देखने उमड़ी भीड़, कारीगरों से उत्पाद की खासियत पूछ रहे दर्शक

Fri, 25 Sep 2026 11:08 PM IST
Digvijay Singh माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा Published by: Digvijay Singh Updated Fri, 25 Sep 2026 11:08 PM IST
सार

कोई बनारस के पान की खासियत जान रहा है तो कोई आगरा के पेठे का स्वाद ले रहा है। किसी की नजर कारीगरों के हाथों तैयार उत्पादों पर टिक रही है तो कोई आधुनिक तकनीक और स्टार्टअप के बारे में जानकारी जुटा रहा है। इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो खरीदारी के साथ उत्तर प्रदेश को करीब से जानने और महसूस करने का मंच बन गया है।

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India Expo Mart Crowds gathered to witness skills and tastes of 75 districts with visitors asking artisans abo
ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोई बनारस के पान की खासियत जान रहा है तो कोई आगरा के पेठे का स्वाद ले रहा है। किसी की नजर कारीगरों के हाथों तैयार उत्पादों पर टिक रही है तो कोई आधुनिक तकनीक और स्टार्टअप के बारे में जानकारी जुटा रहा है। इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो खरीदारी के साथ उत्तर प्रदेश को करीब से जानने और महसूस करने का मंच बन गया है। यहां आने वाले लोग उत्पाद खरीदने के साथ उसके पीछे छिपे हुनर, परंपरा और जिले की पहचान को भी जान रहे हैं।

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स्वाद के साथ शहर को भी जान रहे लोग
एक जनपद एक व्यंजन के स्टाल में लोगों की खासी भीड़ दिखाई दे रही है। बनारस का पान, आगरा का पेठा, मुरादाबाद की चाय और जौनपुर की इमरती समेत विभिन्न जिलों के व्यंजन लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। यहां स्वाद लेने के साथ लोग संबंधित जिले और वहां के प्रसिद्ध खानपान के बारे में भी जानकारी जुटा रहे हैं।
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एक तरफ कारीगर, दूसरी तरफ स्टार्टअप
ट्रेड शो में प्रदेश की दो तस्वीरें साथ-साथ दिखाई दे रही हैं। एक तरफ पीढ़ियों से चले आ रहे हुनर को संभाले कारीगर हैं तो दूसरी तरफ नई तकनीक के साथ आगे बढ़ते युवा और स्टार्टअप। कृषि और जैविक उत्पादों से लेकर आधुनिक तकनीक तक के स्टॉल इस विविधता को और बढ़ा रहे हैं।
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फोटो और वीडियो में सहेज रहे यूपी की झलक
आकर्षक उत्पादों और खानपान के स्टॉल के सामने लोग फोटो और वीडियो बनाते भी नजर आ रहे हैं। परिवार के साथ पहुंचे दर्शकों के लिए अलग-अलग जिलों के उत्पादों को एक ही स्थान पर देखना खास अनुभव बन रहा है। यही कारण है कि ट्रेड शो कारोबार के साथ यूपी के स्वाद, हुनर और संस्कृति को अनुभव करने वाले मेले की शक्ल भी ले रहा है।

क्या बोले लोग
- यहां आकर यूपी को जानने का मौका मिला। पहली बार ऐसा मंच देखा है जहां सबकुछ मिल रहा है। - प्रेरका खंडेलवाल,दर्शक
- मेले का कैमरे में कैद कर लिया है। उत्पादों की कहानी जानने में सबसे अच्छा लगा है। - मीनाक्षी वर्मा,दर्शक

रूस से तकनीक, वियतनाम से कारोबार-पर्यटन तक, ग्लोबल बिजनेस प्लेटफॉर्म बना ट्रेड शो

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 के पहले दिन उत्तर प्रदेश के कारोबारियों को विदेशी बाजारों से जोड़ने के लिए रूस और वियतनाम के साथ व्यापार, तकनीक और निवेश के नए अवसरों पर मंथन हुआ।

चिकित्सा और औद्योगिक तकनीक में सहयोग की संभावनाएं
रूस की प्रदर्शनी में विभिन्न औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं को प्रमुखता दी गई। इसमें औद्योगिक तकनीक एवं गैस, प्रयोगशाला एवं डायग्नोस्टिक समाधान, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम तथा बिजनेस सर्विसेज से जुड़े उत्पाद एवं समाधान शामिल रहे। यूपीआईटीएस में इन क्षेत्रों की मौजूदगी ने उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य, विनिर्माण और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय कारोबारी संपर्क का अवसर उपलब्ध कराया। रूस-भारत संवाद के माध्यम से तकनीक, उत्पादों और सेवाओं के आदान-प्रदान के साथ-साथ भविष्य में संयुक्त कारोबारी अवसरों की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। रूस की ओर से भारत स्थित रूसी व्यापार प्रतिनिधित्व के ट्रेड कमिश्नर आंद्रेई सोबोलेव और डिप्टी ट्रेड कमिश्नर डॉ. येवगेनी ग्रिवा समेत वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

वियतनाम ने कारोबार के साथ दिखाई संस्कृति की विविधता
यूपीआईटीएस-2026 में वियतनाम की भागीदारी भी पहले दिन विशेष आकर्षण का केंद्र रही। वियतनाम ने अपने पवेलियन को केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित न रखते हुए उसे व्यापार, निवेश, पर्यटन, संस्कृति और खानपान के समग्र अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया। वियतनाम के पवेलियन में विमानन, पर्यटन, स्वास्थ्य, कृषि, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र एवं परिधान, इलेक्ट्रिक वाहन और पुनर्चक्रित फाइबर जैसे विभिन्न क्षेत्रों को प्रदर्शित किया गया। इससे भारतीय और विदेशी खरीदारों को वियतनाम के कारोबारी एवं औद्योगिक क्षेत्रों की विविधता को करीब से जानने का अवसर मिला। वियतनाम के राजदूत त्रिन्ह मिन्ह मान्ह के साथ विभिन्न वियतनामी कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इनमें वियतनाम एयरलाइंस, वियतजेट और विंग्रुप सहित अन्य प्रमुख कारोबारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे।

फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बढ़ाई रौनक
वियतनाम की भागीदारी का एक महत्वपूर्ण पक्ष उसका फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। वियतनामी व्यंजनों के माध्यम से देश की खाद्य संस्कृति को प्रदर्शित किया गया, वहीं सांस्कृतिक दल की प्रस्तुतियों ने दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क और सांस्कृतिक संवाद को भी मंच दिया। इस पहल के जरिए व्यापारिक प्रदर्शनी को पर्यटन और संस्कृति से जोड़ा गया। इससे यूपीआईटीएस में आने वाले आगंतुकों को वियतनाम के उत्पादों के साथ उसकी खानपान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को जानने का अवसर मिला।

डिफेंस से फार्मा और ट्रैक्टर तक, यूपी ने विदेशी निवेश के लिए खोला सेक्टरवार रोडमैप

उत्तर प्रदेश ने विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए अब सेक्टरवार रोडमैप सामने रखा है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टनर देशों के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल बैठक में अलग-अलग देशों की कंपनियों को उनकी विशेषज्ञता के अनुरूप निवेश के प्रस्ताव दिए। रूस को डिफेंस और फार्मा, वियतनाम को एविएशन, बेलारूस को हेवी मशीनरी और ट्रैक्टर तथा वुड टेक्नोलॉजी में निवेश के अवसर बताए। मुख्यमंत्री योगी ने सिंगापुर, वियतनाम, रूस, बेलारूस, जापान और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश में निवेश और कारोबार की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, कृषि के लिए अनुकूल परिस्थितियां और औद्योगिक आधार उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं।

रूसी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में डिफेंस, फार्मा और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया। मुख्यमंत्री ने कानपुर में रूसी डिफेंस कंपनियों को इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। लखनऊ नोड में ब्रह्मोस की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और प्रदेश में एके-203 राइफल के निर्माण का उदाहरण देते हुए रक्षा क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी गई। नोएडा एयरपोर्ट के पास विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में रूसी कंपनियों को निवेश और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया। बुंदेलखंड के फार्मा पार्क और ललितपुर के बल्क ड्रग पार्क में भी निवेश की संभावनाएं बताई गईं।

वियतनाम के लिए एविएशन सेक्टर पर फोकस
वियतनाम की कंपनियों को यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया। मुख्यमंत्री ने नोएडा क्षेत्र में एयर कनेक्टिविटी बढ़ने की संभावनाओं के साथ वियतनाम के प्रमुख शहरों से सीधी हवाई सेवा शुरू होने पर व्यापार और पर्यटन को मिलने वाले संभावित लाभों की बात कही।

बेलारूस को ट्रैक्टर और हेवी मशीनरी का न्योता
बेलारूस की कंपनियों के लिए हेवी मशीनरी और कृषि उपकरण को निवेश का प्रमुख क्षेत्र बताया गया। मुख्यमंत्री ने बेलारूस की ट्रैक्टर कंपनियों को उत्तर प्रदेश में असेंबलिंग यूनिट लगाने का प्रस्ताव दिया। इसके साथ ही सहारनपुर और बिजनौर के लकड़ी आधारित उत्पादों को बेलारूस की आधुनिक वुड टेक्नोलॉजी से जोड़ने की संभावनाएं भी रखी गईं। इससे ओडीओपी उत्पादों की प्रोसेसिंग और वैश्विक बाजार तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में सहयोग की संभावना जताई गई।

निवेश के साथ युवाओं की स्किलिंग पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की करीब 56 प्रतिशत आबादी युवा है। ऐसे में विदेशी कंपनियों के निवेश के साथ तकनीकी प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट को भी जोड़ा जा सकता है। बेलारूस की कंपनियों को हेवी टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने और युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित करने में सहयोग का प्रस्ताव दिया गया।

कृषि और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन में भी सहयोग
रूस के साथ कृषि और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन को भी संभावित सहयोग के क्षेत्र के रूप में रखा गया। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को देश का फूड बास्केट बताते हुए कृषि आधारित उद्योगों में निवेश की संभावनाएं बताईं। राउंड टेबल बैठक में डिफेंस, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, एविएशन, कृषि, हेवी मशीनरी, ट्रैक्टर और वुड टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टरों को अलग-अलग देशों के साथ संभावित सहयोग से जोड़ने की कोशिश हुई। ट्रेड शो के जरिए यूपी की कोशिश अब केवल विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित करने तक सीमित नहीं, बल्कि उनकी विशेषज्ञता को प्रदेश की औद्योगिक जरूरतों से जोड़कर कारोबारी साझेदारी विकसित करने की है।

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