सिस्टम की खुली पोल: कैलाश चंद को चैन से चिता भी नसीब न हुई, बरसात में तिरपाल बना सहारा; देखें वीडियो
गांव के ही मयंक भानू पंडित ने बताया कि जनपद का हाइटेक सिटी होने के चलते गांव के श्मशान घाट में अंत्येष्टि करने जैसी व्यवस्था नहीं है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की हैं।
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ग्रेटर नोएडा स्थित जारचा कोतवाली क्षेत्र के छोलस गांव में शमशान घाट में जर्जर टीन शेड होने पर खुले में अंत्येष्टि की गई। इस दौरान तेज बरसात आने पर तिरपाल लगानी पडी। चिंता को तिरपाल लगाकर बेमुश्किल बूझने से बचाया। ग्रामीण और परिवार बरसात में ही रहे। शमशान घाट के बदहाल होने को लेकर लोगों ने सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो वायरल करके भाजपा सरकार पर कटाक्ष किए है।
जारचा कोतवाली क्षेत्र के छोलस गांव में बृहस्पतिवार को देर रात में 70 साल के कैलाश चंद का निधन हो गया। शुक्रवार को उनका दाह संस्कार करने के लिए ग्रामीण और परिजन श्मशान घाट पर पहुंचे। गांव के श्मशान घाट का टीन शेड जर्जर हालत में होने के चलते बरसात बंद होने का इंतजार किया गया। दोपहर करीब 12 बजे बरसात बंद होने पर चिता बनाई गई। जैसे ही अंत्येष्टि की। बरसात शुरू हो गई। बरसात तेज होने लगी। ग्रामीणों ने तिरपाल लगाकर जलती चिंता को बचाया गया।
गांव के ही मयंक भानू पंडित ने बताया कि जनपद का हाइटेक सिटी होने के चलते गांव के श्मशान घाट में अंत्येष्टि करने जैसी व्यवस्था नहीं है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की हैं। सौंदर्य करण कागजों तक ही सिमट कर रह गया।
सपा नेता श्याम सिंह भाटी का कहना है कि अगर सरकार गांव के शमशान का विकास नहीं कर सकती तो जनता के लिए विकास कैसे कर पाएगी। शमशान का सौंदर्य करण समय रहते नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।