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Noida News: बक्सा खुले तो स्पष्ट हो सकती है खजाने के माल की वास्तविक स्थिति

Wed, 22 Oct 2025 12:34 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 22 Oct 2025 12:34 AM IST
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If the box is opened, the true state of the treasure's contents may become clear.
वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के खजाने (तोषखाना) का सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं। इस खजाने को लेकर सेवायत भी एकमत नहीं हैं। कुछ सेवायत जांच की मांग कर रहे हैं तो कुछ कह रहे हैं कि खजाने में कुछ था ही नहीं। जो कुछ था, वह बक्से में रखकर बैंक के स्ट्रांग रुम में रखवा दिया। अब बक्सा खुले तो पूरे रहस्य से पर्दा उठ सकेगा। चूंकि बैंक में रखे बक्से में एक सूची भी रखी होने का दावा सेवायत कर रहे हैं।
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कुछ सेवायतों ने दावा किया है कि उन्होंने बुजुर्गाें से सुना है कि जो बक्सा बैंक में रखा है, उसमें सूची को भी रखा गया था। सेवायत इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी ने कहा कि अंदरूनी खजाने में कुछ न मिलने की वजह से भगवान श्री बांकेबिहारीजी महाराज के बाहरी खजाने की सुरक्षा को लेकर भक्त व सेवायत शंका व्यक्त कर रहे हैं। हाई पावर्ड कमेटी द्वारा इसे तुरंत संरक्षित किया जाना चाहिए। इस बाहरी खजाने में वर्ष 1971 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मथुरा शाखा में जमा जेवरात का बक्सा एवं तलघर सील होने के बाद गत 54 सालों में आराध्य के नाम पर संग्रहित सोना-चांदी, सेवा पात्र, आभूषण, सिंहासन, झूला, नकद धनराशि - एफडी आदि सहित सभी चल -अचल संपत्तियों के दस्तावेज शामिल हैं।
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विदित हो कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर प्रबंधन हाईपावर्ड कमेटी ने मंदिर का तोषखाना खोले जाने के आदेश दिए थे। प्रशासन की ओर से सिविल जज जूनियर डिवीजन की देखरेख में दो दिन तक तोषखाने में सर्च ऑपरेशन चला। दो दिन में सोने चांदी की चार छड़ियां, चांदी का छोटा छत्र, कुछ रत्न, तांबे के दो सिक्के और बर्तन मिले। इस खजाने की चर्चा सोशल मीडिया के माध्यम से चहुंओर शुरू हो गई। यहां तक कि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी सरकार पर तंज कस दिया।
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मंदिर प्रबंधन कमेटी ने कराया था बैंक में जमा
इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी के अनुसार जो बहुचर्चित बक्सा जनमानस में कौतुहल का विषय बना हुआ है, वह पिछले 54 साल से बैंक के स्ट्रांगरूम में जमा है। वर्ष 1971 में मथुरा निवासी प्यारेलाल गोयल की अध्यक्षता एवं कृष्णगोपाल गोस्वामी, दीनानाथ गोस्वामी, केवलकृष्ण गोस्वामी, रामशंकर गोस्वामी, शांतिचरण पिंडारा की सदस्यता वाली मंदिर प्रबंधन कमेटी ने कुछ बहुमूल्य शृंगार व जेवरात से भरा बक्सा बैंक में जमा कराया था। बुजुर्ग बताते थे कि जमा कराए गए सामान की सूची बनाकर करीब दस प्रतिलिपियां तैयार कराई गई थीं। जिन्हें तत्कालीन प्रशासक मुंसिफ मथुरा, अध्यक्ष सहित कमेटी के सभी सात सदस्यों व प्रबंधक कुंदनलाल चतुर्वेदी को दिया गया था। एक प्रति बक्से के अंदर भी रखी गई थी। अब सूची अन्य किसी के पास तो मिल नहीं रही है, लेकिन बक्से में यह हो सकती है।
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