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कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट में खुलेगी हाइटेक लैब
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कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट में खुलेगी हाईटेक लैब
नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेक्टर-39 स्थित कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट में बन रही हाईटेक लैब का शुभारंभ 27 जुलाई को करेंगे। यह लैब कोरोना जांच में पश्चिमी यूपी और पड़ोसी राज्यों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इसकी क्षमता करीब 6000 रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमरेज चेन रिएक्शन (आरटीपीसीआर) की होगी।
जिम्स, चाइल्ड पीजीआई और एनआईबी ही जनपद में बड़ी सरकारी लैब हैं, लेकिन इन लैबों की क्षमता प्रतिदिन एक हजार नमूने जांचने की है। ऐसे में 6000 नमूने की क्षमता होने के कारण जिले के लिए कोरोना नियंत्रण में खासी मदद मिलेगी। पूरे मामले की तैयारी स्थानीय प्रशासन और संबंधित संस्थान की ओर से गुपचुप तरीके से की जा रही है। लैब का प्रबंधन इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से जुड़ा है। लिहाजा, लैब का प्रशासनिक दायित्व जिला प्रशासन के दायरे से बाहर है। डीएम सुहास एलवाई ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से लैब का शुभारंभ किए जाने का पुष्टि की है। वहीं, कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट का कोई अधिकृत बयान इस संबंध में नहीं आया है। यहां के अफसरों से फोन पर संपर्क साधा गया, लेकिन किसी ने फोन रिसीव करना जरूरी नहीं समझा।
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नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेक्टर-39 स्थित कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट में बन रही हाईटेक लैब का शुभारंभ 27 जुलाई को करेंगे। यह लैब कोरोना जांच में पश्चिमी यूपी और पड़ोसी राज्यों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इसकी क्षमता करीब 6000 रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमरेज चेन रिएक्शन (आरटीपीसीआर) की होगी।
जिम्स, चाइल्ड पीजीआई और एनआईबी ही जनपद में बड़ी सरकारी लैब हैं, लेकिन इन लैबों की क्षमता प्रतिदिन एक हजार नमूने जांचने की है। ऐसे में 6000 नमूने की क्षमता होने के कारण जिले के लिए कोरोना नियंत्रण में खासी मदद मिलेगी। पूरे मामले की तैयारी स्थानीय प्रशासन और संबंधित संस्थान की ओर से गुपचुप तरीके से की जा रही है। लैब का प्रबंधन इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से जुड़ा है। लिहाजा, लैब का प्रशासनिक दायित्व जिला प्रशासन के दायरे से बाहर है। डीएम सुहास एलवाई ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से लैब का शुभारंभ किए जाने का पुष्टि की है। वहीं, कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट का कोई अधिकृत बयान इस संबंध में नहीं आया है। यहां के अफसरों से फोन पर संपर्क साधा गया, लेकिन किसी ने फोन रिसीव करना जरूरी नहीं समझा।
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