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निजामुद्दीन मरकज खोलने के आग्रह पर गृह मंत्रालय से दो सप्ताह में मांगा जवाब
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने निजामुद्दीन मरकज को खोलने के दिल्ली वक्फ बोर्ड के आग्रह पर केंद्रीय गृहमंत्रालय से दो सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा है। मार्च 2020 में हुए तब्लीगी जमात के कार्यक्रम बाद कोविड नियमों के उल्लंघन के सिलसिले में निजामुद्दीन मरकज को बंद कर दिया गया था।
न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने कहा कि अभी तक केंद्र सरकार ने जवाब दाखिल नहीं किया है, क्या वह कोई जवाब देना चाहते हैं? उन्होंने केंद्र के वकील से पूछा कि आप जवाब देना चाहते हैं या नहीं? पहले दिन आपने हलफनामा पेश करने के समय मांगा था। उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि केंद्र की ओर से पहले पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट केवल रमजान के दौरान मरकज को खोलने के मुद्दे पर थी।
केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता रजत नायर ने जवाब दाखिल करने का समय मांगते हुए कहा कि वह याचिका पर एक संक्षिप्त जवाब दाखिल करेंगे। अदालत ने इस जवाब पर अपना पक्ष रखने के लिए वक्फ बोर्ड को तीन सप्ताह का समय देते हुए सुनवाई के लिए 13 सितंबर की तारीख तय कर दी।
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अदालत ने 15 अप्रैल को रमजान के दौरान 50 लोगों को मरकज में पांच वक्त की नमाज पढ़ने की अनुमति प्रदान की थी। अदालत ने कहा था कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अधिसूचना में धार्मिक स्थलों को बंद करने का निर्देश नहीं है।
वक्फ बोर्ड ने अधिवक्ता वजी शफीक के जरिये याचिका दायर कर कहा है कि अनलॉक-एक के दिशा-निर्देशों में धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दी गई थी लेकिन मरकज को अभी तक नहीं खोला गया है।
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न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने कहा कि अभी तक केंद्र सरकार ने जवाब दाखिल नहीं किया है, क्या वह कोई जवाब देना चाहते हैं? उन्होंने केंद्र के वकील से पूछा कि आप जवाब देना चाहते हैं या नहीं? पहले दिन आपने हलफनामा पेश करने के समय मांगा था। उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि केंद्र की ओर से पहले पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट केवल रमजान के दौरान मरकज को खोलने के मुद्दे पर थी।
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केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता रजत नायर ने जवाब दाखिल करने का समय मांगते हुए कहा कि वह याचिका पर एक संक्षिप्त जवाब दाखिल करेंगे। अदालत ने इस जवाब पर अपना पक्ष रखने के लिए वक्फ बोर्ड को तीन सप्ताह का समय देते हुए सुनवाई के लिए 13 सितंबर की तारीख तय कर दी।
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अदालत ने 15 अप्रैल को रमजान के दौरान 50 लोगों को मरकज में पांच वक्त की नमाज पढ़ने की अनुमति प्रदान की थी। अदालत ने कहा था कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अधिसूचना में धार्मिक स्थलों को बंद करने का निर्देश नहीं है।
वक्फ बोर्ड ने अधिवक्ता वजी शफीक के जरिये याचिका दायर कर कहा है कि अनलॉक-एक के दिशा-निर्देशों में धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दी गई थी लेकिन मरकज को अभी तक नहीं खोला गया है।