{"_id":"602d684b8ebc3ee8eb488ad2","slug":"high-court-seeks-response-from-delhi-government-on-online-meeting-and-access-to-medical-professionals-noida-news-noi566283956","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट ने कैदियों की ऑनलाइन मुलाकात व डॉक्टरों से सलाह पर सरकार से मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट ने कैदियों की ऑनलाइन मुलाकात व डॉक्टरों से सलाह पर सरकार से मांगा जवाब
विज्ञापन
नई दिल्ली। हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जेल में कैदियों को उनके मित्रों, परिजनों तथा वकीलों से साप्ताहिक ऑफलाइन या ऑनलाइन मुलाकात तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये डॉक्टरी परामर्श मुहैया कराने का आग्रह किया गया है। हाईकोर्ट ने याचिका पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। ये याचिका जेएनयू छात्राओं नताशा नरवाल तथा देवांगना कलिता ने दायर की है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने दिल्ली सरकार तथा जेल महानिदेशक को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। पीठ ने याचिका पर सुनवाई 13 अप्रैल को तय की है। नताशा व देवांगना पिंजरा तोड़ समूह की सदस्य हैं। उन्हें उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश के सिलसिले में मई 2020 में गिरफ्तार किया गया था। ये दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
याचिकाकर्ताओं ने उन्हें व अन्य कैदियों को परिजनों से मुलाकात का ऑफलाइन व ऑनलाइन विकल्प उपलब्ध कराने का निर्देेश जेल महानिदेशक को देने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि जेल नियमावली 2018 में इसका प्रावधान है।
विज्ञापन
इन्होंने अधिवक्ता अदित एस पुजारी के जरिये याचिका दायर कर उन्हें व अन्य कैदियों को डॉक्टरों व अन्य चिकित्सा पेशेवरों से ऑनलाइन परामर्श लेने का विकल्प भी मुहैया करवाने का आग्रह किया है। इसके अलावा इन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए अपने रिसर्च सुपरवाइजर तथा अन्य पेशेवरों से ऑनलाइन माध्यम से जुड़ने की अनुमति देने का भी आग्रह किया है।
याचिका में इन्होंने खाने में अंडे तथा मांसाहारी भोजन हासिल करने तथा अनुशासनात्मक कार्यवाही में कैदियों की सहभागिता निश्चित करने तथा न्याय के प्राकृतिक सिद्धांत के पालन के लिए नियमों में परिवर्तन करने या नए नियम बनाने का भी आग्रह किया है। - एजेंसी
विज्ञापन
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने दिल्ली सरकार तथा जेल महानिदेशक को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। पीठ ने याचिका पर सुनवाई 13 अप्रैल को तय की है। नताशा व देवांगना पिंजरा तोड़ समूह की सदस्य हैं। उन्हें उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश के सिलसिले में मई 2020 में गिरफ्तार किया गया था। ये दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
विज्ञापन
याचिकाकर्ताओं ने उन्हें व अन्य कैदियों को परिजनों से मुलाकात का ऑफलाइन व ऑनलाइन विकल्प उपलब्ध कराने का निर्देेश जेल महानिदेशक को देने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि जेल नियमावली 2018 में इसका प्रावधान है।
विज्ञापन
इन्होंने अधिवक्ता अदित एस पुजारी के जरिये याचिका दायर कर उन्हें व अन्य कैदियों को डॉक्टरों व अन्य चिकित्सा पेशेवरों से ऑनलाइन परामर्श लेने का विकल्प भी मुहैया करवाने का आग्रह किया है। इसके अलावा इन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए अपने रिसर्च सुपरवाइजर तथा अन्य पेशेवरों से ऑनलाइन माध्यम से जुड़ने की अनुमति देने का भी आग्रह किया है।
याचिका में इन्होंने खाने में अंडे तथा मांसाहारी भोजन हासिल करने तथा अनुशासनात्मक कार्यवाही में कैदियों की सहभागिता निश्चित करने तथा न्याय के प्राकृतिक सिद्धांत के पालन के लिए नियमों में परिवर्तन करने या नए नियम बनाने का भी आग्रह किया है। - एजेंसी