{"_id":"5fa599188ebc3e9b7818371f","slug":"high-court-seeks-centre-reply-on-neelam-katara-plea-for-security-noida-news-noi5470138147","type":"story","status":"publish","title_hn":"नीलम कटारा ने उत्तराखंड में मांगी पुलिस सुरक्षा, हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नीलम कटारा ने उत्तराखंड में मांगी पुलिस सुरक्षा, हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा की याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। नीलम कटारा शीघ्र ही उत्तराखंड शिफ्ट होने वाली हैं और उन्होंने वहां पुलिस सुरक्षा दिए जाने की मांग की है। नीलम कटारा ने कोर्ट को बताया कि वह इस माह के अंत में दिल्ली से देहरादून शिफ्ट हो जाएंगी। याचिका पर अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी।
न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए नीलम कटारा को संभावित खतरे का आंकलन कर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति ने मौखिक तौर पर कहा कि चूंकि याची को राजधानी में सुरक्षा मिली हुई है इसलिए उन्हें वहां भी सुरक्षा दी जानी चाहिए। याची के वकील ने कोर्ट को बताया कि नीलम कटारा को 2002 से पुलिस सुरक्षा मिली हुई है।
याची के वकील प्रदीप डे ने कहा कि वित्तीय एवं अन्य कारणों से वह दिल्ली से देहरादून शिफ्ट हो रही हैं। उन्हें अपनी जान का खतरा है और हाईकोर्ट के पास उन्हें दोनों स्थानों पर सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश सरकारी एजेंसियों को देने का अधिकार है। वहीं केंद्र सरकार के वकील गौरांग कांत ने कहा याची को सुरक्षा मुहैया करवाना राज्य की जिम्मेदारी है इसलिए उन्हें उत्तराखंड सरकार को अभिवेदन देना चाहिए। - एजेंसी
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए नीलम कटारा को संभावित खतरे का आंकलन कर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति ने मौखिक तौर पर कहा कि चूंकि याची को राजधानी में सुरक्षा मिली हुई है इसलिए उन्हें वहां भी सुरक्षा दी जानी चाहिए। याची के वकील ने कोर्ट को बताया कि नीलम कटारा को 2002 से पुलिस सुरक्षा मिली हुई है।
विज्ञापन
याची के वकील प्रदीप डे ने कहा कि वित्तीय एवं अन्य कारणों से वह दिल्ली से देहरादून शिफ्ट हो रही हैं। उन्हें अपनी जान का खतरा है और हाईकोर्ट के पास उन्हें दोनों स्थानों पर सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश सरकारी एजेंसियों को देने का अधिकार है। वहीं केंद्र सरकार के वकील गौरांग कांत ने कहा याची को सुरक्षा मुहैया करवाना राज्य की जिम्मेदारी है इसलिए उन्हें उत्तराखंड सरकार को अभिवेदन देना चाहिए। - एजेंसी
विज्ञापन