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गुजरात की फॉरेंसिक टीम करेगी जले हुए दस्तावेज की जांच
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गुजरात की फॉरेंसिक टीम करेगी जले हुए दस्तावेज की जांच
ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर स्थित कमांडेंट होमगार्ड दफ्तर पर वेतन घोटाले से संबंधित जलाए गए दस्तावेज की जांच के लिए गुजरात से विशेष फॉरेंसिक टीम ग्रेटर नोएडा पहुंचेगी। दावा किया जा रहा है कि टीम जले हुए दस्तावेज पर लिखे शब्दों को विशेष तकनीक की मदद से पढ़ सकती है। ऐसे में संभावना है कि आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाएंगे।
नोएडा पुलिस के करोड़ों के होमगार्ड वेतन घोटाले का खुलासा करने के बाद सोमवार रात आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के लिए दस्तावेज में आग लगा दी, लेकिन शासन की सख्ती के कारण पुलिस इस मामले में आरोपियों को किसी भी सूरत में न बख्शने का दावा कर रही है। पुलिस का कहना है कि होमगार्ड दफ्तर में जले हुए दस्तावेज की जांच के लिए गुजरात से फोरेंसिक टीम बुलाई गई है। वहीं, पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी है कि होमगार्डों के वेतन घोटाले की जून-जुलाई में प्राथमिक जांच की गई थी। इस दौरान घोटाले संबंधित यानी हाजिरी रजिस्टर आदि की जांच की गई थी। इस दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध दस्तावेज की फोटो और स्कैन कराकर अपने पास सुरक्षित कर लिया था। अब, यही साक्ष्य आरोपियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
ये है घोटाले का पूरा मामला
जिले में होमगार्डों की वेतन निकासी के करोड़ों के घोटाले में फर्जी हाजिरी रजिस्टर व दस्तावेज (मस्टर रोल) तैयार किए गए। जिन स्थानों 4-5 होमगार्ड तैनात किए जाते थे वहां 10-15 गार्डों की तैनाती दिखाकर उनका वेतन निकाला जाता था। इसके लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा के कई थानेदारों और थानों की फर्जी मुहरें भी बनाकर प्रयोग की गईं थीं। फर्जीवाड़ा वर्ष 2014 से किए जाने की जानकारी दी गई थी। घोटाले का खुलासा होने पर मामले की रिपोर्ट सूरजपुर कोतवाली में दर्ज की गई और शासन के आदेश पर तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच के लिए भेजी गई थी।
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जिले में 375 होमगार्ड की तैनाती है
जिले में लगभग 375 होमगार्ड तैनात हैं। जिले के कुल 22 थानों में औसत 10-15 होमगार्डों की तैनाती है। इनमें 10 महिला होमगार्ड हैं। सबसे ज्यादा 50 होमगार्ड यातायात व्यवस्था में योगदान देते हैं। इनके अलावा कुछ अदालत, जिलाधिकारी और एसएसपी कार्यालय में भी तैनात हैं।
गुजरात से फोरेंसिक टीम जांच के लिए ग्रेटर नोएडा आएगी। संभवत: टीम बुधवार को ग्रेटर नोएडा पहुंच सकती है। वह इस मामले में किस स्तर तक जांच कर सकती है। वह उनकी जांच के बाद ही पता चल पाएगा।
- विनीत जायसवाल, प्रभारी एसआईटी
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ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर स्थित कमांडेंट होमगार्ड दफ्तर पर वेतन घोटाले से संबंधित जलाए गए दस्तावेज की जांच के लिए गुजरात से विशेष फॉरेंसिक टीम ग्रेटर नोएडा पहुंचेगी। दावा किया जा रहा है कि टीम जले हुए दस्तावेज पर लिखे शब्दों को विशेष तकनीक की मदद से पढ़ सकती है। ऐसे में संभावना है कि आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाएंगे।
नोएडा पुलिस के करोड़ों के होमगार्ड वेतन घोटाले का खुलासा करने के बाद सोमवार रात आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के लिए दस्तावेज में आग लगा दी, लेकिन शासन की सख्ती के कारण पुलिस इस मामले में आरोपियों को किसी भी सूरत में न बख्शने का दावा कर रही है। पुलिस का कहना है कि होमगार्ड दफ्तर में जले हुए दस्तावेज की जांच के लिए गुजरात से फोरेंसिक टीम बुलाई गई है। वहीं, पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी है कि होमगार्डों के वेतन घोटाले की जून-जुलाई में प्राथमिक जांच की गई थी। इस दौरान घोटाले संबंधित यानी हाजिरी रजिस्टर आदि की जांच की गई थी। इस दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध दस्तावेज की फोटो और स्कैन कराकर अपने पास सुरक्षित कर लिया था। अब, यही साक्ष्य आरोपियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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ये है घोटाले का पूरा मामला
जिले में होमगार्डों की वेतन निकासी के करोड़ों के घोटाले में फर्जी हाजिरी रजिस्टर व दस्तावेज (मस्टर रोल) तैयार किए गए। जिन स्थानों 4-5 होमगार्ड तैनात किए जाते थे वहां 10-15 गार्डों की तैनाती दिखाकर उनका वेतन निकाला जाता था। इसके लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा के कई थानेदारों और थानों की फर्जी मुहरें भी बनाकर प्रयोग की गईं थीं। फर्जीवाड़ा वर्ष 2014 से किए जाने की जानकारी दी गई थी। घोटाले का खुलासा होने पर मामले की रिपोर्ट सूरजपुर कोतवाली में दर्ज की गई और शासन के आदेश पर तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच के लिए भेजी गई थी।
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जिले में 375 होमगार्ड की तैनाती है
जिले में लगभग 375 होमगार्ड तैनात हैं। जिले के कुल 22 थानों में औसत 10-15 होमगार्डों की तैनाती है। इनमें 10 महिला होमगार्ड हैं। सबसे ज्यादा 50 होमगार्ड यातायात व्यवस्था में योगदान देते हैं। इनके अलावा कुछ अदालत, जिलाधिकारी और एसएसपी कार्यालय में भी तैनात हैं।
गुजरात से फोरेंसिक टीम जांच के लिए ग्रेटर नोएडा आएगी। संभवत: टीम बुधवार को ग्रेटर नोएडा पहुंच सकती है। वह इस मामले में किस स्तर तक जांच कर सकती है। वह उनकी जांच के बाद ही पता चल पाएगा।
- विनीत जायसवाल, प्रभारी एसआईटी