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Noida News: 20 हजार करोड़ रुपये के बकाएदार आवंटियों के लिए आएगा ओटीएस
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20 हजार करोड़ रुपये के बकाएदार आवंटियों के लिए आएगा ओटीएस
नोट- ऑनलाइन कृपया 10 बजे तक न करें।
-ग्रुप हाउसिंग, हाउसिंग, वाणिज्यिक, संस्थागत, औद्योगिक, आईटी-आईटीएस के आवंटियों को मिलेगा मौका
-प्राधिकरण ओटीएस में ब्याज दरों पर राहत देगा, पूरा बकाया जमा करने के लिए एक साल का समय मिलेगा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण अपने 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर बकाएदार आवंटियों को ब्याज पर राहत देने के लिए एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना लाने जा रहा है। ओटीएस लाने की सैद्धांतिक मंजूरी सोमवार को प्राधिकरण बोर्ड से मिल गई है। पहली बार प्राधिकरण हाउसिंग से अतिरिक्त ग्रुप हाउसिंग, वाणिज्यिक, औद्योगिक, आईटी-आईटीएस में भी ओटीएस लाने जा रहा है। प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक इन सभी विभागों से आवंटित संपत्तियों पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये का बकाया है। ब्याज पर छूट मिलने से आवंटी बकाया जमा करने को आगे आएंगे। प्राधिकरण ओटीएस की गणना के बाद आने वाली धनराशि जमा करने के लिए एक साल का समय अपने आवंटियों को देगा।
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि ओटीएस की सैद्धांतिक मंजूरी बोर्ड से मिल गई है। आगे यह प्रस्ताव शासन में भेजा जाएगा। वहां पर छूट देने का प्रारूप तय होगा। फिर मुख्यमंत्री स्तर से मंजूरी मिलेगी। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि ब्याज पर कितनी छूट देनी है। अगर चक्रवृद्धि ब्याज की जगह पर साधारण ब्याज का विकल्प देने के निर्देश मिलते हैं तब 6 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राहत इन सभी बकाएदार आवंटियों को मिलेगी।
शुल्क का उपयोग सेक्टर के विकास पर होगा : प्राधिकरण ने सोमवार को मिक्स लैंड यूज पॉलिसी से रोक हटाने और परिवर्तन शुल्क 5 गुना बढ़ाने की मंजूरी बोर्ड से ली है। बोर्ड की अध्यक्षता कर रहे प्राधिकरण के चेयरमैन व औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने सुझाव दिया है कि मिक्स लैंड यूज पॉलिसी के तहत जमा होने वाले शुल्क को अलग खाते में रखा जाए। इसका उपयोग उस सेक्टर में सड़क चौड़ी करने, सरफेस पार्किंग विकसित करने व अन्य संसाधन पर किया जाए। इससे वहां के लोगों को वाणिज्यिक गतिविधियों के शुरू होने पर परेशानी कम होगी। अब तक सेक्टर के आवासीय या औद्योगिक व वाणिज्यिक दरों के अंतर का 10 प्रतिशत शुल्क लगता था। अब यह शुल्क 5 गुना बढ़ाकर 50 प्रतिशत होगा।
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नोट- ऑनलाइन कृपया 10 बजे तक न करें।
-ग्रुप हाउसिंग, हाउसिंग, वाणिज्यिक, संस्थागत, औद्योगिक, आईटी-आईटीएस के आवंटियों को मिलेगा मौका
-प्राधिकरण ओटीएस में ब्याज दरों पर राहत देगा, पूरा बकाया जमा करने के लिए एक साल का समय मिलेगा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण अपने 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर बकाएदार आवंटियों को ब्याज पर राहत देने के लिए एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना लाने जा रहा है। ओटीएस लाने की सैद्धांतिक मंजूरी सोमवार को प्राधिकरण बोर्ड से मिल गई है। पहली बार प्राधिकरण हाउसिंग से अतिरिक्त ग्रुप हाउसिंग, वाणिज्यिक, औद्योगिक, आईटी-आईटीएस में भी ओटीएस लाने जा रहा है। प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक इन सभी विभागों से आवंटित संपत्तियों पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये का बकाया है। ब्याज पर छूट मिलने से आवंटी बकाया जमा करने को आगे आएंगे। प्राधिकरण ओटीएस की गणना के बाद आने वाली धनराशि जमा करने के लिए एक साल का समय अपने आवंटियों को देगा।
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि ओटीएस की सैद्धांतिक मंजूरी बोर्ड से मिल गई है। आगे यह प्रस्ताव शासन में भेजा जाएगा। वहां पर छूट देने का प्रारूप तय होगा। फिर मुख्यमंत्री स्तर से मंजूरी मिलेगी। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि ब्याज पर कितनी छूट देनी है। अगर चक्रवृद्धि ब्याज की जगह पर साधारण ब्याज का विकल्प देने के निर्देश मिलते हैं तब 6 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राहत इन सभी बकाएदार आवंटियों को मिलेगी।
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शुल्क का उपयोग सेक्टर के विकास पर होगा : प्राधिकरण ने सोमवार को मिक्स लैंड यूज पॉलिसी से रोक हटाने और परिवर्तन शुल्क 5 गुना बढ़ाने की मंजूरी बोर्ड से ली है। बोर्ड की अध्यक्षता कर रहे प्राधिकरण के चेयरमैन व औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने सुझाव दिया है कि मिक्स लैंड यूज पॉलिसी के तहत जमा होने वाले शुल्क को अलग खाते में रखा जाए। इसका उपयोग उस सेक्टर में सड़क चौड़ी करने, सरफेस पार्किंग विकसित करने व अन्य संसाधन पर किया जाए। इससे वहां के लोगों को वाणिज्यिक गतिविधियों के शुरू होने पर परेशानी कम होगी। अब तक सेक्टर के आवासीय या औद्योगिक व वाणिज्यिक दरों के अंतर का 10 प्रतिशत शुल्क लगता था। अब यह शुल्क 5 गुना बढ़ाकर 50 प्रतिशत होगा।
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