Greater Noida : दूसरे दिन भी नहीं हो सकी पंढेर की रिहाई, डासना जेल पहुंचा परवाना, आज मुमकिन है आजादी
अधिकारियों के मुताबिक रिहाई का दूसरा परवाना गाजियाबाद के डासना जेल पहुंच चुका है। बताया जा रहा है शुक्रवार को किसी भी समय परवाना लुक्सर स्थित जिला जेल पहुंच जाएगा। इसके बाद उसे रिहा कर दिया जाएगा।
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निठारी कांड में बरी होने के बाद लगातार दूसरे दिन परवान नहीं पहुंचने से मोनिंदर सिंह पंढेर की रिहाई नहीं हो सकी। अधिकारियों के मुताबिक रिहाई का दूसरा परवाना गाजियाबाद के डासना जेल पहुंच चुका है। बताया जा रहा है शुक्रवार को किसी भी समय परवाना लुक्सर स्थित जिला जेल पहुंच जाएगा। इसके बाद उसे रिहा कर दिया जाएगा।
वहीं रिहाई की खबर मिलने के बाद पंढेर के चेहरे पर रौनक लौट आई है। वह तुरंत जेल से बाहर निकलना चाहता है। बीमार होने के बावजूद बुधवार और बृहस्पतिवार को वह जेल में चहलकदमी करता दिखा। जबकि इससे पहले ज्यादातर समय व्हीलचेयर पर ही बिता रहा था। इसी साल जून में उसे गाजियाबाद की डासना जेल से लुक्सर लाया गया था। बीमार होने के चलते उसे आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।
बताया जा रहा है कि वह जेल में किसी से बात नहीं करता था। जेल में उसे वीआईपी ट्रीटमेंट देने की बात कही जा रही है। जेल में उसकी हर इच्छा का ख्याल रखा जाता था। जेल के उच्चाधिकारियों से उसने चाय के बजाय काॅफी पीने की इच्छा जाहिर की गई थी। उसी समय से ही उसे अलग से काॅफी पिलाई जाती है।
जुलाई में मिलने आया था बेटा, फिर कोई नहीं आया
इसी साल जुलाई में लुक्सर जेल में पंढेर से मिलने के लिए बेटा आया था। उसके बाद उससे मिलने कोई नहीं आया। किसी ने भी उसे फोन तक नहीं किया। इस बीच जेल प्रशासन ने पंढेर से किसी परिचित को बुलाने के लिए कहा है, जिससे जेल से निकलने के बाद वह घर तक जा सके। टीबी और शुगर का मरीज होने के वजह से पंढेर को चलने में भी परेशानी है। इस कारण किसी जेल प्रशासन ने नजदीकी या परिचित को बुलाने के लिए कहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से रिहाई का परवाना पहले सीबीआई अदालत पहुंच गया जहां से उसे डासना जेल भेजा गया है। शुक्रवार को परवाना लुक्सर जेल पहुंच जाएगा। इसके बाद उसकी रिहाई कर दी जाएगी।
-अरुण प्रताप सिंह, जेल अधीक्षक लुक्सर
निठारी कांड में जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी सरकार
निठारी कांड की पैरवी में सरकार ने कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी। अब शासन स्तर पर इसकी समीक्षा की जाएगी। जरूरत पड़ी तो सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएगी। यह कहना है प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का।
बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश पर टिप्पणी नहीं की जा सकती। सरकार ने इस मामले की पैरवी मजबूती से की थी। यूपी सरकार बड़े-बड़े अपराधियों के खिलाफ ठोस पैरवी कर सजा दिला रही है। यह सिलसिला जारी रहेगी। जबकि पहले की सरकारों में अपराधियों को संरक्षण मिलता था और उनके खिलाफ गवाही तक नहीं होती थी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण कराए जाने की सूचना मिल रही है। उन गांवों में ऊंची इमारतें बन चुकी हैं जो सुरक्षित भी नहीं हैं। ऐसी इमारतों की तकनीक जांच कराई जाएगी। उन्होंने इस संबंध में प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देशित किया है। साथ ही कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी सीएम ने कहा है कि अवैध मकानों में रहने वालों के साथ ही उसका निर्माण करने वालों पर भी कार्रवाई होगी।