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ग्रेनो में बस में आग, नौ जिंदा जले: 90 प्रतिशत से अधिक जल चुके शवों की पहचान बनी चुनौती; अब ऐसे होगी शिनाख्त
Thu, 24 Sep 2026 03:51 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 24 Sep 2026 03:51 PM IST
सार
दिल्ली से महोबा जा रही एक बस में ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात हुई इस घटना में 20 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। वहीं, 90 प्रतिशत से अधिक जल चुके शवों की पहचान चुनौती बन गई है।
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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग
- फोटो : IANS
विस्तार
ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने के बाद जले शवों की पहचान पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। हादसे में कई शव 90 प्रतिशत से अधिक जल चुके हैं। बस पूरी तरह जलने के कारण यात्रियों के पास मौजूद पहचान संबंधी दस्तावेज भी नष्ट हो गए।
अभी तक कुछ मृतकों की ही पहचान हो सकी है, जबकि सात शवों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से अज्ञात शवों की पहचान के लिए कई स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण तरीका डीएनए जांच है। पोस्टमॉर्टम के दौरान अज्ञात शवों के नमूने लेकर संभावित परिजनों के रक्त या अन्य जैविक नमूनों से डीएनए मिलान कराया जा सकता है। इससे मृतक की पहचान की वैज्ञानिक पुष्टि की जा सकती है।
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अभी तक कुछ मृतकों की ही पहचान हो सकी है, जबकि सात शवों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से अज्ञात शवों की पहचान के लिए कई स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण तरीका डीएनए जांच है। पोस्टमॉर्टम के दौरान अज्ञात शवों के नमूने लेकर संभावित परिजनों के रक्त या अन्य जैविक नमूनों से डीएनए मिलान कराया जा सकता है। इससे मृतक की पहचान की वैज्ञानिक पुष्टि की जा सकती है।
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इसके अलावा बस में सफर करने वाले यात्रियों की टिकट बुकिंग और यात्री सूची महत्वपूर्ण सुराग बन सकती है। बस संचालन कंपनी के पास दर्ज दस्तावेज में जैसे टिकट में दर्ज नाम, पता और मोबाइल नंबर के आधार पर यात्रियों के परिजनों से संपर्क कर उनकी स्थिति की पुष्टि की जा सकती है। बस संचालक से आरक्षण का पूरा रिकॉर्ड भी लिया जा रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की भी पहचान में मदद
मृतकों के पास मिले मोबाइल फोन, सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की भी पहचान में मदद ली जा रही हैं। इसी तरह कपड़े, जूते, आभूषण, घड़ी और अन्य व्यक्तिगत सामान के आधार पर परिजन संभावित पहचान कराई जा रही हैं। हालांकि जले शवों की अंतिम पहचान के लिए डीएनए मिलान जैसी वैज्ञानिक प्रक्रिया को प्राथमिक आधार बनाया जा सकता है।
मृतकों के पास मिले मोबाइल फोन, सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की भी पहचान में मदद ली जा रही हैं। इसी तरह कपड़े, जूते, आभूषण, घड़ी और अन्य व्यक्तिगत सामान के आधार पर परिजन संभावित पहचान कराई जा रही हैं। हालांकि जले शवों की अंतिम पहचान के लिए डीएनए मिलान जैसी वैज्ञानिक प्रक्रिया को प्राथमिक आधार बनाया जा सकता है।
पुलिस आसपास के अस्पतालों में भर्ती घायलों और उनके बयान से भी यात्रियों की जानकारी जुटा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे की जानकारी के संबंध में परिजन जेवर थाने के नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं।
ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने से 9 लोगों की मौत, 20 को बचाया गया
दिल्ली से महोबा जा रही एक बस में ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात हुई इस घटना में 20 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
दिल्ली से महोबा जा रही एक बस में ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात हुई इस घटना में 20 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
चीफ़ फ़ायर ऑफ़िसर प्रदीप कुमार ने बताया कि रजिस्ट्रेशन नंबर BR32PA8647 वाली बस नई दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही थी, तभी जेवर पुलिस स्टेशन इलाके में एक्सप्रेसवे पर 33-किमी माइलस्टोन के पास उसमें आग लग गई।
कुमार ने कहा, "सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी, स्थानीय पुलिसकर्मी, एक रेस्क्यू टेंडर, जेवर टोल प्लाज़ा पर तैनात एक फ़ायर टेंडर और चार अन्य फ़ायर टेंडर तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाई।
उन्होंने आगे कहा, "ऑपरेशन के दौरान 20 से ज़्यादा यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया। जब पुलिस और फ़ायर सर्विस के कर्मचारी धुएं के बीच बस के अंदर गए, तो नौ लोग मृत पाए गए; ऐसा लगता है कि उनकी मौत जलने या दम घुटने से हुई है।"
कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि बस के एयर-कंडीशनिंग सिस्टम में चिंगारी या धमाके की वजह से इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल में आग लग गई होगी, जिसके बाद आग तेज़ी से फैल गई। पुलिस ने बताया कि वे मारे गए नौ लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं।