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Noida News: लखीमपुर से आए तीन शावक और मादा तेंदुआ का ठिकाना बना चिड़ियाघर

Tue, 16 Sep 2025 01:48 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 16 Sep 2025 01:48 AM IST
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Gorakhpur News: Zoo became the home of three cubs and a female leopard who came from Lakhimpur
खीरी से रेस्क्यू कर गोरखपुर चिड़ियाघर में लाया गया, तीनों शावक और मादा तेंदुआ डिहाइड्रेशन से हैं बीमार
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गोरखपुर। लखीमपुर खीरी से रेस्क्यू कर लाए गए मादा तेंदुआ और उसके तीन शावकों का चिड़ियाघर नया ठिकाना बन गया है। अस्पताल में उनको क्वारंटीन कर निगरानी की जा रही है। चारों वन्यजीव डिहाइड्रेशन की वजह से बीमार हैं। चिकित्सक उनकी देखभाल कर रहे हैं।
लखीमपुर खीरी के जंगलों से निकलकर कुछ दिनों पहले एक मादा तेंदुआ गांव के करीब आ गई थी। उसके साथ तीन शावक भी थे। आबादी के करीब तेंदुआ को देखकर ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद टीम ने उसे रेस्क्यू किया। पहले इन्हें जंगल में छोड़ने की तैयारी थी फिर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर 13 सितंबर को शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान के अस्पताल में पहुंचा दिया। यहां उनको क्वारंटीन किया गया है।
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चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य वन्यजीव चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि मादा तेंदुआ और उसके तीनों शावक डिहाइड्रेशन से पीड़ित हैं। उनका इलाज किया जा रहा है। बच्चों को मादा तेंदुआ को अलग क्वारंटीन किया गया है। मां की उम्र करीब 10 वर्ष है। वहीं, शावक करीब तीन हफ्ते के हैं। रेस्क्यू के बाद अलग रखने की वजह से माता तेंदुआ उन्हें नहीं पहचान रही। शावकों की विशेष निगरानी की जा रही है। उनको दिनभर में पांच से छह बार दूध पिलाया जा रहा है। इलाज के बाद फिलहाल सभी की हालत स्थिर है।
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चिड़ियाघर में पहले से हैं 13 तेंदुए
प्राणि उद्यान के बाड़े और रेस्क्यू सेंटर में मिलाकर इस समय 13 तेंदुए हैं। इसमें से ज्यादातर रेस्क्यू कर लाए गए हैं। चार और तेंदुओं के आने से यह संख्या 17 हो गई है। डॉ. योगेश ने बताया कि चारों का इलाज किया जा रहा है। इन्हें गोरखपुर चिड़ियाघर में रखा जाएगा या जंगल में छोड़ा जाएगा, इसपर उच्चाधिकारी निर्णय लेंगे।
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