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Noida News: बिना पंजीकरण वाले अस्पताल पर मेहरबान है स्वास्थ्य विभाग

Tue, 16 Sep 2025 01:50 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 16 Sep 2025 01:50 AM IST
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Gorakhpur News: Health department is kind to hospitals without registration
डिसेंट अस्पताल प्रकरण - एक सप्ताह बाद भी सील नहीं हुआ अस्पताल, विभागीय स्तर पर जांच भी नहीं
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गोरखपुर। शहर में सात महीने से एक अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित हो रहा था। इस अस्पताल में बड़े पैमाने पर बीमा क्लेम के नाम पर जालसाजी हो रही थी, जिसका खुलासा पुलिस ने किया है। इसके बावजूद अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने इस अस्पताल पर कोई कार्रवाई नहीं की है जबकि बिना मान्यता संचालित अस्पतालों की निगरानी और उन पर कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग में बाकायदा डिप्टी सीएमओ स्तर के अफसर नामित हैं।
डिसेंट अस्पताल जिस डॉ. एके सिंह के नाम से पंजीकृत था, उन्होंने प्रबंधन से अनबन के बाद बीते मार्च में नवीनीकरण के लिए अपनी डिग्री नहीं दी। इसके बाद पंजीकरण समाप्त हो गया। नियमानुसार अस्पताल प्रबंधन को नए डॉक्टर की नियुक्ति और उसके नाम से पंजीकरण कराना चाहिए था, लेकिन प्रबंधन ने बिना डॉक्टर के ही अस्पताल का संचालन जारी रखा। पैडलेगंज चौराहे के पास स्थित इस अस्पताल के बारे में जानकारी के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के किसी अफसर ने जांच करना भी जरूरी नहीं समझा। डॉ. एके सिंह ने जब पंजीकरण को लेकर शिकायत की तब भी प्रबंधन और डॉक्टर के बीच सुलह समझौता कराने का प्रयास किया गया। पूरा प्रकरण चर्चा में आने के बाद पुलिस की तरफ से स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा गया। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को सिर्फ नोटिस दिया।
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जानकारी के बाद भी कार्रवाई नहींपैडलेगंज चौराहे के पास मुख्य रोड के किनारे अस्पताल चल रहा था। सीएमओ कार्यालय के पंजीकरण पटल को यह पता था कि पंजीकरण का नवीनीकरण हुए बिना ही अस्पताल संचालित है फिर भी नोटिस भेजने या जांच की जहमत भी नहीं उठाई गई। पुलिस की कार्रवाई के बाद भी सबने चुप्पी साध ली जबकि इसी अस्पताल के बगल में पिछले साल एक अवैध नर्सिंग होम पकड़ा गया था।
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कोट-
डिसेंट अस्पताल के डॉक्टर ने कभी कोई शिकायत नहीं की। अस्पताल को लेकर पुलिस की कार्रवाई से पहले अन्य किसी तरह का कोई प्रकरण कार्रवाई के लिए नहीं आया। अभी पुलिस की जांच चल रही है। प्रकरण चर्चा में आने के बाद जांच कराई गई तो अस्पताल से संबंधित कोई गतिविधि संचालित होती नहीं मिली।
- डॉ. राजेश कुमार, सीएमओ
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