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Noida News: 27 वर्ष का हो गया गौतमबुद्ध नगर जिला
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27 वर्ष का हो गया गौतमबुद्ध नगर जिला
-विकिपीडिया के रिकॉर्ड में नौ जून को बना जिला, 6 मई, 1997 को हुआ था गठन
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिला सोमवार को 27 वर्ष का हो गया है। 6 मई, 1997 को जिले का गठन हुआ था। जिले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली, लेकिन प्रदेश की आर्थिक नगरी का स्थापना दिवस नहीं मनाया जाता है। वहीं, विकिपीडिया पर भी जिले के गठन की तारीख नौ जून भी गलत लिखी है।
6 मई, 1997 को गाजियाबाद के दादरी, बिसरख और बुलंदशहर के जेवर व दनकौर ब्लॉक को जोड़कर गौतमबुद्ध नगर जिला बनाया गया था। बसपा सरकार ने जिले का गठन किया था, लेकिन 13 जनवरी 2004 को सपा सरकार ने जिला खत्म कर दिया और फिर से गाजियाबाद और बुलंदशहर में शामिल कर दिया था। इसके विरोध में लोगों ने आंदोलन चलाया। हाईकोर्ट के आदेश पर 25 जून 2004 को फिर से गौतमबुद्ध नगर जिला बहाल हुआ। वहीं विकिपीडिया पर जिले का गठन 9 जून, 1997 को दर्शाया जा रहा है। इस संबंध में अफसरों को भी जानकारी है, लेकिन उसे ठीक नहीं कराया जा रहा है।
वहीं, गठन के बाद जिला विकास की रफ्तार पकड़ता चला गया। पिछले 27 वर्षों में जिले का तेजी से विकास हुआ है। नोएडा, ग्रेनो और यमुना विकास प्राधिकरण की स्थापना के बाद औद्योगिक, संस्थागत, कॉमर्शियल और आवासीय क्षेत्र तेजी से विकसित हुए। विदेशी निवेश बढ़ा। एजूकेशन हब स्थापित हुआ जो देश भर में अलग पहचान रखता है। अब अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, फिल्म सिटी समेत महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों से जिले को अलग पहचान मिली है।
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जिले पर एक नजर
कुल क्षेत्रफल- 1354 वर्ग किमी. (ग्रामीण-1205.4 और शहरी- 148.6 वर्ग किमी)
जनसंख्या - 16.48 लाख (पुरुष- 8.9 लाख व महिला- 7.5 लाख)
साक्षरता - 80.12 फीसदी (पुरुष-88.06 फीसदी व महिला 70.82 फीसदी)
लिंगानुपात- 1000 पुरुषों पर 851 महिलाएं (शहरी-836 व ग्रामीण-873 महिलाएं)
जनपद की प्रमुख चालू योजनाएं
-डीएफसीसी का ईस्टर्न व वेस्टर्न कॉरिडोर
-एक्वा लाइन मेट्रो
-यमुना एक्सप्रेसवे
- बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट
- रेलवे कंटेनर डिपो
-ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे
प्रमुख प्रगतिशील योजनाएं
-दिल्ली- मुबंई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
-रैपिड मेट्रो
-फिल्म सिटी
इन बड़ी घटनाओं से चर्चा में रहा जिला
- अगस्त 2008 में घोड़ी बछेड़ा गांव में जमीन आंदोलन में पुलिस फायरिंग में छह किसानों की जान गई
- सितंबर 2008 में इटेलियन एमएनसी ग्रेजियानो के कर्मचारियों के उग्र आंदोलन में कंपनी के सीईओ की पीट-पीटकर हत्या
- मई 2011 में भट्टा पारसौल आंदोलन में पुलिस की गोलीबारी से दो किसान और दो सिपाही की मौत
- सितंबर 2015 में बिसाहड़ा गांव में प्रतिबंधित पशु काटने की सूचना पर हुआ इकलाख हत्याकांड
- अप्रैल 2016 में दादरी में बदमाशों से मुठभेड़ में दरोगा की हत्या, साथी पुलिसकर्मी डर कर भागे
गौतमबुद्ध नगर पर एक नजर
-क्षेत्रफल: 1442 वर्ग कि॰ मी॰ (557 वर्गमील)
-मतदाता: 18.82 लाख से अधिक
-साक्षरता: 80.1 प्रतिशत
जिले का गठन 6 मई, 1997 को हुआ था। विकिपीडिया पर अगर किसी तरह की गलत जानकारी है तो उसे संशोधित कराया जाएगा। बाकी जिला तेजी से विकास की तरफ बढ़ रहा है। सभी निवासी इसमें पूरा सहयोग कर रहे हैं। सभी वासियों को जिले के 27 वर्ष पूरे होने पर बधाई।
मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी
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-विकिपीडिया के रिकॉर्ड में नौ जून को बना जिला, 6 मई, 1997 को हुआ था गठन
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिला सोमवार को 27 वर्ष का हो गया है। 6 मई, 1997 को जिले का गठन हुआ था। जिले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली, लेकिन प्रदेश की आर्थिक नगरी का स्थापना दिवस नहीं मनाया जाता है। वहीं, विकिपीडिया पर भी जिले के गठन की तारीख नौ जून भी गलत लिखी है।
6 मई, 1997 को गाजियाबाद के दादरी, बिसरख और बुलंदशहर के जेवर व दनकौर ब्लॉक को जोड़कर गौतमबुद्ध नगर जिला बनाया गया था। बसपा सरकार ने जिले का गठन किया था, लेकिन 13 जनवरी 2004 को सपा सरकार ने जिला खत्म कर दिया और फिर से गाजियाबाद और बुलंदशहर में शामिल कर दिया था। इसके विरोध में लोगों ने आंदोलन चलाया। हाईकोर्ट के आदेश पर 25 जून 2004 को फिर से गौतमबुद्ध नगर जिला बहाल हुआ। वहीं विकिपीडिया पर जिले का गठन 9 जून, 1997 को दर्शाया जा रहा है। इस संबंध में अफसरों को भी जानकारी है, लेकिन उसे ठीक नहीं कराया जा रहा है।
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वहीं, गठन के बाद जिला विकास की रफ्तार पकड़ता चला गया। पिछले 27 वर्षों में जिले का तेजी से विकास हुआ है। नोएडा, ग्रेनो और यमुना विकास प्राधिकरण की स्थापना के बाद औद्योगिक, संस्थागत, कॉमर्शियल और आवासीय क्षेत्र तेजी से विकसित हुए। विदेशी निवेश बढ़ा। एजूकेशन हब स्थापित हुआ जो देश भर में अलग पहचान रखता है। अब अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, फिल्म सिटी समेत महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों से जिले को अलग पहचान मिली है।
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जिले पर एक नजर
कुल क्षेत्रफल- 1354 वर्ग किमी. (ग्रामीण-1205.4 और शहरी- 148.6 वर्ग किमी)
जनसंख्या - 16.48 लाख (पुरुष- 8.9 लाख व महिला- 7.5 लाख)
साक्षरता - 80.12 फीसदी (पुरुष-88.06 फीसदी व महिला 70.82 फीसदी)
लिंगानुपात- 1000 पुरुषों पर 851 महिलाएं (शहरी-836 व ग्रामीण-873 महिलाएं)
जनपद की प्रमुख चालू योजनाएं
-डीएफसीसी का ईस्टर्न व वेस्टर्न कॉरिडोर
-एक्वा लाइन मेट्रो
-यमुना एक्सप्रेसवे
- बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट
- रेलवे कंटेनर डिपो
-ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे
प्रमुख प्रगतिशील योजनाएं
-दिल्ली- मुबंई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
-रैपिड मेट्रो
-फिल्म सिटी
इन बड़ी घटनाओं से चर्चा में रहा जिला
- अगस्त 2008 में घोड़ी बछेड़ा गांव में जमीन आंदोलन में पुलिस फायरिंग में छह किसानों की जान गई
- सितंबर 2008 में इटेलियन एमएनसी ग्रेजियानो के कर्मचारियों के उग्र आंदोलन में कंपनी के सीईओ की पीट-पीटकर हत्या
- मई 2011 में भट्टा पारसौल आंदोलन में पुलिस की गोलीबारी से दो किसान और दो सिपाही की मौत
- सितंबर 2015 में बिसाहड़ा गांव में प्रतिबंधित पशु काटने की सूचना पर हुआ इकलाख हत्याकांड
- अप्रैल 2016 में दादरी में बदमाशों से मुठभेड़ में दरोगा की हत्या, साथी पुलिसकर्मी डर कर भागे
गौतमबुद्ध नगर पर एक नजर
-क्षेत्रफल: 1442 वर्ग कि॰ मी॰ (557 वर्गमील)
-मतदाता: 18.82 लाख से अधिक
-साक्षरता: 80.1 प्रतिशत
जिले का गठन 6 मई, 1997 को हुआ था। विकिपीडिया पर अगर किसी तरह की गलत जानकारी है तो उसे संशोधित कराया जाएगा। बाकी जिला तेजी से विकास की तरफ बढ़ रहा है। सभी निवासी इसमें पूरा सहयोग कर रहे हैं। सभी वासियों को जिले के 27 वर्ष पूरे होने पर बधाई।
मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी