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Noida News: सुपरवाइजर की हत्या में चार सुरक्षाकर्मियों को 10-10 वर्ष का कारावास
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सुपरवाइजर की हत्या में चार गार्डाें को 10-10 वर्ष की सजा
वर्ष 2014 में नोएडा के फेज-दो कोतवाली क्षेत्र में हुई थी वारदात
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला न्यायालय की अदालत ने सुपरवाइजर की हत्या करने वाले चार सुरक्षा कर्मचारियों राजेश मिश्रा, गौरव, हरेंद्र सिंह और अजयपाल को 10-10 साल की सजा सुनाई है। नौकरी के दौरान सुपरवाइजर के टोकने पर चारों ने हत्या की थी। दाेषियों पर 10-10 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। वारदात के बाद से चारों जेल में बंद हैं।
वर्ष 2014 में नोएडा फेज-दो कोतवाली में सुरक्षा एजेंसी के सुपरवाइजर की हत्या का केस दर्ज किया गया था। आरोप था कि सुपरवाइजर नौकरी के लिए टोकता था। इस बात को लेकर विवाद होने पर चारों ने ने सुपरवाइजर की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद शव को छिपाने की कोशिश की, लेकिन अन्य सुरक्षाकर्मियों के देख लेने पर चारों भाग गए। केस दर्ज कर पुलिस ने चारों सुरक्षाकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। साथ ही जांच कर सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। जिला न्यायालय की अदालत में सुनवाई के दौरान 11 गवाह पेश हुए। कोर्ट ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर चारों को हत्या का दोषी माना।अर्थदंड नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
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वर्ष 2014 में नोएडा के फेज-दो कोतवाली क्षेत्र में हुई थी वारदात
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला न्यायालय की अदालत ने सुपरवाइजर की हत्या करने वाले चार सुरक्षा कर्मचारियों राजेश मिश्रा, गौरव, हरेंद्र सिंह और अजयपाल को 10-10 साल की सजा सुनाई है। नौकरी के दौरान सुपरवाइजर के टोकने पर चारों ने हत्या की थी। दाेषियों पर 10-10 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। वारदात के बाद से चारों जेल में बंद हैं।
वर्ष 2014 में नोएडा फेज-दो कोतवाली में सुरक्षा एजेंसी के सुपरवाइजर की हत्या का केस दर्ज किया गया था। आरोप था कि सुपरवाइजर नौकरी के लिए टोकता था। इस बात को लेकर विवाद होने पर चारों ने ने सुपरवाइजर की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद शव को छिपाने की कोशिश की, लेकिन अन्य सुरक्षाकर्मियों के देख लेने पर चारों भाग गए। केस दर्ज कर पुलिस ने चारों सुरक्षाकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। साथ ही जांच कर सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। जिला न्यायालय की अदालत में सुनवाई के दौरान 11 गवाह पेश हुए। कोर्ट ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर चारों को हत्या का दोषी माना।अर्थदंड नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
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