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सुनवाई पर नहीं पहुंचे चार बिल्डर, नोटिस
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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने सुनवाई पर नहीं आ रहे चार बिल्डरों को नोटिस जारी किया है। यूपी रेरा ने चेतावनी दी है कि अगर बिल्डर अगली सुनवाई पर नहीं आए तो खरीदारों के पक्ष में आदेश जारी कर दिया जाएगा। चार में से एक बिल्डर शाहबेरी का है। इसका प्रोजेक्ट यूपी रेरा में पंजीकृत नहीं है।
ग्रेटर नोएडा स्थित कार्यालय की विभिन्न पीठों में शिकायतों पर सुनवाई हो रही है। खरीदारों की 17 शिकायतों पर सुनवाई के दौरान बिल्डर उपस्थित नहीं हो रहे। सबसे अधिक लॉजिक्स इंफ्राटेक बिल्डर के खिलाफ 12 शिकायतें हैं। सभी शिकायतें नोएडा के सेक्टर-143 स्थित ब्लॉसम ग्रींस प्रोजेक्ट की हैं। यहां 15 टावर का निर्माण हो रहा है। अन्य तीन बिल्डर भविष्य इंडिया ग्रुप, सनशाइन ट्रेड टावर और आशियाना इंफ्रा प्रमोटर्स हैं। भविष्य इंडिया बिल्डर यूपी रेरा में पंजीकृत नहीं है। इसका शाहबेरी में भविष्य इंडिया सिटी प्लाजा के नाम से प्रोजेक्ट है। मई 2018 में बुकिंग की थी, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं दिया है। वहीं, सनशाइन ट्रेडटावर बिल्डर का सनशाइन 94 प्रोजेक्ट हैं। यहां खरीदार सात साल से कब्जा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अफसरों ने बताया कि बिल्डर सुनवाई पर नहीं आ रहे हैं और कई बार मौका दिया गया। अब यह आखिरी मौका होगा। 17 शिकायतों की सुनवाई 26 जुलाई से 8 अगस्त के बीच होगी। अगर बिल्डर नहीं आते हैं तो एकपक्षीय आदेश खरीदार के पक्ष में कर दिया जाएगा।
15 बिल्डरों और 13 बड़े आवंटियों को दोबारा नोटिस जारी
ग्रेटर नोएडा। सुप्रीम कोर्ट से अतिरिक्त मुआवजा से जुड़े आदेश के बावजूद बिल्डरों और बड़े आवंटियों ने यमुना प्राधिकरण में पैसे जमा नहीं कराए हैं। जबकि प्राधिकरण पर किसानों का अतिरिक्त मुआवजा को लेकर लगातार दबाव बढ़ रहा है। यमुना प्राधिकरण ने ऐसे 15 बिल्डरों और 13 बड़े आवंटियों को एक माह पहले नोटिस जारी किया था। पैसा जमा नहीं कराने पर इन सभी को दोबारा नोटिस जारी किया गया है। इस बार पैसे जमा नहीं कराए गए तो बकाएदारों को रिकवरी नोटिस (आरसी) जारी किए जाएंगे।
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यमुना प्राधिकरण का 15 बिल्डरों पर 1600 करोड़ रुपये और 13 बड़े आवंटियों पर 600 करोड़ रुपये बकाया है। प्राधिकरण इस राशि को किसानों को दिए जाने वाले 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे के रूप में बांटना चाहता है। इसके लिए पहले ही एक बार नोटिस दिया जा चुका है। मगर अभी तक पैसा जमा नहीं कराया है। इस वजह से प्राधिकरण को दूसरी बार नोटिस जारी करना पड़ा है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि अतिरिक्त मुआवजे की वसूली के लिए आवंटियों को दूसरी बार नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बाद भी पैसा जमा नहीं कराया जाता है तो रिकवरी नोटिस जारी किए जाएंगे।
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ग्रेटर नोएडा स्थित कार्यालय की विभिन्न पीठों में शिकायतों पर सुनवाई हो रही है। खरीदारों की 17 शिकायतों पर सुनवाई के दौरान बिल्डर उपस्थित नहीं हो रहे। सबसे अधिक लॉजिक्स इंफ्राटेक बिल्डर के खिलाफ 12 शिकायतें हैं। सभी शिकायतें नोएडा के सेक्टर-143 स्थित ब्लॉसम ग्रींस प्रोजेक्ट की हैं। यहां 15 टावर का निर्माण हो रहा है। अन्य तीन बिल्डर भविष्य इंडिया ग्रुप, सनशाइन ट्रेड टावर और आशियाना इंफ्रा प्रमोटर्स हैं। भविष्य इंडिया बिल्डर यूपी रेरा में पंजीकृत नहीं है। इसका शाहबेरी में भविष्य इंडिया सिटी प्लाजा के नाम से प्रोजेक्ट है। मई 2018 में बुकिंग की थी, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं दिया है। वहीं, सनशाइन ट्रेडटावर बिल्डर का सनशाइन 94 प्रोजेक्ट हैं। यहां खरीदार सात साल से कब्जा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अफसरों ने बताया कि बिल्डर सुनवाई पर नहीं आ रहे हैं और कई बार मौका दिया गया। अब यह आखिरी मौका होगा। 17 शिकायतों की सुनवाई 26 जुलाई से 8 अगस्त के बीच होगी। अगर बिल्डर नहीं आते हैं तो एकपक्षीय आदेश खरीदार के पक्ष में कर दिया जाएगा।
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15 बिल्डरों और 13 बड़े आवंटियों को दोबारा नोटिस जारी
ग्रेटर नोएडा। सुप्रीम कोर्ट से अतिरिक्त मुआवजा से जुड़े आदेश के बावजूद बिल्डरों और बड़े आवंटियों ने यमुना प्राधिकरण में पैसे जमा नहीं कराए हैं। जबकि प्राधिकरण पर किसानों का अतिरिक्त मुआवजा को लेकर लगातार दबाव बढ़ रहा है। यमुना प्राधिकरण ने ऐसे 15 बिल्डरों और 13 बड़े आवंटियों को एक माह पहले नोटिस जारी किया था। पैसा जमा नहीं कराने पर इन सभी को दोबारा नोटिस जारी किया गया है। इस बार पैसे जमा नहीं कराए गए तो बकाएदारों को रिकवरी नोटिस (आरसी) जारी किए जाएंगे।
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यमुना प्राधिकरण का 15 बिल्डरों पर 1600 करोड़ रुपये और 13 बड़े आवंटियों पर 600 करोड़ रुपये बकाया है। प्राधिकरण इस राशि को किसानों को दिए जाने वाले 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे के रूप में बांटना चाहता है। इसके लिए पहले ही एक बार नोटिस दिया जा चुका है। मगर अभी तक पैसा जमा नहीं कराया है। इस वजह से प्राधिकरण को दूसरी बार नोटिस जारी करना पड़ा है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि अतिरिक्त मुआवजे की वसूली के लिए आवंटियों को दूसरी बार नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बाद भी पैसा जमा नहीं कराया जाता है तो रिकवरी नोटिस जारी किए जाएंगे।