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विदेशी मेम और देसी बाबा बोले शादी का प्रमाण-पत्र चाहिए

Wed, 11 Dec 2019 01:45 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 11 Dec 2019 01:45 AM IST
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Forgine mam and Indian saint reached LIU office for marriage certificate
स्पेन की मारियम और जैतपुर में रहने वाले बाबा बालक दास शादी का प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे। - फोटो : Grnoida
विदेशी मेम और देसी बाबा बोले शादी का प्रमाणपत्र चाहिए
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ग्रेटर नोएडा। स्पेन की 53 वर्षीय मारिया और जैतपुर गांव के 68 वर्षीय बाबा बालक दास मंगलवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे। एलआईयू दफ्तर पहुंचकर दोनों ने 20 साल से साथ रहने और दो बच्चे होने का दावा कर विवाह प्रमाण पत्र की मांग की। एलआईयू के अधिकारियों ने उन्हें गौतमबुद्ध नगर में विवाह का कोई प्रमाण नहीं होने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने की सलाह दी है। साथ ही गोवा सरकार से महिला के वीजा आदि के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है।
बाबा बालक दास ने बताया कि तीर्थ स्थलों पर घूमने के दौरान 20 साल पहले उनकी मुलाकात मारिया से हुई थी। मारिया भारतीय संस्कृति से प्रभावित थीं और ईश्वर की आराधना में विश्वास रखती थीं। इस वजह से मारिया ने शादी का प्रस्ताव रखा और उन्होंने स्वीकार कर लिया। वर्तमान में उनका एक बेटा और एक बेटी है। बेटा स्नातक प्रथम वर्ष और बेटी 8वीं की छात्रा है। दोनों गोवा में पढ़ाई कर रहे हैं। मारिया गोवा में रहती है, लेकिन जैतपुर आती-जाती रहती है। बताया कि उन्होंने एक मंदिर में विवाह किया था और प्रमाण पत्र आदि नहीं बनवाया था। अब बच्चों के प्रवेश आदि में उन्हें इसकी आवश्यकता पड़ती है। इसलिए वह विवाह प्रमाण पत्र बनवाना चाहते हैं। वहीं, एलआईयू अधिकारियों ने बताया कि उनके पास गौतमबुद्ध नगर में विवाह करने का कोई प्रमाण नहीं हैं। ऐसे में उनकी मदद करना संभव नहीं है। एलआईयू अधिकारियों ने दोनों को कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने की सलाह दी। इसके बाद वह लौट गए।
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बाबा से लगाव था इसलिए की शादी
मारिया ने बताया कि उनका परिवार अक्सर भारत आता रहा है। वह भी भारत आती थीं और यहां की संस्कृति से उन्हें प्यार है। बाबा से उन्हें लगाव था और जिंदगी में कुछ अलग करना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने बाबा बालक दास से शादी कर ली और भारत में रहने लगी। इस संबंध में जैतपुर के ग्रामीणों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बाबा अधिकांश समय तीर्थ स्थलों पर रहते थे। करीब 10 साल पहले गांव में बाबा के स्पेन की महिला से विवाह करने की बात पता चली थी।
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