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होमगार्ड वेतन घोटाला
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होमगार्ड वेतन घोटाले में मंडल कमांडेंट समेत पांच गिरफ्तार
नोएडा। होमगार्ड की ड्यूटी का फर्जी मस्टर रोल तैयार कर करोड़ों रुपये के वेतन घोटाले के मामले में नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अलीगढ़ के मंडलीय कमांडेंट सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार मंडल कमांडेंट दो वर्ष तक नोएडा केे जिला कमांडेंट थे। उस दौरान सबसे अधिक अवैध रूप से वेतन निकाला गया। अन्य आरोपियों में सहायक जिला कमांडेंट और तीन अवैतनिक प्लाटून कमांडर शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से इस घोटाले को अंजाम दिया। इसके एवज में जिला कमांडेंट को 50 फीसदी हिस्सा मिलता था। अवैध वेतन निकासी और होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय में रखे मस्टर रोल में आग लगाने की घटना की जांच एसआईटी कर रही है।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि जुलाई 2019 में होमगार्ड के एक प्लाटून कमांडर ने वेतन निकासी में अनियमितता की शिकायत की थी। इस मामले की जांच एसपी सिटी से कराई गई। मई व जून के होमगार्डों के वेतन निकासी की जांच की गई तो पता चला कि इसमें सात लाख रुपये से अधिक का घोटाला हुआ है। जांच में पता चला कि होमगार्ड की ड्यूटी के फर्जी मस्टर रोल बनाकर अवैध निकासी की जाती थी। इसमें जिला होमगार्ड कमांडेंट की सहमति थी। इसके बाद पुलिस की टीम ने तत्कालीन जिला कमांडेंट (अब मंडलीय कमांडेंट, अलीगढ़) रामनारायण चौरसिया, सहायक जिला कमांडेंट सतीश चंद और अवैतनिक प्लाटून कमांडरों सत्यवीर यादव, शैलेंद्र कुमार व मोंटू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। रामनारायण वर्ष 2017 से 19 तक गौतमबुद्धनगर के जिला कमांडेंट थे। इस दौरान ही सबसे अधिक धांधली की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस पांच साल पहले तक की वेतन निकासी की जांच करेगी।
50 फीसदी जिला कमांडेंट को
पुलिस जांच में पता चला है कि होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय में सुनियोजित तरीके से यह घोटाला चल रहा था। अवैध वेतन निकासी का आधा हिस्सा यानी 50 फीसदी रकम जिला होमगार्ड कमांडेंट को मिलता था। वहीं, 25 फीसदी रकम सहायक जिला कमांडेंट को मिलता था। शेष 25 फीसदी में अवैतनिक प्लाटून कमांडर व होमगार्ड को मिलता था। यानी जिन होमगार्डों की ड्यूटी के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जाता था। उन्हें मामूली रकम मिलती थी।
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दो तरीके से होता था फर्जीवाड़ा
आरोपी लोग सबसे पहले फर्जी मस्टर रोल तैयार करते थे। इसमें दो तरह से फर्जीवाड़ा होता था। एक तो जिस थाने या कार्यालय में जितने होमगार्ड को तैनात किया जाता था। उससे डेढ़ या दो गुना संख्या फर्जी मस्टर रोल में लिखते थे। इसके बाद अतिरिक्त होमगार्डों के वेतन निकाल लिए जाते थे। होमगार्ड अपने खाते से पैसे निकालकर सभी को शेयर के मुताबिक देते थे। वहीं, दूसरा फर्जीवाड़ा कार्य दिवस बढ़ाकर करते थे। जैसे एक माह में किसी होमगार्ड ने दस दिन की ड्यूटी की तो उसका कार्य दिवस 20 से 25 दिनों का दिखाया जाता था।
4 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला
अब तक की पुलिस की जांच में यह पता चला है कि यह घोटाला चार करोड़ से अधिक का हो सकता है। पुलिस वर्ष 2014 से अब तक की वेतन निकासी की जांच करेगी। एसपी सिटी की प्राथमिक जांच में दो महीने की सैंपलिंग की गई तो 7 लाख रुपये से अधिक का घोटाला सामने आया। इसमें 114 होमगार्ड के 1327 दिन का अवैध वेतन निकाला गया।
गुजरात फॉरेंसिक टीम ने आग लगने की जांच की
होमगार्ड वेतन घोटाला के सामने आने के बाद सूरजपुर स्थित होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई थी। आग लगने से कार्यालय में रखे मस्टर रोल जल गए, लेकिन कार्यालय के अन्य हिस्सों का नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद इस मामले में मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए। आग लगने की घटना की जांच के लिए बुधवार को गुजरात की फॉरेंसिक टीम सूरजपुर पहुंची और पहले दिन साक्ष्य जुटाए। इस मामले की जांच के लिए एसपी सिटी व एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में टीमें गठित की गई हैं।
होमगार्ड वेतन घोटाले में पुलिस की टीम ने मंडलीय कमांडेंट समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, जिला कमांडेंट कार्यालय में आग लगने की घटना की भी गंभीरतापूर्वक जांच हो रही है। आग लगने में मस्टर रोल जलने के बाद भी पुलिस के पास इतने सबूत हैं कि आरोपियों को सजा दिलाई जा सके। - वैभव कृष्ण, एसएसपी
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नोएडा। होमगार्ड की ड्यूटी का फर्जी मस्टर रोल तैयार कर करोड़ों रुपये के वेतन घोटाले के मामले में नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अलीगढ़ के मंडलीय कमांडेंट सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार मंडल कमांडेंट दो वर्ष तक नोएडा केे जिला कमांडेंट थे। उस दौरान सबसे अधिक अवैध रूप से वेतन निकाला गया। अन्य आरोपियों में सहायक जिला कमांडेंट और तीन अवैतनिक प्लाटून कमांडर शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से इस घोटाले को अंजाम दिया। इसके एवज में जिला कमांडेंट को 50 फीसदी हिस्सा मिलता था। अवैध वेतन निकासी और होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय में रखे मस्टर रोल में आग लगाने की घटना की जांच एसआईटी कर रही है।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि जुलाई 2019 में होमगार्ड के एक प्लाटून कमांडर ने वेतन निकासी में अनियमितता की शिकायत की थी। इस मामले की जांच एसपी सिटी से कराई गई। मई व जून के होमगार्डों के वेतन निकासी की जांच की गई तो पता चला कि इसमें सात लाख रुपये से अधिक का घोटाला हुआ है। जांच में पता चला कि होमगार्ड की ड्यूटी के फर्जी मस्टर रोल बनाकर अवैध निकासी की जाती थी। इसमें जिला होमगार्ड कमांडेंट की सहमति थी। इसके बाद पुलिस की टीम ने तत्कालीन जिला कमांडेंट (अब मंडलीय कमांडेंट, अलीगढ़) रामनारायण चौरसिया, सहायक जिला कमांडेंट सतीश चंद और अवैतनिक प्लाटून कमांडरों सत्यवीर यादव, शैलेंद्र कुमार व मोंटू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। रामनारायण वर्ष 2017 से 19 तक गौतमबुद्धनगर के जिला कमांडेंट थे। इस दौरान ही सबसे अधिक धांधली की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस पांच साल पहले तक की वेतन निकासी की जांच करेगी।
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50 फीसदी जिला कमांडेंट को
पुलिस जांच में पता चला है कि होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय में सुनियोजित तरीके से यह घोटाला चल रहा था। अवैध वेतन निकासी का आधा हिस्सा यानी 50 फीसदी रकम जिला होमगार्ड कमांडेंट को मिलता था। वहीं, 25 फीसदी रकम सहायक जिला कमांडेंट को मिलता था। शेष 25 फीसदी में अवैतनिक प्लाटून कमांडर व होमगार्ड को मिलता था। यानी जिन होमगार्डों की ड्यूटी के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जाता था। उन्हें मामूली रकम मिलती थी।
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दो तरीके से होता था फर्जीवाड़ा
आरोपी लोग सबसे पहले फर्जी मस्टर रोल तैयार करते थे। इसमें दो तरह से फर्जीवाड़ा होता था। एक तो जिस थाने या कार्यालय में जितने होमगार्ड को तैनात किया जाता था। उससे डेढ़ या दो गुना संख्या फर्जी मस्टर रोल में लिखते थे। इसके बाद अतिरिक्त होमगार्डों के वेतन निकाल लिए जाते थे। होमगार्ड अपने खाते से पैसे निकालकर सभी को शेयर के मुताबिक देते थे। वहीं, दूसरा फर्जीवाड़ा कार्य दिवस बढ़ाकर करते थे। जैसे एक माह में किसी होमगार्ड ने दस दिन की ड्यूटी की तो उसका कार्य दिवस 20 से 25 दिनों का दिखाया जाता था।
4 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला
अब तक की पुलिस की जांच में यह पता चला है कि यह घोटाला चार करोड़ से अधिक का हो सकता है। पुलिस वर्ष 2014 से अब तक की वेतन निकासी की जांच करेगी। एसपी सिटी की प्राथमिक जांच में दो महीने की सैंपलिंग की गई तो 7 लाख रुपये से अधिक का घोटाला सामने आया। इसमें 114 होमगार्ड के 1327 दिन का अवैध वेतन निकाला गया।
गुजरात फॉरेंसिक टीम ने आग लगने की जांच की
होमगार्ड वेतन घोटाला के सामने आने के बाद सूरजपुर स्थित होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई थी। आग लगने से कार्यालय में रखे मस्टर रोल जल गए, लेकिन कार्यालय के अन्य हिस्सों का नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद इस मामले में मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए। आग लगने की घटना की जांच के लिए बुधवार को गुजरात की फॉरेंसिक टीम सूरजपुर पहुंची और पहले दिन साक्ष्य जुटाए। इस मामले की जांच के लिए एसपी सिटी व एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में टीमें गठित की गई हैं।
होमगार्ड वेतन घोटाले में पुलिस की टीम ने मंडलीय कमांडेंट समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, जिला कमांडेंट कार्यालय में आग लगने की घटना की भी गंभीरतापूर्वक जांच हो रही है। आग लगने में मस्टर रोल जलने के बाद भी पुलिस के पास इतने सबूत हैं कि आरोपियों को सजा दिलाई जा सके। - वैभव कृष्ण, एसएसपी