{"_id":"6abbbfb08b5e9129fa0b22f6","slug":"first-successful-heart-transplant-in-noida-heart-arrived-in-16-minutes-noida-news-c-1-noi1095-4777666-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: नोएडा में पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट, 16 मिनट में पहुंचा दिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: नोएडा में पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट, 16 मिनट में पहुंचा दिल
विज्ञापन
-20 किमी के ग्रीन कॉरिडोर से 16 मिनट में अस्पताल पहुंचा डोनर हार्ट, 56 वर्षीय मरीज को मिला नया जीवन
फोटो-
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में 56 वर्षीय मरीज का हार्ट ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया। अस्पताल के अनुसार यह नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट है। विश्व हृदय दिवस पर आयोजित प्रेसवार्ता में डॉक्टरों ने इसकी जानकारी दी।अस्पताल के कार्डियक साइंसेज के चेयरमैन डॉ. अजय कौल के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने सर्जरी की। उन्होंने बताया कि मरीज तपस कुमार डे कई वर्षों से क्रोनिक हार्ट फेलियर से जूझ रहे थे। दवाओं से सांस फूलने की समस्या नियंत्रित नहीं हो रही थी और उनकी स्थिति गंभीर थी। तत्काल ट्रांसप्लांट नहीं होने पर बचने की संभावना काफी कम थी।
16 मिनट में पहुंचा डोनर हार्ट-
डॉ. कौल के अनुसार मरीज के लिए हरियाणा के पंचकुला में डोनर हार्ट उपलब्ध हुआ। इसे दो से तीन घंटे के भीतर मरीज में प्रत्यारोपित करना जरूरी था। इसके लिए नोटो, उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस, एयरपोर्ट अथॉरिटी और जिला प्रशासन के बीच समन्वय किया गया। डोनर हार्ट को हवाई मार्ग से हिंडन एयरपोर्ट लाया गया। इसके बाद गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर ट्रैफिक पुलिस ने करीब 20 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इसके जरिए दिल को 16 मिनट में अस्पताल पहुंचाया गया। सर्जिकल टीम ने मरीज का खराब दिल निकालकर डोनर हार्ट को मुख्य धमनियों से जोड़ दिया। मरीज तपस कुमार डे ने डोनर परिवार के प्रति आभार जताते हुए इसे अपने लिए नया जीवन बताया।
विज्ञापन
फोटो-
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में 56 वर्षीय मरीज का हार्ट ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया। अस्पताल के अनुसार यह नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट है। विश्व हृदय दिवस पर आयोजित प्रेसवार्ता में डॉक्टरों ने इसकी जानकारी दी।अस्पताल के कार्डियक साइंसेज के चेयरमैन डॉ. अजय कौल के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने सर्जरी की। उन्होंने बताया कि मरीज तपस कुमार डे कई वर्षों से क्रोनिक हार्ट फेलियर से जूझ रहे थे। दवाओं से सांस फूलने की समस्या नियंत्रित नहीं हो रही थी और उनकी स्थिति गंभीर थी। तत्काल ट्रांसप्लांट नहीं होने पर बचने की संभावना काफी कम थी।
16 मिनट में पहुंचा डोनर हार्ट-
डॉ. कौल के अनुसार मरीज के लिए हरियाणा के पंचकुला में डोनर हार्ट उपलब्ध हुआ। इसे दो से तीन घंटे के भीतर मरीज में प्रत्यारोपित करना जरूरी था। इसके लिए नोटो, उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस, एयरपोर्ट अथॉरिटी और जिला प्रशासन के बीच समन्वय किया गया। डोनर हार्ट को हवाई मार्ग से हिंडन एयरपोर्ट लाया गया। इसके बाद गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर ट्रैफिक पुलिस ने करीब 20 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इसके जरिए दिल को 16 मिनट में अस्पताल पहुंचाया गया। सर्जिकल टीम ने मरीज का खराब दिल निकालकर डोनर हार्ट को मुख्य धमनियों से जोड़ दिया। मरीज तपस कुमार डे ने डोनर परिवार के प्रति आभार जताते हुए इसे अपने लिए नया जीवन बताया।
विज्ञापन