भारी पड़ा प्रदर्शन: एक हजार से अधिक किसानों के खिलाफ एफआईआर, नोएडा प्राधिकरण के बाहर की थी तोड़फोड़
किसानों के नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर तक पहुंचने और बैरिकेडिंग तोड़कर सड़क जाम लगाने के मामले में सुखबीर खलीफा समेत 1000 से अधिक किसानों के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-20 में एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें 20 से अधिक किसान नेता नामजद हैं।
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आबादी, 10 फीसदी भूखंड देने और मकानों पर प्राधिकरण की जगह किसानों का नाम दर्ज कराने समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर 81 गांवों के किसानों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। कड़ी पुलिस व्यवस्था और चार बैरिकेडिंग और एक गेट को तोड़ते हुए किसान नोएडा प्राधिकरण तक जा पहुंचे। सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण कार्यालय के बाहर करीब डेढ़ घंटे तक किसानों और पुलिस के बीच जमकर धक्कामुक्की हुई। बाद में किसान चेतावनी देकर लौट गए। उन्होंने अगले सोमवार को प्राधिकरण के अंदर घुसकर अफसरों के साथ बैठकर अपनी समस्याओं का समाधान कराने की बात कही है। हालांकि अब यह विरोध किसानों पर भारी पड़ रहा है। प्रशासन उनपर कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
लगातार चार बैरिकेड तोड़ते गए किसान
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे हरौला बरात घर स्थित धरना स्थल पर पंचायत को संबोधित करते हुए किसान नेता सुखवीर खलीफा ने कहा कि किसान प्राधिकरण दफ्तर पर ताला लगाकर ही लौटेंगे। सुखवीर के एलान के बाद बरात घर से किसान प्राधिकरण की ओर चल पड़े। किसान बरात घर के पास लगे बैरिकेड को तोड़कर आगे बढ़ गए।
संदीप पेपर मिल के पास किसानों और पुलिसकर्मियों की बीच धक्कामुक्की हुई। वहां दूसरे बैरिकेड को भी किसानों ने ध्वस्त कर दिया। इसके बाद डीसीपी आफिस की ओर जाने वाले मार्ग पर तीसरे बैरिकेड को भी पुलिसकर्मी बचा नहीं पाए। इसके कुछ दूरी आगे चौथे बैरिकेड तोड़कर किसान प्राधिकरण दफ्तर के पास पहुंच गए। वहां पर प्राधिकरण जाने से पहले लगे हुए गेट को किसानों ने तोड़ दिया।
उधर, किसानों के बैरिकेड तोड़ने की सूचना पुलिस महकमे में वायरलेस से दे दी गई। सूचना मिलते ही जिले भर के पुलिस अधिकारी एडीसीपी, एसीपी, इंस्पेक्टर और अन्य फोर्स को तत्काल मौके पर पहुंच गए। प्राधिकरण के मुख्य गेट के पास लगे बैरिकेड तक किसानों के पहुंचने से पहले भारी पुलिसबल मौके पर पहुंच चुका था। पुलिस ने किसानों को चेतावनी दी तो किसान वहीं पर धरना देकर बैठ गए। करीब डेढ़ घंटे तक किसानों ने प्राधिकरण गेट पर ही प्रदर्शन किया और फिर बिना ताला लगाए लौट गए।
आखिर कब तक सब्र रखेंगे किसान: सुखवीर
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए किसान नेता सुखवीर खलीफा ने कहा कि प्राधिकरण अधिकारियों ने किसानों की कोई मांगें बोर्ड बैठक में नहीं रखीं। जबकि किसान 26 दिन से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और उनके कई साथी जेल तक जा चुके हैं।
अब किसानों का सब्र टूट रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों का सब्र टूटा तो घोड़ी-बछेड़ा या भट्टा-पारसौल जैसी स्थिति भी बन सकती है। उन्होंने कहा कि आज तो बिना ताला जडे़ किसान वापस जा रहे हैं लेकिन आने वाले सोमवार को किसान फिर आएंगे। उस दिन प्राधिकरण के अंदर घुसकर अधिकारियों के साथ बैठकर अपनी समस्या हल कराई जाएगी।
बुजुर्ग महिला को बनाएंगे सीईओ
किसान सुरेंद्र ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी किसानों की समस्या को दूर नहीं कर पा रही हैं। इसलिए उनको कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही किसान प्राधिकरण पर ताला जड़ने आएंगे और उसी दिन बुजुर्ग महिला को प्राधिकरण का सीईओ बनाकर समस्या का हल कराएंगे।
अनपढ़ बेटा मंजूर, प्राधिकरण में बैठे भ्रष्टाचारी अधिकारी नहीं चाहिए
किसानों ने कहा कि उनको अपने बच्चों को अनपढ़ रखना मंजूर है, लेकिन ऐसी संतान नहीं चाहिए जिनके मुंह, आंख, नाक और कान भ्रष्टाचार में डूबे हों। उन्होंने यहां तक कहा कि बेटा यदि आईएएस अधिकारी बन जाए और वह प्राधिकरण में बैठे भ्रष्टाचारी अफसरों की तरह व्यवहार करने लगे तो वह उससे नाता तोड़ लेंगे।
सुखबीर खलीफा समेत एक हजार से अधिक किसानों पर एफआईआर
सोमवार को किसानों के नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर तक पहुंचने और बैरिकेडिंग तोड़कर सड़क जाम लगाने के मामले में सुखबीर खलीफा समेत 1000 से अधिक किसानों के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-20 में एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें 20 से अधिक किसान नेता नामजद हैं।
अपर पुलिस उपायुक्त रणविजय सिंह ने बताया कि सोमवार को 1000 से अधिक किसान हरौला बरात घर से निकलकर प्राधिकरण कार्यालय तक पहुंच गए थे। इस दौरान किसानों ने काफी हंगामा और प्रदर्शन किया था। उग्र किसानों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी थी और सड़क पर जाम भी लगा दिया था।