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ट्विन टावर का अंतिम ब्लास्ट डिजाइन तैयार, पुलिस से मांगी एनओसी
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नोएडा। सेक्टर-93ए एमराल्ड कोर्ट स्थित ट्विन टावर के अंतिम ब्लास्ट का डिजाइन तैयार हो गया है। एडिफिस इंजीनियरिंग ने पुलिस से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मांगा है। सुपरटेक बिल्डर और एडिफिस इंजीनियरिंग ने प्राधिकरण को प्रगति रिपोर्ट भी सौंप दी है।
21 अगस्त को ब्लास्ट से पहले बेसमेंट के अलावा टावर के आसपास सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। इसमें बेसमेंट में मलबा भरने के अलावा टावर के आसपास कंटेनर लगाने और गेल की पाइपलाइन को बचाने के लिए सेफगार्ड लगाकर ऊपर मलबा भरा जा रहा है। ब्लास्ट के दौरान मलबा बाहर न जाए इसके लिए टावरों को काले और सफेद जिओ फाइबर टेक्सटाइल से ढकने का काम चल रहा है। ब्लास्ट के दौरान एमराल्ड कोर्ट और एटीएस के सात टावरों को भी जिओ फाइबर टेक्सटाइल से ढका जाएगा।
अगले सप्ताह अंतिम बैठक होगी। इसमें ट्विन टावर गिराने के लिए बनाई गई समिति के सभी स्टेक होल्डर शामिल होंगे। बैठक में ब्लास्ट के प्रारूप पर चर्चा होंगी। इसमें ब्लास्ट कर इमारत को गिराने से लेकर मलबा उठाने तक की योजना का प्रस्तुतिकरण होगा।
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एक अगस्त से लगेगा विस्फोटक
एक अगस्त से ट्विन टावर में विस्फोटक लगाने का काम शुरू हो जाएगा। ट्विन टावर के पिलर में किए गए 10 हजार होल में विस्फोटक लगेगा। इसके अलावा लोहे की जाली लगाई जाएगी। फिर पिलर को छह से सात लेयर में जिओ फाइबर टेक्सटाइल से लपेटा जाएगा, ताकि विस्फोट के दौरान पिलर का मलबा इधर उधर न उड़े और पिलर अपने स्थान पर ही ढह जाए।
500 से अधिक पुलिसकर्मियों का होगा सहयोग
ट्विन टावर के अंतिम ब्लास्ट के दिन 500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। अंतिम ब्लास्ट से पहले रिहर्सल भी होगी। इसमें सुरक्षा के बाबत निरीक्षण आदि होंगे, जहां भी कमी दिखेगी। उसे दूर करने का काम किया जाएगा, ताकि अंतिम ब्लास्ट के दौरान किसी तरह की चूक न हो सके।
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21 अगस्त को ब्लास्ट से पहले बेसमेंट के अलावा टावर के आसपास सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। इसमें बेसमेंट में मलबा भरने के अलावा टावर के आसपास कंटेनर लगाने और गेल की पाइपलाइन को बचाने के लिए सेफगार्ड लगाकर ऊपर मलबा भरा जा रहा है। ब्लास्ट के दौरान मलबा बाहर न जाए इसके लिए टावरों को काले और सफेद जिओ फाइबर टेक्सटाइल से ढकने का काम चल रहा है। ब्लास्ट के दौरान एमराल्ड कोर्ट और एटीएस के सात टावरों को भी जिओ फाइबर टेक्सटाइल से ढका जाएगा।
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अगले सप्ताह अंतिम बैठक होगी। इसमें ट्विन टावर गिराने के लिए बनाई गई समिति के सभी स्टेक होल्डर शामिल होंगे। बैठक में ब्लास्ट के प्रारूप पर चर्चा होंगी। इसमें ब्लास्ट कर इमारत को गिराने से लेकर मलबा उठाने तक की योजना का प्रस्तुतिकरण होगा।
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एक अगस्त से लगेगा विस्फोटक
एक अगस्त से ट्विन टावर में विस्फोटक लगाने का काम शुरू हो जाएगा। ट्विन टावर के पिलर में किए गए 10 हजार होल में विस्फोटक लगेगा। इसके अलावा लोहे की जाली लगाई जाएगी। फिर पिलर को छह से सात लेयर में जिओ फाइबर टेक्सटाइल से लपेटा जाएगा, ताकि विस्फोट के दौरान पिलर का मलबा इधर उधर न उड़े और पिलर अपने स्थान पर ही ढह जाए।
500 से अधिक पुलिसकर्मियों का होगा सहयोग
ट्विन टावर के अंतिम ब्लास्ट के दिन 500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। अंतिम ब्लास्ट से पहले रिहर्सल भी होगी। इसमें सुरक्षा के बाबत निरीक्षण आदि होंगे, जहां भी कमी दिखेगी। उसे दूर करने का काम किया जाएगा, ताकि अंतिम ब्लास्ट के दौरान किसी तरह की चूक न हो सके।