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Noida News: बीमा था, लेकिन वक्त पर नहीं… आयोग ने खारिज की शिकायत
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जिला उपभोक्ता आयोग
बीमा पॉलिसी लागू होने से पहले हुआ हादसा, नहीं मिलेगी क्षतिपूर्ति
- जिला उपभोक्ता आयोग ने शिशोदिया ट्रैवल्स के वाद को किया खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जिला उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में शिशोदिया ट्रैवल्स की शिकायत खारिज कर दी है। यह फैसला वाहन दुर्घटना के समय बीमा पॉलिसी प्रभावी न होने के कारण आया। आयोग ने कहा कि बीमा कंपनी ऐसे मामलों में क्षतिपूर्ति देने के लिए बाध्य नहीं है।
नोएडा के सेक्टर-18 स्थित शिशोदिया ट्रैवल्स के प्रतिनिधि नीरज कुमार ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से अपने वाहन का बीमा कराया था। इसके लिए 21,572 रुपये प्रीमियम जमा किया गया था और वाहन का बीमित मूल्य 5.19 लाख रुपये निर्धारित था। बीमा पॉलिसी 17 जुलाई 2017 से प्रभावी होनी थी। हालांकि, वाहन 15 जुलाई 2017 की शाम करीब आठ बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस रिपोर्ट 17 जुलाई को प्राप्त की। उसी दिन बीमा कंपनी को दुर्घटना की सूचना भी दी गई। बीमा कंपनी ने दावे को गैर-मानक मानते हुए भुगतान से इन्कार कर दिया।
आयोग का फैसला : आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजू शर्मा ने मामले की सुनवाई की। आयोग ने पाया कि बीमा पॉलिसी दुर्घटना के दो दिन बाद प्रभावी हुई थी। बीमा कंपनी की क्षतिपूर्ति की जिम्मेदारी तभी बनती है, जब दुर्घटना के समय जोखिम पॉलिसी के तहत कवर हो। पॉलिसी प्रभावी होने से पहले हुई दुर्घटना को उसके तहत कवर नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर आयोग ने शिशोदिया ट्रैवल्स की शिकायत खारिज कर दी।
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बीमा पॉलिसी लागू होने से पहले हुआ हादसा, नहीं मिलेगी क्षतिपूर्ति
- जिला उपभोक्ता आयोग ने शिशोदिया ट्रैवल्स के वाद को किया खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जिला उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में शिशोदिया ट्रैवल्स की शिकायत खारिज कर दी है। यह फैसला वाहन दुर्घटना के समय बीमा पॉलिसी प्रभावी न होने के कारण आया। आयोग ने कहा कि बीमा कंपनी ऐसे मामलों में क्षतिपूर्ति देने के लिए बाध्य नहीं है।
नोएडा के सेक्टर-18 स्थित शिशोदिया ट्रैवल्स के प्रतिनिधि नीरज कुमार ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से अपने वाहन का बीमा कराया था। इसके लिए 21,572 रुपये प्रीमियम जमा किया गया था और वाहन का बीमित मूल्य 5.19 लाख रुपये निर्धारित था। बीमा पॉलिसी 17 जुलाई 2017 से प्रभावी होनी थी। हालांकि, वाहन 15 जुलाई 2017 की शाम करीब आठ बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस रिपोर्ट 17 जुलाई को प्राप्त की। उसी दिन बीमा कंपनी को दुर्घटना की सूचना भी दी गई। बीमा कंपनी ने दावे को गैर-मानक मानते हुए भुगतान से इन्कार कर दिया।
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आयोग का फैसला : आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजू शर्मा ने मामले की सुनवाई की। आयोग ने पाया कि बीमा पॉलिसी दुर्घटना के दो दिन बाद प्रभावी हुई थी। बीमा कंपनी की क्षतिपूर्ति की जिम्मेदारी तभी बनती है, जब दुर्घटना के समय जोखिम पॉलिसी के तहत कवर हो। पॉलिसी प्रभावी होने से पहले हुई दुर्घटना को उसके तहत कवर नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर आयोग ने शिशोदिया ट्रैवल्स की शिकायत खारिज कर दी।
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