{"_id":"6a8da65ad00f38ea3709cb90","slug":"fgds-grnoida-news-c-23-1-lko1064-104124-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: 181 करोड़ जीएसटी फर्जीवाड़े के मामलों में आरोपी की की जमानत खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: 181 करोड़ जीएसटी फर्जीवाड़े के मामलों में आरोपी की की जमानत खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
(अदालत से)-कोर्ट ने कहा- जांच अभी जारी, जमानत के आधार नाकाफी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना कासना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के जरिए फर्मों का जीएसटी पंजीकरण कराकर 181 करोड़ रुपये के राजस्व की चपत लगाने के दो बहुचर्चित मामलों में आरोपी गौरव शर्मा की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दीं। पहला मामला कासना से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार वादी प्रशांत ने 5 दिसंबर 2025 को थाना कासना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें बताया गया कि सर्वश्री मल्टीकॉम इंटरनेशनल नामक फर्म का पंजीयन बी-15 इकोटेक एक्सटेंशन कासना ग्रेटर नोएडा पते पर फर्म स्वामी विजय खुल्लर के नाम से फर्जी प्रपत्रों के आधार पर कराया गया, जिससे सरकार को 156.88 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची।
दूसरा मामला भी कासना से संबंधित है। जिसमें उसी पते पर सिद्धि विनायक एक्सपोर्ट्स नामक फर्म का पंजीयन फर्म स्वामी विकास मिश्रा के नाम से कराया गया था। इस मामले में सरकार को 24 करोड़ 91 लाख 89 हजार 199 रुपये की राजस्व क्षति होने का आरोप है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों मामलों में आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किए जा चुके हैं।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी का नाम न तो प्राथमिकी में था और न ही जांच के शुरुआती चरण में शामिल था। आरोपी 20 अप्रैल 2026 से दिल्ली के प्रीत विहार थाने के एक अन्य मामले में पहले से न्यायिक अभिरक्षा में मंडोली जेल में बंद है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने मामलों की गंभीरता व प्रकृति को देखते हुए जमानत के आधार अपर्याप्त मानते हुए दोनों अर्जियां निरस्त कर दीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना कासना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के जरिए फर्मों का जीएसटी पंजीकरण कराकर 181 करोड़ रुपये के राजस्व की चपत लगाने के दो बहुचर्चित मामलों में आरोपी गौरव शर्मा की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दीं। पहला मामला कासना से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार वादी प्रशांत ने 5 दिसंबर 2025 को थाना कासना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें बताया गया कि सर्वश्री मल्टीकॉम इंटरनेशनल नामक फर्म का पंजीयन बी-15 इकोटेक एक्सटेंशन कासना ग्रेटर नोएडा पते पर फर्म स्वामी विजय खुल्लर के नाम से फर्जी प्रपत्रों के आधार पर कराया गया, जिससे सरकार को 156.88 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची।
दूसरा मामला भी कासना से संबंधित है। जिसमें उसी पते पर सिद्धि विनायक एक्सपोर्ट्स नामक फर्म का पंजीयन फर्म स्वामी विकास मिश्रा के नाम से कराया गया था। इस मामले में सरकार को 24 करोड़ 91 लाख 89 हजार 199 रुपये की राजस्व क्षति होने का आरोप है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों मामलों में आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी का नाम न तो प्राथमिकी में था और न ही जांच के शुरुआती चरण में शामिल था। आरोपी 20 अप्रैल 2026 से दिल्ली के प्रीत विहार थाने के एक अन्य मामले में पहले से न्यायिक अभिरक्षा में मंडोली जेल में बंद है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने मामलों की गंभीरता व प्रकृति को देखते हुए जमानत के आधार अपर्याप्त मानते हुए दोनों अर्जियां निरस्त कर दीं।
विज्ञापन