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Noida News: पिता ने आदित्या की कमजोरी को ही बनाया मजबूती
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पिता ने आदित्या की कमजोरी को ही बनाया मजबूती
- बाल पुरस्कार से हुईं सम्मानित, मूकबधिर बैडमिंटन में जीते कई स्वर्ण
- गणतंत्र दिवस की परेड के लिए भी मिला आमंत्रण
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। हाल ही में राष्ट्रपति के हाथों बाल पुरस्कार से सम्मानित हुईं 14 वर्षीय मूकबधिर बैडमिंटन खिलाड़ी आदित्या यादव की इस कमजोरी को ही पिता ने मजबूती में बदल दिया। खुद भी बैडमिंटन खिलाड़ी दिग्विजय सिंह ने बेटी आदित्या को शुरू से ही कड़ा अभ्यास कराया और हर संभव एकेडमी में उनको प्रशिक्षण दिलाया। आदित्या मूकबधिर ओलंपिक सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं। उन्हें गणतंत्र दिवस की परेड के लिए भी आमंत्रित किया गया है।
सेक्टर-104 स्थित सनराइज बैडमिंटन एकेडमी में खेल की बारीकियां सीख रहीं मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली आदित्या ने 2022 में ब्राजील में आयोजित मूकबधिर ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत था। कोच कुसुम सिंह ने बताया कि आदित्या के पिता भी राष्ट्रीय स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। आदित्या उनकी तीसरी संतान है। आदित्या अंडर-17 आयु वर्ग में स्टेट चैंपियन में भी स्वर्ण विजेता रही थीं। इसके अलावा 2022 में ही थाईलैंड में आयोजित मूकबधिर एशिया पेसिफिक चैंपियनशिप में 5 स्वर्ण और नेशनल गेम्स में भी उन्होंने सीनियर व जूनियर वर्ग में कुल पांच पदक जीते। पिता दिग्विजय यादव रेलवे में कार्यरत हैं और मां अंकुर यादव गृहिणी हैं।
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बाल पुरस्कार मिलने पर छलके आंसू :
आदित्या के पिता ने बताया कि जब बेटी को राष्ट्रपति के हाथों बाल पुरस्कार मिला तो उस वक्त आंसू छलक आए। इस पल की गवाह उनकी मां भी बनी। हमें गर्व है कि पीएम व सीएम ने भी उसे बधाई दी है।
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पिता ने आदित्या की कमजोरी को ही बनाया मजबूती
- बाल पुरस्कार से हुईं सम्मानित, मूकबधिर बैडमिंटन में जीते कई स्वर्ण
- गणतंत्र दिवस की परेड के लिए भी मिला आमंत्रण
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। हाल ही में राष्ट्रपति के हाथों बाल पुरस्कार से सम्मानित हुईं 14 वर्षीय मूकबधिर बैडमिंटन खिलाड़ी आदित्या यादव की इस कमजोरी को ही पिता ने मजबूती में बदल दिया। खुद भी बैडमिंटन खिलाड़ी दिग्विजय सिंह ने बेटी आदित्या को शुरू से ही कड़ा अभ्यास कराया और हर संभव एकेडमी में उनको प्रशिक्षण दिलाया। आदित्या मूकबधिर ओलंपिक सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं। उन्हें गणतंत्र दिवस की परेड के लिए भी आमंत्रित किया गया है।
सेक्टर-104 स्थित सनराइज बैडमिंटन एकेडमी में खेल की बारीकियां सीख रहीं मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली आदित्या ने 2022 में ब्राजील में आयोजित मूकबधिर ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत था। कोच कुसुम सिंह ने बताया कि आदित्या के पिता भी राष्ट्रीय स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। आदित्या उनकी तीसरी संतान है। आदित्या अंडर-17 आयु वर्ग में स्टेट चैंपियन में भी स्वर्ण विजेता रही थीं। इसके अलावा 2022 में ही थाईलैंड में आयोजित मूकबधिर एशिया पेसिफिक चैंपियनशिप में 5 स्वर्ण और नेशनल गेम्स में भी उन्होंने सीनियर व जूनियर वर्ग में कुल पांच पदक जीते। पिता दिग्विजय यादव रेलवे में कार्यरत हैं और मां अंकुर यादव गृहिणी हैं।
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बाल पुरस्कार मिलने पर छलके आंसू :
आदित्या के पिता ने बताया कि जब बेटी को राष्ट्रपति के हाथों बाल पुरस्कार मिला तो उस वक्त आंसू छलक आए। इस पल की गवाह उनकी मां भी बनी। हमें गर्व है कि पीएम व सीएम ने भी उसे बधाई दी है।
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