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Farmers Protest In Noida: किसानों ने किया एनटीपीसी भवन का घेराव, अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के आगे अड़े
Mon, 18 Dec 2023 04:30 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 18 Dec 2023 04:30 PM IST
सार
नोएडा में 24 गावों के किसान अपनी मांगों को लेकर एनटीपीसी भवन पहुंचे और चारों ओर से घेराव किया। समिति के अध्यक्ष माननीय सुखबीर खलीफा ने बताया कि पिछले 40 सालों से एनटीपीसी किसानों को बरगला रहा है।
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किसानों का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय किसान परिषद के बैनर तले एनटीपीसी दादरी से प्रभावित 24 ग्राम एनटीपीसी कार्यालय सेक्टर 24 पर नोएडा में धरना कर रहे हैं। किसानों ने एनटीपीसी भवन का घेरा कर लिया है। आज सुबह से ही किसान शिल्प हाट आना शुरू हो गए थे।
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समिति के अध्यक्ष माननीय सुखबीर खलीफा ने बताया कि पिछले 40 सालों से एनटीपीसी किसानों को बरगला रहा है। किसानों के साथ बहुत ज्यादा भेदभाव हुआ है। किसानों की मांग है कि सभी किसानों को समान मुआवजा और रोजगार दिया जाए।
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एनटीपीसी दादरी पर किसानों में कई महीने धरना दिया। रेल रोकने का आह्वान किया। तभी जिला अधिकारी और एडीएम साहब ने किसानों को आश्वस्त किया कि आपकी मांगों को हम मान रहे हैं। कई दौर की वार्ता चली, तब जाकर के डीएम साहब ने माना कि किसानों की मांग जायज है। उनको कलमबद्ध भी किया। किंतु एनटीपीसी प्रशासन आज भी अपनी दोहरी रणनीति पर लगा हुआ है। खलीफा ने स्पष्ट कर दिया जब तक किसानों की मांगों का समाधान नहीं होगा। हम ऐसे ही अडिग रहेंगे।
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एनटीपीसी ने रखी अपनी बात
एनसीआर सहित राष्ट्र हित में बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए दादरी क्षेत्र में नेशनल कैपिटल पावर स्टेशन (एनसीपीएस) की स्टेज-1 का निर्माण वर्ष 1986 से 1995 के बीच किया गया था। भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भी उस समय मौजूद भूमि अधिग्रहण अधिनियम और जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार किया गया था।
इतने वर्ष बीत जाने के बाद कुछ मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों के साथ समय-समय पर विभिन्न वार्ताओं के दौरान एनसीपीएस द्वारा अपना पक्ष रखते हुए अवगत कराया जाता रहा है कि समान मुआवजा और नौकरी देने पर विचार किया जाना अब संभव नहीं है।
एनसीपीएस ने यह भी अवगत करावाया है कि 182 भू-स्थिपितों को उपलब्ध रिक्तियों, उपयुक्तता और पात्रता के आधार पर नियमित रोजगार दिया गया है। वर्तमान में भी एनसीपीएस में विभिन्न ठेकों के तहत किये जा रहे कार्यों में 70 प्रतिशत ठेका श्रमिक भू-विस्थापित एवं समीपवर्ती ग्रामों के लोग ही होते हैं। इससे उनको रोजगार उपलब्ध होता है। साथ ही, ग्रामीणों की समय-समय पर जरूरतों और मांगों का सम्मान करते हुए सीएसआर के अंतर्गत विभिन्न कार्य करवाये जाते हैं।
वर्तमान में गावं खांगोड़ा और सीधीपुर एनटीपीसी के सहयोग से खेल मैदान विकसित करने का कार्य प्रगति पर है। सीएसआर के तहत समीपवर्ती गांवों में मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने, नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित करने, दिव्यांगजन उपकरण वितरित करने, पुस्तकालय भवन का निर्माण करने, स्मार्ट क्लास की स्थापना करने, ऑपन जिम की स्थापना करने, हैंडपंप की स्थापना करने, ड्रेन की सफाई करने और मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति देने जैसे कई कार्य किये जाते हैं। आगे, एनसीपीएस ने ग्रामीणों की मांग का सम्मान करते हुए अस्पताल और डिग्री कॉलेज के संचालन और रखरखाव के लिए व्यवहार्यता रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन के निर्देश के आधार पर कार्रवाई शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।