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देरी से पहुंचे बिजली अधिकारियों को किसानों ने बंधक बनाया
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देरी से पहुंचे बिजली अधिकारियों को किसानों ने बंधक बनाया
नोएडा। किसानों के बुलाने पर भी पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता दलित प्रेरणा स्थल पर चल रहे धरने में नहीं पहुुंचे। कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) व उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) डेढ़ घंटे बाद पहुंचे तो नाराज किसानों ने दोनों अधिकारियों को डेढ़ घंटे तक धरनास्थल पर बंधक बनाए रखा। इसके बाद बिना ज्ञापन दिए ही बैरंग लौटा दिया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि रविवार को 2:45 बजे तक मुख्य अभियंता सभी एसडीओ के साथ धरनास्थल पर नहीं पहुंचे तो बुधवार को किसान पैदल मार्च करते हुए सड़क पर पहुंच जाएंगे और जाम लगा देंगे।
दलित प्रेरणा स्थल पर भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के बैनर तले धरने पर बैठे किसानों की स्थानीय समस्याओं का भी समाधान कराया जा रहा है। किसानों की चेतावनी पर बृहस्पतिवार को प्राधिकरण के ओएसडी संतोष उपाध्याय तय समय से पहले ही पहुंच गए थे। शनिवार को दोपहर 2 बजे विद्युत निगम के मुख्य अभियंता को बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एक्सईएन तरुण कुमार पाठक व एसडीओ प्रेमचंद धरनास्थल पर पहुंचे। तय समय पर अधिकारियों के न पहुंचने से नाराज बैठे किसान नेताओं ने एक्सईएन व एसडीओ को डेढ़ घंटे तक अपने बीच बैठाकर रखा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह ने ज्ञापन देने से इंकार कर दिया और कहा कि ज्ञापन तो मुख्य अभियंता को ही सौंपा जाएगा। इस बीच पुलिस बल की मौजूदगी में किसानों ने नारेबाजी भी की।
राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव मलिक ने एक्सईएन व एसडीओ को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि रविवार को दोपहर पौने दो बजे तक अगर मुख्य अभियंता सभी एसडीओ के साथ धरनास्थल पर नहीं पहुंचे तो बुधवार को धरनास्थल से पैदल मार्च करते हुए किसान दिल्ली-नोएडा लिंक रोड को जाम कर देंगे और विद्युत निगम के दफ्तर पर ताला लगा दिया जाएगा। इसकी जवाबदेही खुद अधिकारियों की होगी। डेढ़ घंटे तक बैठाने के बाद शाम करीब पांच बजे किसानों ने दोनों ही अधिकारियों से बातचीत से इंकार करते हुए उन्हें वापस जाने को कह दिया।
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रास्ते बंद, जगह-जगह जाम से जूझे लोग
किसान आंदोलन की वजह से शहर में जगह-जगह रास्ते बंद होने से 26 दिनों से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को यूपी गेट पर किसानों की संख्या बढ़ने से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया गया। मॉडल टाउन और एनआईबी कट से एनएच-9 की तरफ जाने वाले रास्ते बंद रहे। गाजियाबाद से दिल्ली जाने वालों ने नोएडा के रास्तों का विकल्प अपनाया जिससे सेक्टर-62, दिल्ली-नोएडा लिंक रोड, डीएनडी फ्लाईवे, न्यू अशोक नगर सहित अन्य मार्गों पर वाहनों की रफ्तार मंद रही।
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नोएडा। किसानों के बुलाने पर भी पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता दलित प्रेरणा स्थल पर चल रहे धरने में नहीं पहुुंचे। कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) व उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) डेढ़ घंटे बाद पहुंचे तो नाराज किसानों ने दोनों अधिकारियों को डेढ़ घंटे तक धरनास्थल पर बंधक बनाए रखा। इसके बाद बिना ज्ञापन दिए ही बैरंग लौटा दिया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि रविवार को 2:45 बजे तक मुख्य अभियंता सभी एसडीओ के साथ धरनास्थल पर नहीं पहुंचे तो बुधवार को किसान पैदल मार्च करते हुए सड़क पर पहुंच जाएंगे और जाम लगा देंगे।
दलित प्रेरणा स्थल पर भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के बैनर तले धरने पर बैठे किसानों की स्थानीय समस्याओं का भी समाधान कराया जा रहा है। किसानों की चेतावनी पर बृहस्पतिवार को प्राधिकरण के ओएसडी संतोष उपाध्याय तय समय से पहले ही पहुंच गए थे। शनिवार को दोपहर 2 बजे विद्युत निगम के मुख्य अभियंता को बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एक्सईएन तरुण कुमार पाठक व एसडीओ प्रेमचंद धरनास्थल पर पहुंचे। तय समय पर अधिकारियों के न पहुंचने से नाराज बैठे किसान नेताओं ने एक्सईएन व एसडीओ को डेढ़ घंटे तक अपने बीच बैठाकर रखा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह ने ज्ञापन देने से इंकार कर दिया और कहा कि ज्ञापन तो मुख्य अभियंता को ही सौंपा जाएगा। इस बीच पुलिस बल की मौजूदगी में किसानों ने नारेबाजी भी की।
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राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव मलिक ने एक्सईएन व एसडीओ को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि रविवार को दोपहर पौने दो बजे तक अगर मुख्य अभियंता सभी एसडीओ के साथ धरनास्थल पर नहीं पहुंचे तो बुधवार को धरनास्थल से पैदल मार्च करते हुए किसान दिल्ली-नोएडा लिंक रोड को जाम कर देंगे और विद्युत निगम के दफ्तर पर ताला लगा दिया जाएगा। इसकी जवाबदेही खुद अधिकारियों की होगी। डेढ़ घंटे तक बैठाने के बाद शाम करीब पांच बजे किसानों ने दोनों ही अधिकारियों से बातचीत से इंकार करते हुए उन्हें वापस जाने को कह दिया।
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रास्ते बंद, जगह-जगह जाम से जूझे लोग
किसान आंदोलन की वजह से शहर में जगह-जगह रास्ते बंद होने से 26 दिनों से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को यूपी गेट पर किसानों की संख्या बढ़ने से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया गया। मॉडल टाउन और एनआईबी कट से एनएच-9 की तरफ जाने वाले रास्ते बंद रहे। गाजियाबाद से दिल्ली जाने वालों ने नोएडा के रास्तों का विकल्प अपनाया जिससे सेक्टर-62, दिल्ली-नोएडा लिंक रोड, डीएनडी फ्लाईवे, न्यू अशोक नगर सहित अन्य मार्गों पर वाहनों की रफ्तार मंद रही।