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किसानों ने कहा, नहीं मिला मुआवजा
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किसानों ने कहा, नहीं मिला मुआवजा
नूंह। जिले के साथ क्षेत्र में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस का कार्य तेजी से चल रहा है। इस मार्ग के निर्माण कार्य से पूर्व सरकार ने किसानों की जमीन को अधिग्रहण कर मुआवजा को देने का दावा किया है लेकिन किसानों से जमीन लेने के बाद भी अभी तक उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया है, जिस कारण क्षेत्र के किसानों में प्रशासन के प्रति रोष है। नूंह उपमंडल के गांव खेड़ा खलीलपुर के दर्जनों किसानों ने बुधवार को एक बैठक कर सरकार व प्रशासन के प्रति अपना रोष जताया है। किसान बलजीत, खेमचंद, रतीराम, गंगाराम, ओमप्रकाश, राजबीर, नत्थी, दया, किशन, सतबीर और अनिल ने बताया कि हाइवे के निर्माण के लिए उनके खेतों की खड़ी फसल को उजाड़ दिया गया है। जमीन को सरकार ने अधिग्रहण भी कर लिया गया है, जबकि उनकी जमीन का उन्हें एक पैसा नहीं दिया गया है। इस बारे में वह कई बार उपायुक्त सहित जिला राजस्व अधिकारी से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। वह जिला मुख्यालय के चक्कर काट कर थक चुके हैं। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द उन्हें उनकी जमीन का मुआवजा नहीं दिया जाता है, तो वे धरने पर बैठकर सरकार के प्रति विरोध जताएंगे। केंद्र सरकार द्वारा हजारों करोड़ रुपये की लागत से दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस मार्ग पर केंद्र सरकार करीब एक लाख करोड़ रुपये की राशि खर्च कर रही है, इससे पूर्व फिरोजपुर झिरका के कई दर्जन गांवों के लोग मुआवजा के लिए अपना रोष प्रकट कर चुके हैं
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गांव खेड़ा खलीलपुर व आसपास के अन्य गांवों के किसानों का मुआवजा किसानों को बांटा गया है। अगर अभी भी कोई किसान मुआवजे से वंचित है, तो वह उनके कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। किसानों की जमीन का एक-एक पैसा दिया जाएगा। किसानों को किसी प्रकार की चिंता की जरूरत नहीं है।
कुलबीर सिंह, जिला राजस्व अधिकारी नूंह।
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नूंह। जिले के साथ क्षेत्र में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस का कार्य तेजी से चल रहा है। इस मार्ग के निर्माण कार्य से पूर्व सरकार ने किसानों की जमीन को अधिग्रहण कर मुआवजा को देने का दावा किया है लेकिन किसानों से जमीन लेने के बाद भी अभी तक उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया है, जिस कारण क्षेत्र के किसानों में प्रशासन के प्रति रोष है। नूंह उपमंडल के गांव खेड़ा खलीलपुर के दर्जनों किसानों ने बुधवार को एक बैठक कर सरकार व प्रशासन के प्रति अपना रोष जताया है। किसान बलजीत, खेमचंद, रतीराम, गंगाराम, ओमप्रकाश, राजबीर, नत्थी, दया, किशन, सतबीर और अनिल ने बताया कि हाइवे के निर्माण के लिए उनके खेतों की खड़ी फसल को उजाड़ दिया गया है। जमीन को सरकार ने अधिग्रहण भी कर लिया गया है, जबकि उनकी जमीन का उन्हें एक पैसा नहीं दिया गया है। इस बारे में वह कई बार उपायुक्त सहित जिला राजस्व अधिकारी से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। वह जिला मुख्यालय के चक्कर काट कर थक चुके हैं। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द उन्हें उनकी जमीन का मुआवजा नहीं दिया जाता है, तो वे धरने पर बैठकर सरकार के प्रति विरोध जताएंगे। केंद्र सरकार द्वारा हजारों करोड़ रुपये की लागत से दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस मार्ग पर केंद्र सरकार करीब एक लाख करोड़ रुपये की राशि खर्च कर रही है, इससे पूर्व फिरोजपुर झिरका के कई दर्जन गांवों के लोग मुआवजा के लिए अपना रोष प्रकट कर चुके हैं
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गांव खेड़ा खलीलपुर व आसपास के अन्य गांवों के किसानों का मुआवजा किसानों को बांटा गया है। अगर अभी भी कोई किसान मुआवजे से वंचित है, तो वह उनके कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। किसानों की जमीन का एक-एक पैसा दिया जाएगा। किसानों को किसी प्रकार की चिंता की जरूरत नहीं है।
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कुलबीर सिंह, जिला राजस्व अधिकारी नूंह।