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आम्रपाली के प्रोजेक्ट में एफएआर की होगी नीलामी
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नोएडा। सेक्टर-76 स्थित आम्रपाली के प्रोजेक्ट में फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) की नीलामी नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनबीसीसी) करेगी। इस एफएआर को खरीदने वाला यहां 210 नए फ्लैट का निर्माण कर सकेगा। एफएआर बेचने से मिली रकम का उपयोग आम्रपाली के अधूरे फ्लैटों के निर्माण कार्य को पूरा करने में लगेगा। यहां एफएआर खरीदने वाले को 2.6 लाख वर्ग फीट जगह फ्लैट बनाने के लिए मिलेगी।
दरअसल, एनबीसीसी ने आम्रपाली के प्रोजेक्ट लेते समय 176 नए फ्लैट बनाने के लिए अनुमति मांगी थी। यह फ्लैट या तो खाली जमीन पर बनेंगे या फिर पहले से किए गए निर्माण के ऊपरी तल पर इसका निर्माण होगा। इस बारे में स्पष्ट आदेश आया था। इसी के तहत एफएआर की नीलामी होगी। एनबीसीसी ने रेलटेल को ई-नीलामी के लिए नियुक्त किया है। आवेदकों को एनबीसीसी के नीलामी के लिए बनाई गई वेबसाइट पर जाकर खुद को रजिस्टर कराना होगा। इसका लिंक एनबीसीसी के वेबसाइट पर उपलब्ध है। रजिस्टर कराने के बाद वह नीलामी में हिस्सा ले सकेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, इसका बेस प्राइज करीब 40 करोड़ रखा गया है। इसकी ऑनलाइन बोली 3 सितंबर को होगी। सफल आवेदक को एक तय समय में नए फ्लैट के निर्माण का कार्य पूरा करना होगा। इसके बाद वही बिल्डर इसे बेच भी सकेगा। एफएआर बेचने से एनबीसीसी को फंड की उपलब्धता होगी, जिससे वह बाकी बचे काम को पूरा कर सकेगा। इससे पहले एनबीसीसी ने 49 फ्लैटों को बेचने के लिए स्कीम निकाली थी। इसमें से 20 फ्लैटों की बिक्री हुई। हालांकि 29 फ्लैट नहीं बिक पाए। वहीं कुछ आवेदकों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया था।
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ऐसे होती है एफएआर की गणना
एफएआर को फ्लोर एरिया रेशियो कहते हैं। उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति 100 वर्गमीटर जमीन खरीदता है और उसे 2.5 एफएआर मिलता है तो वह 250 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्माण कर सकता है। अगर एफएआर 3 है तो उसका निर्माण क्षेत्र 300 वर्गमीटर होगा। अगर निर्माण स्थल का बेस 100 वर्गमीटर का है तो वह 3 एफएआर के साथ तीन मंजिला इमारत बना सकता है। इस मामले में भी एनबीसीसी को अतिरिक्त एफएआर मिला है, जिसे बेचकर फंड जुटाया जा रहा है, जो भी इसे खरीदेगा। वह यहां अतिरिक्त निर्माण कर सकेगा।
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दरअसल, एनबीसीसी ने आम्रपाली के प्रोजेक्ट लेते समय 176 नए फ्लैट बनाने के लिए अनुमति मांगी थी। यह फ्लैट या तो खाली जमीन पर बनेंगे या फिर पहले से किए गए निर्माण के ऊपरी तल पर इसका निर्माण होगा। इस बारे में स्पष्ट आदेश आया था। इसी के तहत एफएआर की नीलामी होगी। एनबीसीसी ने रेलटेल को ई-नीलामी के लिए नियुक्त किया है। आवेदकों को एनबीसीसी के नीलामी के लिए बनाई गई वेबसाइट पर जाकर खुद को रजिस्टर कराना होगा। इसका लिंक एनबीसीसी के वेबसाइट पर उपलब्ध है। रजिस्टर कराने के बाद वह नीलामी में हिस्सा ले सकेंगे।
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सूत्रों के मुताबिक, इसका बेस प्राइज करीब 40 करोड़ रखा गया है। इसकी ऑनलाइन बोली 3 सितंबर को होगी। सफल आवेदक को एक तय समय में नए फ्लैट के निर्माण का कार्य पूरा करना होगा। इसके बाद वही बिल्डर इसे बेच भी सकेगा। एफएआर बेचने से एनबीसीसी को फंड की उपलब्धता होगी, जिससे वह बाकी बचे काम को पूरा कर सकेगा। इससे पहले एनबीसीसी ने 49 फ्लैटों को बेचने के लिए स्कीम निकाली थी। इसमें से 20 फ्लैटों की बिक्री हुई। हालांकि 29 फ्लैट नहीं बिक पाए। वहीं कुछ आवेदकों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया था।
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ऐसे होती है एफएआर की गणना
एफएआर को फ्लोर एरिया रेशियो कहते हैं। उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति 100 वर्गमीटर जमीन खरीदता है और उसे 2.5 एफएआर मिलता है तो वह 250 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्माण कर सकता है। अगर एफएआर 3 है तो उसका निर्माण क्षेत्र 300 वर्गमीटर होगा। अगर निर्माण स्थल का बेस 100 वर्गमीटर का है तो वह 3 एफएआर के साथ तीन मंजिला इमारत बना सकता है। इस मामले में भी एनबीसीसी को अतिरिक्त एफएआर मिला है, जिसे बेचकर फंड जुटाया जा रहा है, जो भी इसे खरीदेगा। वह यहां अतिरिक्त निर्माण कर सकेगा।