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Noida News: तेरहवीं के बाद परिजन लड़ेंगे बीटेक छात्र के हक की लड़ाई

Tue, 19 Aug 2025 07:53 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 19 Aug 2025 07:53 PM IST
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family will fight for the rights of B.Tech student
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-शारदा विश्वविद्यालय में बीटेक छात्र की आत्महत्या का प्रकरण
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय के बीटेक छात्र शिवम डे की आत्महत्या के मामले में परिजनों ने कहा है कि तेरहवीं के बाद वह ग्रेटर नोएडा लौटकर अपने बेटे के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
छात्र के पिता कार्तिक चंद्र डे ने बताया कि बिहार के गया में पिंड दान और अन्य संस्कारों की प्रक्रिया में करीब 10 दिन का समय लगेगा। इसके बाद वह यहां लौटकर न्याय के लिए अदालत और प्रशासन का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने बताया कि घटना के बाद विश्वविद्यालय को मेल कर जवाब मांगा था, लेकिन अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार फीस तो लेता रहा, लेकिन यह जानकारी नहीं दी गई कि उनका पुत्र अगस्त 2023 से कक्षा में उपस्थित नहीं हो रहा था। यह विश्वविद्यालय की बड़ी लापरवाही है।
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उन्होंने बताया कि मंगलवार को पुनः रिमाइंडर मैसेज भेजा गया। जिस पर कॉलेज प्रशासन ने केवल इतना कहा कि जरूरी दस्तावेज उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिए गए हैं। पिता ने कहा कि फीस वापसी उनकी प्राथमिकता नहीं है। बल्कि यह सवाल है कि जब उनका बेटा विश्वविद्यालय जाना छोड़ चुका था तो उन्हें इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अजीत कुमार ने कहा कि पुलिस जांच में जो भी आवश्यक दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, वह उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय पुलिस को हर संभव सहयोग करेगा। विवि परिजनों को फीस वापस करने को भी तैयार है, लेकिन उनके बैंक खाते का विवरण उपलब्ध नहीं है। वहीं एसीपी ग्रेटर नोएडा विवेक रंजन ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है।
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क्या है मामला
गौरतलब है कि 15 अगस्त को शारदा विश्वविद्यालय से संबद्ध एचएमआर बॉयज हॉस्टल में बीटेक छात्र शिवम डे ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मौके से बरामद सुसाइड नोट में छात्र ने खुद को जिम्मेदार ठहराया था। परिजनों का आरोप है कि बैक आने की वजह से विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कुछ छात्र शिवम को तंग करते थे, जिससे उसने विवि जाना छोड़ दिया था। मां के समझाने पर वह दोबारा कॉलेज जाना चाहता था, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं।
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