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फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज कंपनी का मालिक भाई के साथ गिरफ्तार
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नोएडा। कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने मंगलवार शाम को फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज के मालिक और भाई को सेक्टर-62 से गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक आधार कार्ड मिला है। इसी का इस्तेमाल कर गिरफ्तार मुख्य सरगना ओवैस आलम फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज चला रहा था।मामले में चार आरोपी पहले गिरफ्तार हो चुके हैं।
पुलिस के अनुसार, 25 मई को सेक्टर-62 के आइथम टावर में चल रहे फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा किया गया था। इसमें पुलिस ने मुरादाबाद निवासी ओवैस समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपी कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय कॉल को सर्वर के माध्यम से लोकल कॉल में बदलकर भारत सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचा रहे थे। मामले में कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस की टीम ने बापूधाम गाजियाबाद निवासी विक्रम सिंह और संजय उर्फ भूपेंद्र को गिरफ्तार किया है। दोनों सगे भाई हैं और विक्रम सिंह के आधार कार्ड पर सरगना ओवैस फर्जी टेलिफोन एक्सचेंज चला रहा था और इसी आधार कार्ड के नाम पर टाटा टेलीकॉम सर्विसेज से कनेक्शन आदि लिए गए थे। पूछताछ में पता चला है कि दोनों गिरफ्तार आरोपी ओवैस और अन्य लोगों के साथ फर्जी तरीके से कंपनी चला रहे थे।
50 फ़ीसदी हिस्सेदारी थी दोनों भाइयों की
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि ओवैस, विक्रम और संजय की दोस्ती थी। इसमें संजय की तरफ से विक्रम के फर्जी कागजात ओवैस को दिए गए थे। खोड़ा के पत्ते का विक्रम का आधार कार्ड ओवैस को दिया गया था। इसी फर्जी आधार कार्ड पर यह पूरा खेल चल रहा था और इसमें ओवैस व संजय-विक्त्रस्म का 50-50 फ़ीसदी हिस्सेदारी थी।
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गिरफ्तारी के बाद पहुंची आईबी की टीम
विक्रम सिंह और उसके भाई संजय की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियां फिर अलर्ट हो गई हैं। मंगलवार को आईबी की टीम नोएडा पहुंची और भाइयों से पूछताछ की। इसमें आईबी की टीम को अहम सुराग मिले हैं।
कुछ और फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज की मिली जानकारी
गिरोह ने कुछ और भी टेलीफोन एक्सचेंज फर्जी तरीके से खोल रखे हैं। इसके बारे में कमिश्नरेट पुलिस को सुराग मिला है और जल्द ही एक फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा हो सकता है। इस बाबत पुलिस की टीमें लगी हुई हैं और सेटअप के बारे में पता लगा रही है।
फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें एक आरोपी कंपनी का मालिक है और इसके फर्जी आधार कार्ड पर पूरा फर्जीवाड़ा चल रहा था।
- रजनीश वर्मा, एसीपी द्वितीय
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पुलिस के अनुसार, 25 मई को सेक्टर-62 के आइथम टावर में चल रहे फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा किया गया था। इसमें पुलिस ने मुरादाबाद निवासी ओवैस समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपी कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय कॉल को सर्वर के माध्यम से लोकल कॉल में बदलकर भारत सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचा रहे थे। मामले में कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस की टीम ने बापूधाम गाजियाबाद निवासी विक्रम सिंह और संजय उर्फ भूपेंद्र को गिरफ्तार किया है। दोनों सगे भाई हैं और विक्रम सिंह के आधार कार्ड पर सरगना ओवैस फर्जी टेलिफोन एक्सचेंज चला रहा था और इसी आधार कार्ड के नाम पर टाटा टेलीकॉम सर्विसेज से कनेक्शन आदि लिए गए थे। पूछताछ में पता चला है कि दोनों गिरफ्तार आरोपी ओवैस और अन्य लोगों के साथ फर्जी तरीके से कंपनी चला रहे थे।
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50 फ़ीसदी हिस्सेदारी थी दोनों भाइयों की
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि ओवैस, विक्रम और संजय की दोस्ती थी। इसमें संजय की तरफ से विक्रम के फर्जी कागजात ओवैस को दिए गए थे। खोड़ा के पत्ते का विक्रम का आधार कार्ड ओवैस को दिया गया था। इसी फर्जी आधार कार्ड पर यह पूरा खेल चल रहा था और इसमें ओवैस व संजय-विक्त्रस्म का 50-50 फ़ीसदी हिस्सेदारी थी।
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गिरफ्तारी के बाद पहुंची आईबी की टीम
विक्रम सिंह और उसके भाई संजय की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियां फिर अलर्ट हो गई हैं। मंगलवार को आईबी की टीम नोएडा पहुंची और भाइयों से पूछताछ की। इसमें आईबी की टीम को अहम सुराग मिले हैं।
कुछ और फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज की मिली जानकारी
गिरोह ने कुछ और भी टेलीफोन एक्सचेंज फर्जी तरीके से खोल रखे हैं। इसके बारे में कमिश्नरेट पुलिस को सुराग मिला है और जल्द ही एक फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा हो सकता है। इस बाबत पुलिस की टीमें लगी हुई हैं और सेटअप के बारे में पता लगा रही है।
फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें एक आरोपी कंपनी का मालिक है और इसके फर्जी आधार कार्ड पर पूरा फर्जीवाड़ा चल रहा था।
- रजनीश वर्मा, एसीपी द्वितीय