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Noida News: तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर पर पहली सुरंग की खुदाई शुरू
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फेज-4 के तीनों कॉरिडोर पर 2025 में दौड़ेगी मेट्रो, नेटवर्क विस्तार से बड़ी आबादी को मिलेगी राहत
खासतौर पर फरीदाबाद के यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पहुंचना बेहद आसान होगा
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1.27 किमी के दायरे में फिलहाल होगी खुदाई
11 भूमिगत मेट्रो स्टेशन होंगे कॉरिडोर पर
04 पर स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मेेट्रो फेज-4 के तीनों कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। इसी कड़ी मेंं एक और कदम बढ़ाते हुए दिल्ली मेट्रो ने कॉरिडोर की पहली सुरंग की टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) से खुदाई शुरू कर दी है। इस कॉरिडोर पर 11 भूमिगत समेत चार एलिवेटेड स्टेशन होंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए एयरोसिटी, छतरपुर, साकेत और तुगलकाबाद में चार इंटरचेंज स्टेशन बनाए जा रहे हैं। तीनों कॉरिडोर पर 2025 तक मेट्रो सेवाएं शुरू होने से खासतौर पर फरीदाबाद के यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने एयरोसिटी-तुगलकाबाद मेट्रो कॉरिडोर पर टीबीएम से सुरंग की खुदाई की शुरुआत की। छतरपुर और किशनगढ़ स्टेशन के बीच 1.27 किलोमीटर के दायरे में सुरंग खोदने के लिए इस अभियान की शुरुआत की गई है। फेज-4 के 27 किमी तक भूमिगत लाइनों का निर्माण किया जाएगा। दिल्ली मेट्रो फेज-4 के विस्तार के तहत 65 किमी से अधिक दायरे में तीन कॉरिडोर तैयार किए जा रहे हैं। इनमें मजेंटा लाइन का जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग (289 कि.मी), पिंक लाइन का मजलिस पार्क-मौजपुर (12.55 किमी) जबकि सिल्वर लाइन पर तुगलकाबाद से एयरोसिटी (27 किमी) तीसरे कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। सिल्वर लाइन पर मेट्रो सेवाएं शुरू होने से वायलेट और एयरपोर्ट लाइन को जुड़ने का मौका मिलेगा।
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17 रेलवे ट्रैक के नीचे से गुजरेगी मेट्रो
तुगलकाबाद को एयरोसिटी से जोड़ने वाली सिल्वर लाइन 17 रेलवे ट्रैक के नीचे से गुजरेगी। इसके तहत तुगलकाबाद और तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी स्टेशन के बीच पटरियों की संख्या सर्वाधिक होगी। नई मेट्रो लाइन, रेलवे ट्रैक से करीब 23 मीटर नीचे होगी। छत्तरपुर के बीच सुरंग निर्माण के बाद इस हिस्से में भी खंड में सुरंग खोदने के लिए टीबीएम का इस्तेमाल किया जाएगा।
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खासतौर पर फरीदाबाद के यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पहुंचना बेहद आसान होगा
1.27 किमी के दायरे में फिलहाल होगी खुदाई
11 भूमिगत मेट्रो स्टेशन होंगे कॉरिडोर पर
04 पर स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मेेट्रो फेज-4 के तीनों कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। इसी कड़ी मेंं एक और कदम बढ़ाते हुए दिल्ली मेट्रो ने कॉरिडोर की पहली सुरंग की टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) से खुदाई शुरू कर दी है। इस कॉरिडोर पर 11 भूमिगत समेत चार एलिवेटेड स्टेशन होंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए एयरोसिटी, छतरपुर, साकेत और तुगलकाबाद में चार इंटरचेंज स्टेशन बनाए जा रहे हैं। तीनों कॉरिडोर पर 2025 तक मेट्रो सेवाएं शुरू होने से खासतौर पर फरीदाबाद के यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने एयरोसिटी-तुगलकाबाद मेट्रो कॉरिडोर पर टीबीएम से सुरंग की खुदाई की शुरुआत की। छतरपुर और किशनगढ़ स्टेशन के बीच 1.27 किलोमीटर के दायरे में सुरंग खोदने के लिए इस अभियान की शुरुआत की गई है। फेज-4 के 27 किमी तक भूमिगत लाइनों का निर्माण किया जाएगा। दिल्ली मेट्रो फेज-4 के विस्तार के तहत 65 किमी से अधिक दायरे में तीन कॉरिडोर तैयार किए जा रहे हैं। इनमें मजेंटा लाइन का जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग (289 कि.मी), पिंक लाइन का मजलिस पार्क-मौजपुर (12.55 किमी) जबकि सिल्वर लाइन पर तुगलकाबाद से एयरोसिटी (27 किमी) तीसरे कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। सिल्वर लाइन पर मेट्रो सेवाएं शुरू होने से वायलेट और एयरपोर्ट लाइन को जुड़ने का मौका मिलेगा।
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17 रेलवे ट्रैक के नीचे से गुजरेगी मेट्रो
तुगलकाबाद को एयरोसिटी से जोड़ने वाली सिल्वर लाइन 17 रेलवे ट्रैक के नीचे से गुजरेगी। इसके तहत तुगलकाबाद और तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी स्टेशन के बीच पटरियों की संख्या सर्वाधिक होगी। नई मेट्रो लाइन, रेलवे ट्रैक से करीब 23 मीटर नीचे होगी। छत्तरपुर के बीच सुरंग निर्माण के बाद इस हिस्से में भी खंड में सुरंग खोदने के लिए टीबीएम का इस्तेमाल किया जाएगा।
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