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राजनीतिक द्वेष के चलते पदमुक्त किया : रूबीना
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पुन्हाना। पुन्हाना नगरपालिका चेयरपर्सन रूबीना को अर्बन लोकल बॉडी द्वारा पद मुक्त किए जाने के बाद रविवार को उन्होंने प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि सभी काम नियम के मुताबिक किए गए हैं, उन्हें राजनीति की चलते पद से हटाया गया है। प्रदेश भर की नगरपालिका और नगर परिषद के चेयरमैन द्वारा उसको पद मुक्त किए जाने को गलत बताने पर उन्होंने सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उसको इंसाफ जरूर मिलेगा। अगर एक सप्ताह के अंदर उसे इंसाफ नहीं दिया गया तो प्रदेश भर की नगरपालिका व नगर परिषद अपना काम ठप कर विरोध जताएंगी।
उन्होंने पुन्हाना स्थित निवास पर पत्रकारों को दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि हरियाणा अर्बन लोकल बॉडी के चीफ सेक्रेटरी ने उन्हें 20 जुलाई को नूंह के एडीसी की रिपोर्ट के आधार पर पदमुक्त करने के आदेश दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि एडीसी ने कार्यालय में बैठकर रिपोर्ट तैयार की है। वह मौके पर कभी जांच करने नहीं आए जबकि पुन्हाना के दो एसडीएम ने मौके पर जाकर जांच की थी। दोनों ने रिपोर्ट उनके पक्ष में दी है।
उन्होंने बताया कि उनके ऊपर तीन आरोप लगें हैं जिनमें पहला आरोप नई चौपाल बनाने का है जबकि वह चौपाल 2010 में डी प्लान के तहत बनाई गई थी उस समय वह नपा की चेयरमैन थी ही नहीं। दूसरा आरोप यूपी कैनाल पर बिना अनुमति के सड़क बनाने का आरोप है। जबकि इस सड़क के निर्माण की मंजूरी पलवल में बैठे यूपी कैनाल के अधिकारियों से ली गई। तीसरा आरोप आंबेडकर पार्क में चौपाल बनाकर सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने का लगाया गया जबकि यह पार्क करीब 30 साल पहले बना है यहां पर पिछली पंचायतें और नगरपालिका काम करती आ रही है। रूबीना का कहना है कि उसको गलत तरीके से पद मुक्त किए जाने पर प्रदेश भर की नगरपालिका वे नगर परिषद के चेयरमैन की शनिवार को गोहाना सोनीपत में एक बैठक हुई थी जिसमें भी उसके पद मुक्त करने को गलत बताते हुए वहां के भाजपा सांसद को एक ज्ञापन सौंपकर आठ दिन में उसे बहाल करने का सरकार को अल्टीमेटम दिया गया है।
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उन्होंने पुन्हाना स्थित निवास पर पत्रकारों को दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि हरियाणा अर्बन लोकल बॉडी के चीफ सेक्रेटरी ने उन्हें 20 जुलाई को नूंह के एडीसी की रिपोर्ट के आधार पर पदमुक्त करने के आदेश दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि एडीसी ने कार्यालय में बैठकर रिपोर्ट तैयार की है। वह मौके पर कभी जांच करने नहीं आए जबकि पुन्हाना के दो एसडीएम ने मौके पर जाकर जांच की थी। दोनों ने रिपोर्ट उनके पक्ष में दी है।
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उन्होंने बताया कि उनके ऊपर तीन आरोप लगें हैं जिनमें पहला आरोप नई चौपाल बनाने का है जबकि वह चौपाल 2010 में डी प्लान के तहत बनाई गई थी उस समय वह नपा की चेयरमैन थी ही नहीं। दूसरा आरोप यूपी कैनाल पर बिना अनुमति के सड़क बनाने का आरोप है। जबकि इस सड़क के निर्माण की मंजूरी पलवल में बैठे यूपी कैनाल के अधिकारियों से ली गई। तीसरा आरोप आंबेडकर पार्क में चौपाल बनाकर सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने का लगाया गया जबकि यह पार्क करीब 30 साल पहले बना है यहां पर पिछली पंचायतें और नगरपालिका काम करती आ रही है। रूबीना का कहना है कि उसको गलत तरीके से पद मुक्त किए जाने पर प्रदेश भर की नगरपालिका वे नगर परिषद के चेयरमैन की शनिवार को गोहाना सोनीपत में एक बैठक हुई थी जिसमें भी उसके पद मुक्त करने को गलत बताते हुए वहां के भाजपा सांसद को एक ज्ञापन सौंपकर आठ दिन में उसे बहाल करने का सरकार को अल्टीमेटम दिया गया है।
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