{"_id":"683c5b75aa6390ea410ec5e9","slug":"even-young-people-are-becoming-victims-of-heart-attack-noida-news-c-23-1-vns1013-63752-2025-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: कम उम्र के युवा भी हो रहे हार्टअटैक के शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: कम उम्र के युवा भी हो रहे हार्टअटैक के शिकार
विज्ञापन
-जिम्स में आने वाले मरीजों में 20 प्रतिशत 40 से कम उम्र के
खराब जीवनशैली और नशेबाजी बन रही मुख्य कारण
आशीष चौरसिया
ग्रेटर नोएडा। खराब जीवनशैली और स्मोकिंग, अल्कोहल समेत अन्य निकोटिन युक्त पदार्थों के सेवन करने के कारण कम उम्र में ही हार्टअटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के डॉक्टरों का कहना है कि नोएडा, ग्रेनो और यमुना सिटी क्षेत्र अभी नवविकसित क्षेत्र होने के कारण और भी इस तरह के आने वाले मरीजों की संख्या युवाओं की रहती है। इसमें सबसे अधिक खराब जीवनशैली के साथ ही नशेबाजी की लत के मामले देखने को मिल रहे हैं।
जिम्स के मेडिसिन विभाग के डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि हार्ट अटैक के आने वाले मरीजों में करीब 20 प्रतिशत की संख्या 40 वर्ष से कम उम्र होती है। वहीं दिल का दौरा पड़ने से जान गंवाने वालों में करीब 40 प्रतिशत की उम्र 50 वर्ष से कम होती है। धूम्रपान और खराब जीवनशैली कम उम्र में हार्ट फेल के प्रमुख कारण हैं। खराब जीवनशैली और धूम्रपान के कारण धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमना शुरू होता है। शुरुआत में इसके लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। 30-35 साल की उम्र के बाद लक्षण इसके दिखने शुरू होते हैं। तब तक काफी देर हो चुकी होती है। जिसके चलते जिम में कसरत और डांस करते हुए अचानक हार्ट अटैक के मामले दिखाई दे रहे हैं। कम उम्र के लोगों में अनियंत्रित रक्तचाप और शुगर की बीमारी भी हार्टअटैक का खतरा काफी बढ़ा देती है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
युवाओं को जीवनशैली सुधारने की है जरूरतः
युवाओं में अचानक होने वाली हार्ट फेल्योर की घटनाओं को गंभीरता से लेने की जरूरत है। जोखिम कारकों के साथ धूम्रपान और खराब जीवनशैली इसकी प्रमुख वजह हैं। दिल का दौरा पड़ने पर उसे पहचानने की जरूरत है। इसका प्राथमिक इलाज खून पतला करने वाली दवा डॉक्टर की सलाह पर लेनी चाहिए। रक्तदान से हार्ट अटैक का खतरा लगभग पांच फीसदी कम हो जाता है। लगातार मोटापा बढ़ना भी हार्टअटैक का एक बड़ा कारण होता है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -
30 मिनट टहलना या व्यायाम कम करता है 50 फीसदी खतराः
डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि आज के समय में लोग अपने काम में इतना ज्यादा व्यस्त रहते हैं कि वो सुबह उठकर सीधे ऑफिस और ऑफिस से आकर सीधे घर जिस कारण लोग बिल्कुल भी अपने शरीर को आराम नहीं दे पाते हैं। लोगों को सुबह शाम कम से कम 20 से 30 मिनट टहलना चाहिए। रोजाना व्यायाम करना चाहिए। नियमित 30 मिनट टहलने से हार्ट अटैक का खतरा 50 फीसदी तक कम होता है। नियमित टहलने से लोगों में जो लगातार घटता है। इससे हार्टअटैक का खतरे कम होता है।
विज्ञापन
खराब जीवनशैली और नशेबाजी बन रही मुख्य कारण
आशीष चौरसिया
ग्रेटर नोएडा। खराब जीवनशैली और स्मोकिंग, अल्कोहल समेत अन्य निकोटिन युक्त पदार्थों के सेवन करने के कारण कम उम्र में ही हार्टअटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के डॉक्टरों का कहना है कि नोएडा, ग्रेनो और यमुना सिटी क्षेत्र अभी नवविकसित क्षेत्र होने के कारण और भी इस तरह के आने वाले मरीजों की संख्या युवाओं की रहती है। इसमें सबसे अधिक खराब जीवनशैली के साथ ही नशेबाजी की लत के मामले देखने को मिल रहे हैं।
जिम्स के मेडिसिन विभाग के डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि हार्ट अटैक के आने वाले मरीजों में करीब 20 प्रतिशत की संख्या 40 वर्ष से कम उम्र होती है। वहीं दिल का दौरा पड़ने से जान गंवाने वालों में करीब 40 प्रतिशत की उम्र 50 वर्ष से कम होती है। धूम्रपान और खराब जीवनशैली कम उम्र में हार्ट फेल के प्रमुख कारण हैं। खराब जीवनशैली और धूम्रपान के कारण धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमना शुरू होता है। शुरुआत में इसके लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। 30-35 साल की उम्र के बाद लक्षण इसके दिखने शुरू होते हैं। तब तक काफी देर हो चुकी होती है। जिसके चलते जिम में कसरत और डांस करते हुए अचानक हार्ट अटैक के मामले दिखाई दे रहे हैं। कम उम्र के लोगों में अनियंत्रित रक्तचाप और शुगर की बीमारी भी हार्टअटैक का खतरा काफी बढ़ा देती है।
विज्ञापन
युवाओं को जीवनशैली सुधारने की है जरूरतः
युवाओं में अचानक होने वाली हार्ट फेल्योर की घटनाओं को गंभीरता से लेने की जरूरत है। जोखिम कारकों के साथ धूम्रपान और खराब जीवनशैली इसकी प्रमुख वजह हैं। दिल का दौरा पड़ने पर उसे पहचानने की जरूरत है। इसका प्राथमिक इलाज खून पतला करने वाली दवा डॉक्टर की सलाह पर लेनी चाहिए। रक्तदान से हार्ट अटैक का खतरा लगभग पांच फीसदी कम हो जाता है। लगातार मोटापा बढ़ना भी हार्टअटैक का एक बड़ा कारण होता है।
विज्ञापन
30 मिनट टहलना या व्यायाम कम करता है 50 फीसदी खतराः
डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि आज के समय में लोग अपने काम में इतना ज्यादा व्यस्त रहते हैं कि वो सुबह उठकर सीधे ऑफिस और ऑफिस से आकर सीधे घर जिस कारण लोग बिल्कुल भी अपने शरीर को आराम नहीं दे पाते हैं। लोगों को सुबह शाम कम से कम 20 से 30 मिनट टहलना चाहिए। रोजाना व्यायाम करना चाहिए। नियमित 30 मिनट टहलने से हार्ट अटैक का खतरा 50 फीसदी तक कम होता है। नियमित टहलने से लोगों में जो लगातार घटता है। इससे हार्टअटैक का खतरे कम होता है।