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Noida News: दादरी के गांवों में कैंसर की रोकथाम की कवायद शुरू
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-स्वास्थ्य विभाग की टीम जुटा रही आंकड़े और तलाश रही वजह
-निदेशालय को भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
दादरी। एनटीपीसी दादरी के के आसपास दो दर्जन गांवों में कैंसर फैलने को लेकर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम रसूलपुर गांव में जांच के लिए पहुंची। शुरुआती जांच में अधिकतर मरीजों की मौत लिवर कैंसर से होनी पाई गई। ऐसे मरीजों के परिजनों से जरूरी दस्तावेज भी जांच टीम ने जुटाए हैं। गांव में अन्य बीमार लोगों के स्वास्थ्य की जांच भी की गई है।
मंगलवार को पहुंची जांच टीम में शामिल चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी प्यावली डॉ. अमित कुमार ने बताया कि ऐसे परिजनों से हम जानकारी जुटा रहे हैं जिन्होंने कैंसर की वजह से अपनों को खोया है। उनसे इलाज के दौरान कराई गई जांच रिपोर्ट के अलावा दवाओं के बारे में जानकारी और रिकॉर्ड लिए गए हैं। इसके आधार पर एक रिपोर्ट बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी। यह रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय को भी सीएमओ कार्यालय से भेजी जानी है। ताकि, कैंसर की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। इससे पहले सोमवार को खुद डिप्टी सीएमओ डॉ. टीकम सिंह भी गांव में पहुंचे थे और ग्राम प्रधानों से कैंसर के मरीजों को लेकर जानकारी ली थी।
जांच के दौरान डॉ. अमित कुमार की टीम ने पाया कि अधिकांश मरीजों की मौत लिवर कैंसर से हुई है। ऐसे मरीजों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतक बाबू खान, ओमवती, सेवानंद, रामभरोसे, गौरा देवी, बिजेंद्र, प्रेमपाल, देवकी के परिजनों से मुलाकात की। बाबू खान के पिता अल्ला राजी ने बताया कि जांच में उनके बेटे को लिवर कैंसर से मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कैंसर के नियंत्रण के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा।
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प्रभावित गांवों में लगाए जाएंगे स्वास्थ्य शिविर
डॉक्टर अमित कुमार ने बताया कि कैंसर से होने वाली मौत की जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को लेकर गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम शिविर में ग्रामीण मरीजों की जांच करेगी। गांवों में संक्रामक फैलने वाली बीमारी की जांच के साथ-साथ रोकथाम भी की जा सके। आसपास के गांवों में भी जांच शिविर अभियान चलाया जाएगा।
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-निदेशालय को भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
दादरी। एनटीपीसी दादरी के के आसपास दो दर्जन गांवों में कैंसर फैलने को लेकर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम रसूलपुर गांव में जांच के लिए पहुंची। शुरुआती जांच में अधिकतर मरीजों की मौत लिवर कैंसर से होनी पाई गई। ऐसे मरीजों के परिजनों से जरूरी दस्तावेज भी जांच टीम ने जुटाए हैं। गांव में अन्य बीमार लोगों के स्वास्थ्य की जांच भी की गई है।
मंगलवार को पहुंची जांच टीम में शामिल चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी प्यावली डॉ. अमित कुमार ने बताया कि ऐसे परिजनों से हम जानकारी जुटा रहे हैं जिन्होंने कैंसर की वजह से अपनों को खोया है। उनसे इलाज के दौरान कराई गई जांच रिपोर्ट के अलावा दवाओं के बारे में जानकारी और रिकॉर्ड लिए गए हैं। इसके आधार पर एक रिपोर्ट बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी। यह रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय को भी सीएमओ कार्यालय से भेजी जानी है। ताकि, कैंसर की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। इससे पहले सोमवार को खुद डिप्टी सीएमओ डॉ. टीकम सिंह भी गांव में पहुंचे थे और ग्राम प्रधानों से कैंसर के मरीजों को लेकर जानकारी ली थी।
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जांच के दौरान डॉ. अमित कुमार की टीम ने पाया कि अधिकांश मरीजों की मौत लिवर कैंसर से हुई है। ऐसे मरीजों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतक बाबू खान, ओमवती, सेवानंद, रामभरोसे, गौरा देवी, बिजेंद्र, प्रेमपाल, देवकी के परिजनों से मुलाकात की। बाबू खान के पिता अल्ला राजी ने बताया कि जांच में उनके बेटे को लिवर कैंसर से मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कैंसर के नियंत्रण के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा।
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प्रभावित गांवों में लगाए जाएंगे स्वास्थ्य शिविर
डॉक्टर अमित कुमार ने बताया कि कैंसर से होने वाली मौत की जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को लेकर गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम शिविर में ग्रामीण मरीजों की जांच करेगी। गांवों में संक्रामक फैलने वाली बीमारी की जांच के साथ-साथ रोकथाम भी की जा सके। आसपास के गांवों में भी जांच शिविर अभियान चलाया जाएगा।
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