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21वीं सदी के भारत निर्माण के लिए पढ़े-लिखे प्रधानमंत्री की जरूरत : केजरीवाल

Thu, 23 Mar 2023 10:01 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 23 Mar 2023 10:01 PM IST
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Educated Prime Minister needed to build 21st century India: Kejriwal
शहीद दिवस पर आप ने जंतर-मंतर से मोदी हटाओ, देश बचाओ अभियान की शुरुआत की
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मुख्यमंत्री ने कहा - सारा दिन चिड़़चिड़े और गुस्से में रहते हैं पीएम, किसे जेल में डालूं

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने शहीद दिवस पर बृहस्पतिवार को जंतर-मंतर पर सभा आयोजित कर ‘मोदी हटाओ, देश बचाओ’ अभियान की शुरुआत की। इस दौरान आप ने ऐलान किया कि 30 मार्च को देश के कोने-कोने में ‘मोदी हटाओ, देश बचाओ’ के पोस्टर लगाए जाएंगे। सभा में आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों से पूछा कि क्या 21वीं सदी के भारत का निर्माण करने के लिए पढ़े-लिखे प्रधानमंत्री की जरूरत है। क्या एक कम पढ़े-लिखे प्रधानमंत्री 21वीं सदी के भारत का निर्माण कर सकते हैं। भारत के प्रधानमंत्री पढ़े-लिखे तो होने ही चाहिए।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री को भ्रष्टाचार से परहेज नहीं है। वह कहते हैं कि खूब भ्रष्टाचार करो, लेकिन उनकी पार्टी में आकर करो, जबकि आज देश की सबसे बड़ी समस्या भ्रष्टाचार है। देश में बहुत ज्यादा भ्रष्टाचार हो गया है। प्रधानमंत्री ने लालकिले से खड़े होकर कहा था कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। यह सुनकर जनता को बहुत अच्छा लगा। अगले ही दिन कांग्रेस के एक बड़े नेता के घर सीबीआई के छापे पड़े और बेहिसाब कैश मिला। अगले दिन वे नेता भाजपा में शामिल हो गए तो सारे केस बंद कर दिए गए। तृणमूल कांग्रेस के एक बड़े नेता के घर ईडी-सीबीआई के छापे पड़े और बेहिसाब कैश मिला। बाद में उसने भी भाजपा की सदस्यता ले ली और सारे केस बंद कर दिए गए। इसके बाद देश के लोगों को लगने लगा कि प्रधानमंत्री झूठ बोल रहे हैं। वे भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं लड़ रहे हैं।
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अंग्रेजों के समय भगत सिंह ने खूब पोस्टर चिपकाए थे
दिल्ली में पोस्टर चिपकाने पर हुई एफआईआर पर केजरीवाल कहा कि अंग्रेजों के समय भगत सिंह ने खूब पोस्टर चिपकाए थे, लेकिन एक भी एफआईआर नहीं हुई। भगत सिंह को क्या पता था कि 100 साल बाद एक प्रधानमंत्री पोस्टर चिपकाने पर 138 एफआईआर कर देगा। वहीं, आज देश में किसी महिला के साथ कुछ हो जाए तो उसे एफआईआर दर्ज कराने में नानी याद आ जाती है। चोरी-डकैती, छिनैती, मारपीट और हत्या हो जाए तो भी एफआईआर नहीं होती, लेकिन पोस्टर चिपकाने के जुर्म में 24 घंटे में कई एफआईआर दर्ज कर छह लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया। यह प्रधानमंत्री काे शोभा नहीं देता है। ‘मोदी हटाओ, देश बचाओ’ का पोस्टर ही तो था। किसी ने लगा दिया तो क्या हो गया। प्रधानमंत्री को किस बात का इतना डर है कि वे इतने असुरक्षित हैं कि लोगों को पकड़-पकड़कर जेल में डाल रहे हैं। मुझे अपने खिलाफ पोस्टर लगने पर कोई आपत्ति नहीं है। भाजपा ने मेरे लिए पूरी दिल्ली में पोस्टर लगा दिए हैं। मेरी पुलिस से विनती है कि किसी को गिरफ्तार मत करना। पोस्टर लगाना जनता का हक है। केजरीवाल अच्छे काम करेगा तो जनता जयकार करेगी और बुरे काम करेगा तो जनता पोस्टर भी लगाएगी।
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तीन घंटे की नींद से काम नहीं चलता

केजरीवाल ने कहा कि भाजपा वालों के अनुसार प्रधानमंत्री 18-18 घंटे काम करते हैं और मात्र तीन घंटे ही सोते है, जबकि तीन घंटे की नींद से काम नहीं चलता। एक व्यक्ति को कम से कम छह घंटे की नींद चाहिए होती है। इस कारण प्रधानमंत्री ठीक से सोया करें। नींद नहीं आती है तो गोली ले लिया करें और किसी अच्छे डॉक्टर को दिखा लें। अगर प्रधानमंत्री ठीक से नहीं सोएंगे तो सारा दिन चिड़चिड़े रहेंगे। उनको कभी हंसते हुए नहीं देखा गया है। वे सारा दिन चिड़़चिड़े और गुस्से में रहते हैं कि किसे जेल में डालूं।
भाजपा के लोगों पर भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई नहीं होती
केजरीवाल ने कहा कि कर्नाटक में भाजपा के एक नेता के घर में रेड हो गई। उसके घर से आठ करोड़ रुपये और अगले ही दिन जमानत मिल गई। मनीष सिसोदिया के घर, दफ्तर, बैंक लॉकर और गांव में तीन-तीन बार रेड हुई और कुछ भी नहीं मिला। इसके बाद भी आज तक जमानत नहीं हुई। सत्येंद्र जैन के घर में भी कई रेड हुईं और एक पैसा नहीं मिला, लेकिन आज तक जमानत नहीं मिली।


बेचने वाले ही देश की चादर पकड़ कर खड़े : भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों का हक है। लोग ‘मोदी हटाओ, देश बचाओ’ कह सकते है और देश बिकने की स्थिति में देशभक्त लोग देश की जनता को बता रहे हैं कि देश बिक रहा है। आज ही के दिन अंग्रेजों ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी थी। उन्हें लगता था कि फांसी देने से सब कुछ खत्म हो जाएगा, लेकिन अंग्रेजों ने फांसी उनके शरीर को दी, विचारों को नहीं दे पाए। भगत सिंह को यकीन था कि देश को आजादी मिलेगी, लेकिन उन्हें चिंता थी कि आजादी के बाद यह देश किन हाथों में जाएगा। उनकी चिंता सही थी। आजादी के 75 साल बाद भी देश में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
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