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बार कोड मिलने से कई जिलों के ठेकों तक सांठगांठ की जांच शुरू

Wed, 13 Jan 2021 12:15 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jan 2021 12:15 AM IST
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Due to bar code, contracts for many districts start investigation
कासना फैक्ट्री से बरामद बारकोड लगी शराब - फोटो : Grnoida
बार कोड मिलने से कई जिलों के ठेकों तक सांठगांठ की जांच शुरू
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ग्रेटर नोएडा (जेपी शर्मा)। कासना स्थित फैक्ट्री से बरामद और बुलंदशहर में तस्करी की गई जहरीली शराब की बोतलों पर बार कोड मिले हैं। यही शराब पीने से 6 लोगों और 2 आरोपियों की मौत की बात सामने आई है। इन बार कोड से शराब के असली और नकली होने के अलावा कहां बिक्री की जानी है आदि बातों का पता चलता है। पकड़ी गई शराब में बार कोड मिलने से बड़े स्तर पर गोरखधंधे के संचालित होने की आशंका है। वहीं, इसकी जड़ें कई जिले और शराब के ठेकों तक फैले होने की आशंका के कारण आबकारी विभाग ने गहनता से जांच शुरू कर दी है।
जहरीली शराब पीने से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती आरोपी कालू से पूछताछ के बाद पुलिस ने रविवार को कासना के औद्योगिक क्षेत्र में 36 पेटी शराब बरामद कर जांच के लिए भेजी है। वहीं, मामले में केस दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। बरामद शराब के क्वार्टर पर बार कोड लगे थे। ये बार कोड मुजफ्फरनगर के विभिन्न स्थानों के साथ बुलंदशहर के खुर्जा जंक्शन और अन्य क्षेत्र के थे। इस कारण आबकारी विभाग की टीम को आशंका है कि इस काले कारोबार में किसी ठेके का कर्मचारी भी संलिप्त हो सकता है। जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह ने बताया कि बरामद शराब से बार कोड मिले हैं। बार कोड मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर के अलग-अलग स्थानों के हैं। आशंका है कि शराब वहीं आपूर्ति की जानी थी। अवैध या गांव आदि में शराब बेचने के लिए आरोपी बार कोड का प्रयोग नहीं करते। बार कोड का प्रयोग तभी किया जाता है, जब असली और नकली का भेद को छुपाना हो। इस आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि ठेकों तक आरोपियों की सांठगांठ हो। इसकी गहनता से जांच की जा रही है।
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शशांक ने नीरज को आरोपियों से मिलवाया था
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार बीटा-2 निवासी शशांक त्यागी और दनकौर निवासी नीरज नागर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। शशांक ने आरोपियों से नीरज को और फिर नीरज ने फैक्ट्री मालिक सुरेंद्र शर्मा से मिलवाकर किरायेदारी की एग्रीमेंट कराया था।
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फैक्ट्री में कराई थी आरओ प्लांट की फिटिंग
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने फैक्ट्री में बड़े आरओ प्लांट की फिटिंग कराई थी। हालांकि, इसका प्रयोग शुरू नहीं हुआ था। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन 5 जनवरी को कुछ देर कासना की फैक्ट्री में मिली है। इसके बाद 8 जनवरी को आरोपियों की लोकेशन फैक्ट्री में है। उपचाराधीन आरोपी कालू ने बताया है कि उसने केवल एक पौव्वा पिया था, इसलिए वह बच गया और प्रदीप व संतोष ने अधिक मात्रा में शराब पी थी।
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