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Noida News: चेक बाउंस मामले में सजा बरकरार
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। चेक बाउंस के मामले में दोषी ठहराए गए बुलंदशहर निवासी मनीष कुमार को राहत नहीं मिली है। अदालत ने आरोपी की आपराधिक अपील खारिज करते हुए अतिरिक्त न्यायालय द्वारा 2 अप्रैल 2025 को सुनाई गई एक वर्ष के साधारण कारावास और दो लाख रुपये के अर्थदंड की सजा को बरकरार रखा है।
बादलपुर निवासी मोनू और मनीष कुमार के बीच मित्रवत संबंध थे। मनीष ने अपने निजी कार्य के लिए उससे 1.50 लाख रुपये उधार लिए थे। तय अवधि बीत जाने पर जब रुपये मांगे गए तो मनीष ने 1 लाख रुपये का चेक 15 फरवरी 2020 दिया। यह चेक 29 फरवरी 2020 को भुगतान हेतु लगाया, जो अपर्याप्त धनराशि की टिप्पणी के साथ बाउंस हो गया। इसके बाद कोविड-19 महामारी के चलते देशव्यापी लॉकडाउन लग जाने से नोटिस भेजने में देरी हुई। मनीष कुमार ने चेक अपने खाते का और उस पर अपने हस्ताक्षर होना स्वीकार किया, लेकिन कहा कि उसने रुपये परिवादी से नहीं, बल्कि उसके साले ओमप्रकाश से लिए थे। धनराशि वापस कर दी गई थी, मगर चेक लौटाया नहीं गया और बाद में उसका दुरुपयोग कर लिया गया। अदालत ने अपराध की प्रकृति देखते हुए सजा को अत्यधिक या असंगत नहीं माना गया।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। चेक बाउंस के मामले में दोषी ठहराए गए बुलंदशहर निवासी मनीष कुमार को राहत नहीं मिली है। अदालत ने आरोपी की आपराधिक अपील खारिज करते हुए अतिरिक्त न्यायालय द्वारा 2 अप्रैल 2025 को सुनाई गई एक वर्ष के साधारण कारावास और दो लाख रुपये के अर्थदंड की सजा को बरकरार रखा है।
बादलपुर निवासी मोनू और मनीष कुमार के बीच मित्रवत संबंध थे। मनीष ने अपने निजी कार्य के लिए उससे 1.50 लाख रुपये उधार लिए थे। तय अवधि बीत जाने पर जब रुपये मांगे गए तो मनीष ने 1 लाख रुपये का चेक 15 फरवरी 2020 दिया। यह चेक 29 फरवरी 2020 को भुगतान हेतु लगाया, जो अपर्याप्त धनराशि की टिप्पणी के साथ बाउंस हो गया। इसके बाद कोविड-19 महामारी के चलते देशव्यापी लॉकडाउन लग जाने से नोटिस भेजने में देरी हुई। मनीष कुमार ने चेक अपने खाते का और उस पर अपने हस्ताक्षर होना स्वीकार किया, लेकिन कहा कि उसने रुपये परिवादी से नहीं, बल्कि उसके साले ओमप्रकाश से लिए थे। धनराशि वापस कर दी गई थी, मगर चेक लौटाया नहीं गया और बाद में उसका दुरुपयोग कर लिया गया। अदालत ने अपराध की प्रकृति देखते हुए सजा को अत्यधिक या असंगत नहीं माना गया।
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