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Noida News: गुर्जर समाज ने दस सूत्रीय मांगों को लेकर केंद्र सरकार को भेजा मांग-पत्र
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गुर्जर समाज की राजनीतिक भागीदारी समेत दस सूत्रीय मांगों को लेकर केंद्र सरकार को भेजा मांग-पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी ने कहा कि संगठन की ओर से गुर्जर समाज की राजनीतिक भागीदारी और विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर दस सूत्रीय मांग-पत्र प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री, सांसदों तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि महासभा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि आगामी तीन माह के भीतर संगठन के प्रतिनिधिमंडल के साथ औपचारिक वार्ता आयोजित कर समाज की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की ओर से इस दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की जाती है तो महासभा समाज के लोगों के बीच जाकर आगे की लोकतांत्रिक रणनीति तय करेगी। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों पर चिंता जताते हुए समाज के लोगों से दहेज प्रथा, मृत्यु भोज और अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि महासभा का मुख्य उद्देश्य समाज को शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक सम्मान के साथ राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके अलावा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने पर भी जोर दिया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी ने कहा कि संगठन की ओर से गुर्जर समाज की राजनीतिक भागीदारी और विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर दस सूत्रीय मांग-पत्र प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री, सांसदों तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि महासभा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि आगामी तीन माह के भीतर संगठन के प्रतिनिधिमंडल के साथ औपचारिक वार्ता आयोजित कर समाज की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की ओर से इस दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की जाती है तो महासभा समाज के लोगों के बीच जाकर आगे की लोकतांत्रिक रणनीति तय करेगी। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों पर चिंता जताते हुए समाज के लोगों से दहेज प्रथा, मृत्यु भोज और अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि महासभा का मुख्य उद्देश्य समाज को शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक सम्मान के साथ राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके अलावा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने पर भी जोर दिया गया है।
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