Supertech Twin Towers: तय समय में ट्विन टावर ढहाने पर संशय, सीबीआरआई से अभी तक नहीं मिला क्लीयरेंस
सीबीआरआई ने बैठक में सुपरटेक से संरचनात्मक ऑडिट को लेकर कुछ और दस्तावेज मांगे हैं। अब बिल्डर सात अगस्त तक जानकारी देगा। इसके बाद सभी सूचना प्राप्त कर सीबीआरआई नौ अगस्त तक प्राधिकरण को रिपोर्ट सौंपेगा। प्राधिकरण 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस फाइल करेगा और 12 को सुनवाई होगी।
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सुप्रीम कोर्ट ने हर हाल में 28 अगस्त तक ट्विन टावर गिराने की तिथि तय की है। इसके लिए प्राधिकरण, एडिफिस इंजीनियरिंग समेत कई एजेंसियां काम में जुटी हुई हैं, लेकिन वर्तमान हालात में तय समय में टावर ढहाने पर संशय है। अभी तक सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) ने क्लीयरेंस नहीं दी है।
इस मुद्दे को लेकर प्राधिकरण कार्यालय में शनिवार को आयोजित बैठक में सीईओ रितु माहेश्वरी के अलावा सीबीआरआई, जिला प्रशासन, सुपरटेक, एडिफिस इंजीनियरिंग, जेट डिमोलिशन, गेल, फायर विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे। पहले दो अगस्त से विस्फोटक लगाने की योजना थी, जिसका काम 18 अगस्त तक पूरा करना था। फिर दो दिन अन्य जरूरी निरीक्षण के लिए रखे गए थे और अंतिम तौर पर 21 अगस्त की ब्लास्ट करना था, लेकिन अभी सीबीआरआई ने क्लीयरेंस नहीं दी है।
सीबीआरआई ने बैठक में सुपरटेक से संरचनात्मक ऑडिट को लेकर कुछ और दस्तावेज मांगे हैं। अब बिल्डर सात अगस्त तक जानकारी देगा। इसके बाद सभी सूचना प्राप्त कर सीबीआरआई नौ अगस्त तक प्राधिकरण को रिपोर्ट सौंपेगा। प्राधिकरण 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस फाइल करेगा और 12 को सुनवाई होगी। इस बीच किसी प्रकार की गतिविधि रुकी रहेगी। इसके बाद विस्फोटक लाने-ले जाने या ट्विन टावर में लगाने पर फैसला होगा। ऐसे में तय समय में ट्विन टावर ढहाने की योजना पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
सवाल उठे तो फंस जाएगा अंतिम ब्लास्ट
अधिकारियों का कहना है कि अगर सीबीआरआई ने नौ अगस्त को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में सवाल उठाए तो अंतिम ब्लास्ट फंस जाएगा। सीबीआरआई संरचनात्मक ऑडिट पर सवाल उठा सकता है, क्योंकि ट्विन टावर के आसपास के तीन टावरों के ऑडिट की जानकारी मांगी गई है। यहां सुपरटेक अपने स्तर पर मरम्मत का काम कर रहा है, जबकि इसके लिए पहले सीबीआरआई की क्लीयरेंस मिलनी थी।