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Noida News: कुत्तों और बंदरों ने जेवर पीएचसी में डाला डेरा
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जेवर पीएचसी में जगह-जगह घूमता बंदरों का झुंड।
फोटो
कुत्तों और बंदरों ने कई बार मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को बनाया निशाना, शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
यमुना सिटी (संवाद)। क्षेत्र में रेबीज के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसका इलाज कराने के लिए मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का रुख करते हैं, लेकिन जेवर स्थित पीएचसी की स्थिति खुद मरीजों के लिए खतरा बनती जा रही है। पीएचसी में बंदरों और कुत्तों ने अपना डेरा जमा लिया है, जिसके चलते मरीज वहां इलाज कराने जाने से डर रहे हैं। मरीजों का कहना है कि पीएचसी की प्रयोगशाला के सामने मैदान में हर समय बंदरों का झुंड बैठा रहता है, वहीं आवारा कुत्ते इधर-उधर घूमते रहते हैं। इलाज कराने पहुंचे मरीजों पर कई बार बंदरों और कुत्तों ने हमला भी किया है। लोगों का कहना है कि यहां इलाज के लिए आने से डर लगता है। लोगों ने प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान होना चाहिए, जिससे मरीज बिना किसी डर के इलाज करा सकें।
वर्चन
- कई बार स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों पर भी बंदरों और कुत्तों ने हमला किया है। समस्या के समाधान के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। डॉ सर्फे जेया, सीएचसी अधीक्षक, जेवर
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कुत्तों और बंदरों ने कई बार मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को बनाया निशाना, शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
यमुना सिटी (संवाद)। क्षेत्र में रेबीज के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसका इलाज कराने के लिए मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का रुख करते हैं, लेकिन जेवर स्थित पीएचसी की स्थिति खुद मरीजों के लिए खतरा बनती जा रही है। पीएचसी में बंदरों और कुत्तों ने अपना डेरा जमा लिया है, जिसके चलते मरीज वहां इलाज कराने जाने से डर रहे हैं। मरीजों का कहना है कि पीएचसी की प्रयोगशाला के सामने मैदान में हर समय बंदरों का झुंड बैठा रहता है, वहीं आवारा कुत्ते इधर-उधर घूमते रहते हैं। इलाज कराने पहुंचे मरीजों पर कई बार बंदरों और कुत्तों ने हमला भी किया है। लोगों का कहना है कि यहां इलाज के लिए आने से डर लगता है। लोगों ने प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान होना चाहिए, जिससे मरीज बिना किसी डर के इलाज करा सकें।
वर्चन
- कई बार स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों पर भी बंदरों और कुत्तों ने हमला किया है। समस्या के समाधान के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। डॉ सर्फे जेया, सीएचसी अधीक्षक, जेवर
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